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Hardoi News: गैरइरादतन हत्या में पिता-पुत्र समेत चार को 10-10 साल की सजा
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हरदोई। लगभग 11 साल पुराने गैरइरादतन हत्या के मामले में अपर जिला जज (एफटीसी महिला) सुनील कुमार सिंह ने पिता-पुत्र समेत एक ही परिवार के चार लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई। पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी चारों अभियुक्तों पर लगाया। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
पिहानी कस्बे के मोहल्ला नागर निवासी सायरा बेगम ने 16 मई 2013 को पिहानी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह अपने मकान की छत पर लेटी थीं। रात लगभग डेढ़ बजे इलियास अपने पुत्रों मुस्ताक और साजिद, मुस्ताक का पुत्र मोनिस और परिवार के ही महताब के साथ आ गए। सायरा बेगम को लाठी-डंडों से पीटा और मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। घटना में सायरा गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उन्हें सीएचसी पिहानी से जान का खतरा बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने पहले जान से मारने के उद्देश्य से ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। सायरा की मौत होने के बाद इसमें गैरइरादतन हत्या की धाराएं बढ़ाई गई थीं। मुकदमे की सुनवाई के दौरान इलियास की मौत हो गई थी। सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज सुनील कुमार सिंह ने मुस्ताक, उसके भाई साजिद, पुत्र महताब और परिवार के ही मोनिस को 10-10 साल की सजा सुनाई।
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पिहानी कस्बे के मोहल्ला नागर निवासी सायरा बेगम ने 16 मई 2013 को पिहानी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह अपने मकान की छत पर लेटी थीं। रात लगभग डेढ़ बजे इलियास अपने पुत्रों मुस्ताक और साजिद, मुस्ताक का पुत्र मोनिस और परिवार के ही महताब के साथ आ गए। सायरा बेगम को लाठी-डंडों से पीटा और मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। घटना में सायरा गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उन्हें सीएचसी पिहानी से जान का खतरा बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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पुलिस ने पहले जान से मारने के उद्देश्य से ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। सायरा की मौत होने के बाद इसमें गैरइरादतन हत्या की धाराएं बढ़ाई गई थीं। मुकदमे की सुनवाई के दौरान इलियास की मौत हो गई थी। सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज सुनील कुमार सिंह ने मुस्ताक, उसके भाई साजिद, पुत्र महताब और परिवार के ही मोनिस को 10-10 साल की सजा सुनाई।
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