Hardoi Crime: स्कूटी की डीलरशिप देने के नाम पर फ्रॉड, पांच लाख से अधिक की ठगी, वरिष्ठ लिपिक है आरोपी
बीस स्कूटी देकर डीलरशिप शुरू करने के लिए पांच लाख 40 हजार रुपये दिए गए। कुछ दिन बाद पांच इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी भेजी गई। उसके बाद 15 स्कूटी भेजने के लिए फोन किया, तो फ्राड करने वालों ने फोन उठाना बंद कर दिया।
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हरदोई जिले में पाली कस्बे के एक व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी की एजेंसी देने के नाम पर पांच लाख की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। रुपये वापस न देने पर पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फर्जीवाड़ा करने वाला बांदा जनपद में भूमि संरक्षण कार्यालय में लिपिक पद पर तैनात है।
कस्बा के मोहल्ला सराय सैफ निवासी रजनीकांत बाजपेई ने बताया कि 15 मई 2022 को उसके आवास पर जेपी श्रीवास्तव और उनका बेटा विवेक श्रीवास्तव डॉक्टर सौरभ पाठक के साथ आए थे। बताया कि उनकी इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी की कंपनी है। इसकी डायरेक्टर उसकी पत्नी आरती हैं।
स्कूटी की डीलरशिप लेने के लिए डॉक्टर सौरभ के माध्यम से बातचीत पक्की हुई। 20 स्कूटी देकर डीलरशिप शुरू करने के लिए पांच लाख 40 हजार रुपये दिए गए। कुछ दिन बाद पांच इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी भेजी गई। उसके बाद 15 स्कूटी भेजने के लिए फोन किया, तो फ्राड करने वालों ने फोन उठाना बंद कर दिया।
जेपी श्रीवास्तव के बारे में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि वह भूमि संरक्षण अधिकारी (द्वितीय) कार्यालय जनपद बांदा में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत है। रुपया मांगने पर देने से मना कर दिया। इंस्पेक्टर राजकुमार पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरती श्रीवास्तव, जेपी श्रीवास्तव, विवेक रंजन, प्रभात रंजन श्रीवास्तव पर फ्राड करके रुपये हड़पने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है।