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परिक्रमार्थियों पर फूलों की वर्षा
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बेनीगंज। श्रीराम जय राम जय जय राम भजन के बोल पर झूमते हुए 84 कोसी परिक्रमा रविवार सुबह तीसरे पड़ाव कोथावां के उमरारी पहुंची।
कमेटी अध्यक्ष नन्हकू दास की अगुवाई में पहुंचे श्रद्धालुओं का यहां पर माल्यार्पण और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इसके बाद पड़ाव स्थल पर विश्राम के लिए डेरा डाल दिया।
यहां कछौना नगर पंचायत व बेनीगंज नगर पंचायत द्वारा जगह-जगह साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ पानी के स्टाल लगाए गए। भंडारे आयोजित किए गए। डेरा डाले जाने के बाद संतों और श्रद्धालुओं के पंडालों में हवन-पूजन, भजन सत्संग शुरू हो गए जो देर रात चलते रहे।
आसपास के गांव अटवा मुठिया, गिधरपुर, कोरोकला जमुखिया, कमलापुर, बेनीगंज क्षेत्र के भारी संख्या के ग्रामीण पहुंचे थे। इस दौरान ईओ कछौना रेणुका यादव, उमरारी प्रधान मुन्नी देवी, विपुल वर्मा आदि रहे।
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उधर, 84 कोसी परिक्रमा में सिर पर तुलसी का पौधा धारण कर महाराष्ट्र पुणे राज्य से आईं 20 महिला परिक्रमा कर रहीं हैं। इसके साथ ही नेपाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, ग्वालियर, सिक्किम के श्रद्धालु भी शामिल हैं।
संत व परिक्रमार्थी हाथी, घोड़ा, पालकी, रथ, साइकिल व ट्रैक्टर-ट्राली आदि से भी चल रहे हैं। परिक्रमार्थियों द्वारा आसपास बाग बगीचे का खेत में डेरा डालकर विश्राम किया गया। रात में पंडाल में एक दिवसीय भागवत कथा कर रात्रि जागरण का भी आयोजन किया जा रहा है।
परिक्रमा मेले में हुईं चोरियां
मेला देखने पहुंची कोथावां के गड़खरी निवासी मीना देवी समेत कई महिलाओं के कुंडल नोच लिए गए, तो कुछ परिक्रमार्थियों की जेब काटकर चोर भाग गए। संदेह के आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन उनके पास से कुछ बरामद नहीं हुआ।
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कमेटी अध्यक्ष नन्हकू दास की अगुवाई में पहुंचे श्रद्धालुओं का यहां पर माल्यार्पण और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इसके बाद पड़ाव स्थल पर विश्राम के लिए डेरा डाल दिया।
यहां कछौना नगर पंचायत व बेनीगंज नगर पंचायत द्वारा जगह-जगह साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ पानी के स्टाल लगाए गए। भंडारे आयोजित किए गए। डेरा डाले जाने के बाद संतों और श्रद्धालुओं के पंडालों में हवन-पूजन, भजन सत्संग शुरू हो गए जो देर रात चलते रहे।
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आसपास के गांव अटवा मुठिया, गिधरपुर, कोरोकला जमुखिया, कमलापुर, बेनीगंज क्षेत्र के भारी संख्या के ग्रामीण पहुंचे थे। इस दौरान ईओ कछौना रेणुका यादव, उमरारी प्रधान मुन्नी देवी, विपुल वर्मा आदि रहे।
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उधर, 84 कोसी परिक्रमा में सिर पर तुलसी का पौधा धारण कर महाराष्ट्र पुणे राज्य से आईं 20 महिला परिक्रमा कर रहीं हैं। इसके साथ ही नेपाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, ग्वालियर, सिक्किम के श्रद्धालु भी शामिल हैं।
संत व परिक्रमार्थी हाथी, घोड़ा, पालकी, रथ, साइकिल व ट्रैक्टर-ट्राली आदि से भी चल रहे हैं। परिक्रमार्थियों द्वारा आसपास बाग बगीचे का खेत में डेरा डालकर विश्राम किया गया। रात में पंडाल में एक दिवसीय भागवत कथा कर रात्रि जागरण का भी आयोजन किया जा रहा है।
परिक्रमा मेले में हुईं चोरियां
मेला देखने पहुंची कोथावां के गड़खरी निवासी मीना देवी समेत कई महिलाओं के कुंडल नोच लिए गए, तो कुछ परिक्रमार्थियों की जेब काटकर चोर भाग गए। संदेह के आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन उनके पास से कुछ बरामद नहीं हुआ।