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सर्द रातों में खेतों पर हो रहे अन्नदाताओं के जगराते

Sun, 05 Dec 2021 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 11:30 PM IST
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farmers night in field due to cattle problem
रात सवा एक बजे मिर्जापुर खंडौआ में आलू की फसल को बचाते कौडिय़ा दाना निवासी दीनदयाल व महिपाल। संवा - फोटो : HARDOI
सवायजपुर। कहने को भले ही तहसील क्षेत्र में गोशालाओं की कमी न हो पर हकीकत में मवेशियों के झुंड सड़कों व खेतों में ही घूम रहे हैं। इसके कारण किसान परेशान हैं। उन्हें खेत में रात जागकर फसलों की रक्षा करनी पड़ रही है। मवेशियों को हांकते हुए रात गुजर रही है। उनका कहना है कि खून पसीने की कमाई बचाने के लिए सर्द रात में जागना भी मंजूर है। लेकिन प्रशासन को उनकी समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
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तहसील क्षेत्र में छुट्टा मवेशी किसानों के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। सबसे ज्यादा समस्या भरखनी ब्लॉक के ग्राम बरूआरा, मैकपुर, आम तारा, धानी नगला, माननगला, भरखनी, मदनापुर, बड़ागांव, रूपापुर, कंहारी सवायजपुर, भईलामऊ, सहजनपुर, रमपुरा ,सिलवारी आदि गांवों में हैं। मवेशी गेहूं ,आलू, सरसों की फसलें चट कर जाते हैं। फसलें बचाने की खातिर किसान खेतों में ही रातें काटने को विवश हैं।
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बोले अन्नदाता
गांवों के किसान विश्राम, जनक सिंह, श्यामवीर , राम सिंह, राधेश्याम, जागेश्वर ,दीनदयाल, महिपाल, महेंद्र आदि का कहना है कई सालों से छुट्टा मवेशी किसानों के लिए नासूर बने हैं। घुमंतू पशुओं से फसल बचाने के लिए सर्द रातों में भी खेतों पर डेरा डालना पड़ रहा है। क्षेत्र के गांवों में करीब 14 से अधिक गोशालाएं हैं, फिर भी यहां पशु नहीं रुकते। किसानों ने डीएम अविनाश कुमार से मांग की है कि क्षेत्र में बनी गोशालाओं के रखरखाव व पशुओं के रहने की व्यवस्था कराई जाए। ताकि किसानों को राहत मिल सके। (संवाद)
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बड़ी मुश्किल से हुई उपज
किसानों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से खाद मिली थी। महंगे दामों पर गेहूं का बीज खरीदकर फसल की है। अब किसान खेतों में मवेशियों को हांकने में रातदिन एक कर रहे हैं। लेकिन अन्ना पशुओं से फसल बचना चुनौती से कम नहीं है। उनका कहना है पशुपालन विभाग समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।

तहसीलदार नारायन सिंह का कहना है कि उनकी जानकारी में गोशालाओं का संचालन हो रहा है। फिर भी इतनी शिकायतें हैं तो वह खुद दिखवाएंगे कि गोशालाओं के संचालन में क्या समस्या आ रही है।
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