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बाढ़ दे गई दर्द: झोपड़ियां गिरीं, घरों में भरा कीचड़, फैल रहीं बीमारियां

Thu, 21 Sep 2023 11:13 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:13 PM IST
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Flood gave pain: huts collapsed, houses filled with mud, diseases spreading
संवाद न्यूज एजेंसी
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हरदोई। बाढ़ का पानी नदियों में तेजी से कम हो रहा है। पानी कम होने के साथ घरों की और लौट रहे प्रभावितों को दर्द मिल रहा है। बाढ़ से झापड़ियां गिरीं हैं और घरों व आसपास कीचड़ हो गया है। पानी निकलने के बाद झाेपड़ियों की दीवारें दरक रहीं हैं और प्रभावित परिवारों के सामने गृहस्थी दोबारा बसाने के साथ ही सिर छिपाने के लिए साये का भी संकट खड़ा हो गया है।
गंगा, रामगंगा व गर्रा नदियों में करीब डेढ़ माह में दो-दो बार की बाढ़ ने बिलग्राम क्षेत्र के कटरी व हरपालपुर क्षेत्र के कटियारी के लोगों को परेशान कर रख दिया। 72 गांवों के लोगों ने अब नदियों में तेजी से कम हो रहे पानी के चलते घरों को फिर से सजाना-संवारना शुरू किया। बिलग्राम के कटरी क्षेत्र में कटरी बिछुइया के मजरा गन्नीपुरवा सहित कई गांवों के लोगों के सामने झोपड़ियां गिर जाने से सर छिपाने तक की समस्या हो गई है।
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घरों तक पानी भरने से बेघर हुए गन्नीपुरवा, चिंरजूपरवा सहित अन्य गांवों के प्रभावित लोग अब पानी कम होने पर गांवों की ओर वापस आए तो, झोपड़ियां गिरीं और घरों व आसपास कीचड़ मिल रहा है। निचले स्थानों पर जलभराव भी मिल रहा है। बाढ़ का पानी कम होने और तेज धूप के कारण मकानों की दीवारें दरक रहीं हैं।
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फोटो-26- बिलग्राम सीएचसी में जांच केंद्र पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
एक डॉक्टर बीमार तो, दूसरे प्राप्त कर रहे प्रशिक्षण, संक्रामक बीमारियां पसार रहीं पांव
बाढ़ प्रभावित तहसील में स्वास्थ्य सेवाओं, सुविधाओं के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही जरूरमंद लोगों का सहारा है। यहां पर तैनात डॉ. अमित यादव बीमार हैं और वह अस्पताल नहीं आ रहे हैं। दूसरे डॉ. रविकांत प्रशिक्षण में गए हैं। दो डॉक्टरों की कमी से बीमारी से पीड़ित चिकित्सीय सलाह व उपचार के लिए भटकते रहते हैं।
अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने दोनों चिकित्सकों की कमी की पुष्टि की है। बुखार से पीड़ित राजेंद्र, देवेंद्र, ऊषा व खुशनुमा आदि ने बताया कि दवा लेने आईं थीं पर, ओपीडी में कोई डॉक्टर ही नहीं मिला। बाढ़ का पानी होने के साथ ही संक्रामक बीमारियों ने तेजी से पांव पसारे हैं। एक पखवाड़ा से पूरे क्षेत्र में बुखार, वायरल व मलेरिया से बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं।जांच में भी मलेरिया व एक मरीज में संदिग्ध डेंगू के लक्षण पाए गए हैं।
बुखार पीड़ित सरकारी व निजी पैथोलॉजी जांच के लिए पहुंच रहे हैं। 20 सितंबर तक 421 मरीज की सीएचसी में जांच हुई और बारह के मलेरिया निकला। कश्मीर गांव की काव्या, नौमलिकपुर की छोटी, समजलपुर के आकाश व मदारा की सपना शामिल हैं। ललौली गांव में एक डेंगू का संदिग्ध मिला है।
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प्रभावित परिवारों का अभी तक राजस्व विभाग नहीं जुटा पाया ब्योरा
बाढ़ पीड़ितों को मुख्यमंत्री ने त्वरित तौर पर मदद की घोषणा की है। यहां पर तहसील बिलग्राम व सवायजपुर के राजस्व कर्मी अभी तक शत-प्रतिशत प्रभावितों का ब्योरा नहीं जुआ पाए हैं। बिलग्राम में करीब पांच हजार और सवायजपुर में करीब दो हजार परिवारों का ब्योरा जुटाया जाना है।

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बिलग्राम व सवायजपुर एसडीएम के बाढ़ प्रभावित परिवारों के मकान गिरने, फसलों व सरकारी संपत्ति के नुकसान का सर्वे कराते हुए रिपोर्ट प्राप्त कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाढ़ का पानी तेजी से कम हो रहा है। दोनों एसडीएम से कहा गया है कि प्रभावित परिवारों का सर्वे करते हुए उनके लिए मदद का ब्योरा ऑनलाइन तैयार कराते हुए प्राप्त कराएं, ताकि मदद दिलाई जा सके।
मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
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