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किसान ने फांसी लगाकर जान दी
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बिलग्राम (हरदोई)। कर्ज के बोझ में दबे और दो वर्ष से फसल बर्बाद होने से परेशान किसान ने रविवार रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
बिलग्राम कस्बे के मोहल्ला कासूपेट निवासी गिरीश चंद्र (48) पुत्र शंभू दयाल के पास छह बीघा खेत था। परिवार में पत्नी माया, तीन पुत्र योगेश, अभिषेक, शिवम और एक पुत्री पल्लवी है। पुत्र शिवम ने पुलिस को बताया कि आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की बिलग्राम शाखा से पिता गिरीश ने 90 हजार रुपये का कर्ज खेती के लिए लिया था।
दो वर्ष से फसलें बर्बाद होने और कर्ज के कारण पिता परेशान रहते थे। रविवार रात उन्होंने घर में तहमद से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुत्र योगेश ने बताया कि तीन बीघा खेत में गोभी की फसल थी, जबकि बाकी में उड़द और मक्का की फसल थी। बंदरों और छुट्टा मवेशियों ने फसल को नुकसान पहुंचा दिया था। बहन पल्लवी की शादी भी करने की पिता सोच रहे थे, लेकिन लगातार खेती में नुकसान होने से उन्होंने ये कदम उठा लिया।
एक लाख दस हजार का केसीसी, निकाले थे 90 हजार
सूत्रों के मुताबिक सात वर्ष पहले गिरीश चंद्र ने आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की बिलग्राम शाखा से 90 हजार रुपये का लोन लिया था। गत वर्ष हुई कर्जमाफी में उसका कर्ज माफ हो गया था। इसके बाद 16 अगस्त 2018 को गिरीश चंद्र ने फिर से आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की बिलग्राम शाखा से एक लाख 10 हजार रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। 20 फरवरी 2019 को उसने 90 हजार रुपये निकाले थे। एजीबी की बिलग्राम शाखा के फील्ड अफसर संतोष कुमार ने भी इसकी पुष्टि की है।
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बिलग्राम कस्बे के मोहल्ला कासूपेट निवासी गिरीश चंद्र (48) पुत्र शंभू दयाल के पास छह बीघा खेत था। परिवार में पत्नी माया, तीन पुत्र योगेश, अभिषेक, शिवम और एक पुत्री पल्लवी है। पुत्र शिवम ने पुलिस को बताया कि आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की बिलग्राम शाखा से पिता गिरीश ने 90 हजार रुपये का कर्ज खेती के लिए लिया था।
दो वर्ष से फसलें बर्बाद होने और कर्ज के कारण पिता परेशान रहते थे। रविवार रात उन्होंने घर में तहमद से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुत्र योगेश ने बताया कि तीन बीघा खेत में गोभी की फसल थी, जबकि बाकी में उड़द और मक्का की फसल थी। बंदरों और छुट्टा मवेशियों ने फसल को नुकसान पहुंचा दिया था। बहन पल्लवी की शादी भी करने की पिता सोच रहे थे, लेकिन लगातार खेती में नुकसान होने से उन्होंने ये कदम उठा लिया।
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एक लाख दस हजार का केसीसी, निकाले थे 90 हजार
सूत्रों के मुताबिक सात वर्ष पहले गिरीश चंद्र ने आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की बिलग्राम शाखा से 90 हजार रुपये का लोन लिया था। गत वर्ष हुई कर्जमाफी में उसका कर्ज माफ हो गया था। इसके बाद 16 अगस्त 2018 को गिरीश चंद्र ने फिर से आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की बिलग्राम शाखा से एक लाख 10 हजार रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया था। 20 फरवरी 2019 को उसने 90 हजार रुपये निकाले थे। एजीबी की बिलग्राम शाखा के फील्ड अफसर संतोष कुमार ने भी इसकी पुष्टि की है।
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