{"_id":"5dc9ab988ebc3e5b1f4be42c","slug":"farmer-murder-2-injured-hardoi-news-knp5252230144","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान की हत्या, दो घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान की हत्या, दो घायल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरावन (हरदोई)। अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम बहुती खुर्द में एक साल पूर्व शादी टूटने पर रविवार रात की गई टिप्प्णी को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया और लाठी-डंडे चल गए। अधेड़ किसान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मारपीट में दूसरे पक्ष के दो लोग घायल हो गए। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने तीन सगे भाइयों सहित चार लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो आरोपी जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम बहुती खुर्द निवासी श्रीराम (55) पुत्र बाबू किसान था। रविवार रात वह पुत्र ब्रजेश और पुत्री रिंकी के साथ खेत में धान की कटाई करने के बाद वापस घर जा रहा था। रास्ते में परिवार के ही गंगाराम, शिवलाल, राजेश पुत्रगण परसादी और राजकुमार पुत्र बुद्धा मिल गए। यहां गंगाराम ने श्रीराम पर एक वर्ष पहले कराई गई एक शादी टूटने पर टिप्पणी करना शुरू कर दी। इस बात पर विवाद इतना बढ़ा कि गंगाराम और उसके भाइयों व साथी ने लाठी-डंडे से श्रीराम को पीट दिया। गंगाराम ने चाकू से श्रीराम के पेट और सीने पर तीन वार कर दिए। श्रीराम का भाई रामविलास मौके पर पहुंचा तो आरोपी भाग गए।
रामविलास ने घटना की सूचना यूपी 112 को दी। पुलिस टीम एंबुलेंस से श्रीराम को लेकर सीएचसी भरावन जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि श्रीराम के भाई रामविलास की तहरीर पर गंगाराम, शिवलाल, राजेश और राजकुमार के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसमें राजेश और राजकुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना में गंगाराम और शिवलाल भी चुटहिल हुए हैं। एसपी ने बताया कि दूसरे पक्ष से राजेश ने रामविलास पुत्र बाबू, संजय पुत्र रामविलास, रूबी पत्नी श्रीराम और श्रीराम पुत्र बाबू के विरुद्ध मारपीट की तहरीर दी है। इस पर देर रात ही एनसीआर दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद श्रीराम की मौत हो गई।
विज्ञापन
कहीं भागवत में निमंत्रण न देना तो नहीं बना वजह!
हरदोई। अतरौली थाना क्षेत्र के बहुती खुर्द गांव से जुड़े सूत्रों की मानें तो श्रीराम के भाई रामविलास के साले के पुत्र मनोज की शादी हत्यारोपी राजकुमार के परिवार के ही एक व्यक्ति ने बिहार में कराई थी। बाद में ये शादी टूट गई। अभी 15 दिन पहले श्रीराम ने गांव में भागवत कथा और भंडारा किया था। इसमें गंगाराम और राजकुमार को निमंत्रण नहीं दिया गया था। इसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच संबंध खराब हो गए थे। एक-दूसरे पर टिप्पणी की जा रही थी।
विज्ञापन
अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम बहुती खुर्द निवासी श्रीराम (55) पुत्र बाबू किसान था। रविवार रात वह पुत्र ब्रजेश और पुत्री रिंकी के साथ खेत में धान की कटाई करने के बाद वापस घर जा रहा था। रास्ते में परिवार के ही गंगाराम, शिवलाल, राजेश पुत्रगण परसादी और राजकुमार पुत्र बुद्धा मिल गए। यहां गंगाराम ने श्रीराम पर एक वर्ष पहले कराई गई एक शादी टूटने पर टिप्पणी करना शुरू कर दी। इस बात पर विवाद इतना बढ़ा कि गंगाराम और उसके भाइयों व साथी ने लाठी-डंडे से श्रीराम को पीट दिया। गंगाराम ने चाकू से श्रीराम के पेट और सीने पर तीन वार कर दिए। श्रीराम का भाई रामविलास मौके पर पहुंचा तो आरोपी भाग गए।
विज्ञापन
रामविलास ने घटना की सूचना यूपी 112 को दी। पुलिस टीम एंबुलेंस से श्रीराम को लेकर सीएचसी भरावन जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि श्रीराम के भाई रामविलास की तहरीर पर गंगाराम, शिवलाल, राजेश और राजकुमार के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसमें राजेश और राजकुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना में गंगाराम और शिवलाल भी चुटहिल हुए हैं। एसपी ने बताया कि दूसरे पक्ष से राजेश ने रामविलास पुत्र बाबू, संजय पुत्र रामविलास, रूबी पत्नी श्रीराम और श्रीराम पुत्र बाबू के विरुद्ध मारपीट की तहरीर दी है। इस पर देर रात ही एनसीआर दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद श्रीराम की मौत हो गई।
विज्ञापन
कहीं भागवत में निमंत्रण न देना तो नहीं बना वजह!
हरदोई। अतरौली थाना क्षेत्र के बहुती खुर्द गांव से जुड़े सूत्रों की मानें तो श्रीराम के भाई रामविलास के साले के पुत्र मनोज की शादी हत्यारोपी राजकुमार के परिवार के ही एक व्यक्ति ने बिहार में कराई थी। बाद में ये शादी टूट गई। अभी 15 दिन पहले श्रीराम ने गांव में भागवत कथा और भंडारा किया था। इसमें गंगाराम और राजकुमार को निमंत्रण नहीं दिया गया था। इसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच संबंध खराब हो गए थे। एक-दूसरे पर टिप्पणी की जा रही थी।