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207 विद्यालयों में आज परखी जाएगी शिक्षा की गुणवत्ता
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हरदोई। छात्रों के शिक्षा का स्तर जानने के लिए मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय द्वारा सीबीएसई के सहयोग से 12 नवंबर शुक्रवार को नेशनल अचीवमेंट सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए 207 विद्यालयों को चयनित किया गया है। 230 प्रशिक्षु कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सर्वे तीन वर्ष में एक बार होता है। 2017 के बाद यह सर्वे 2020 में होना था, लेकिन कोविड के कारण पिछले वर्ष सर्वे नहीं हो पाया। अब 12 नवंबर को देशभर में एक साथ सर्वे किया जा रहा है। इसमें कक्षा तीन, पांच आठ व दस के छात्रों को शामिल किया जाएगा। डायट प्रवक्ता पीतांबर प्रकाश चौरसिया ने बताया कि जिले के 207 विद्यालयों का चयन मंत्रालय द्वारा किया गया है।
इसमें बेसिक, माध्यमिक शिक्षा परिषद के शासकीय, अशासकीय स्कूलों के अलावा मदरसों को भी शामिल किया गया है। कक्षा तीन व पांच के छात्रों की परीक्षा डेढ़ घंटा व कक्षा आठ व दस की परीक्षा दो घंटे की होगी। डायट की ओर से 230 डीएलएड प्रशिक्षु कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाए गए हैं। जबकि सीबीएसई ने 207 पर्यवेक्षक लगाए हैं। पर्यवेक्षक ही संबंधित विद्यालयों में प्रश्नपत्र लेकर जाएंगे। परीक्षा कराने के बाद ओएमआर शीट साथ लेकर जाएंगे। सीबीएसई के द्वारा ही इसका मूल्यांकन किया जाएगा।
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सर्वे कक्षा तीन व पांच के विद्यार्थियों से हिंदी, गणित, सामान्य ज्ञान के अलावा कक्षा आठ के विद्यार्थियों से सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, हिंदी व गणित व दसवीं के विद्यार्थियों से सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, हिंदी, गणित व अंग्रेजी विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे ने बताया कि परीक्षा की सभी तैयारियां हो चुकीं हैं। विद्यार्थियों को सवालों के जवाब ओएमआर शीट पर देने हैं। यह सर्वे विद्यार्थियों के सीखने की उपलब्धि स्तर का आंकलन करता है। इसके आधार पर भविष्य में स्कूलों और शिक्षकों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक नीतियां व कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
इस सर्वे का उद्देश्य सभी प्रदेशों के सरकारी स्कूलों सहित सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सीखने के उपलब्धि स्तर का आंकलन करना है। इसके आधार पर भविष्य में स्कूलों और शिक्षकों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक नीतियां और कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सर्वे तीन वर्ष में एक बार होता है। 2017 के बाद यह सर्वे 2020 में होना था, लेकिन कोविड के कारण पिछले वर्ष सर्वे नहीं हो पाया। अब 12 नवंबर को देशभर में एक साथ सर्वे किया जा रहा है। इसमें कक्षा तीन, पांच आठ व दस के छात्रों को शामिल किया जाएगा। डायट प्रवक्ता पीतांबर प्रकाश चौरसिया ने बताया कि जिले के 207 विद्यालयों का चयन मंत्रालय द्वारा किया गया है।
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इसमें बेसिक, माध्यमिक शिक्षा परिषद के शासकीय, अशासकीय स्कूलों के अलावा मदरसों को भी शामिल किया गया है। कक्षा तीन व पांच के छात्रों की परीक्षा डेढ़ घंटा व कक्षा आठ व दस की परीक्षा दो घंटे की होगी। डायट की ओर से 230 डीएलएड प्रशिक्षु कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाए गए हैं। जबकि सीबीएसई ने 207 पर्यवेक्षक लगाए हैं। पर्यवेक्षक ही संबंधित विद्यालयों में प्रश्नपत्र लेकर जाएंगे। परीक्षा कराने के बाद ओएमआर शीट साथ लेकर जाएंगे। सीबीएसई के द्वारा ही इसका मूल्यांकन किया जाएगा।
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सर्वे कक्षा तीन व पांच के विद्यार्थियों से हिंदी, गणित, सामान्य ज्ञान के अलावा कक्षा आठ के विद्यार्थियों से सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, हिंदी व गणित व दसवीं के विद्यार्थियों से सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, हिंदी, गणित व अंग्रेजी विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे ने बताया कि परीक्षा की सभी तैयारियां हो चुकीं हैं। विद्यार्थियों को सवालों के जवाब ओएमआर शीट पर देने हैं। यह सर्वे विद्यार्थियों के सीखने की उपलब्धि स्तर का आंकलन करता है। इसके आधार पर भविष्य में स्कूलों और शिक्षकों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक नीतियां व कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
इस सर्वे का उद्देश्य सभी प्रदेशों के सरकारी स्कूलों सहित सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सीखने के उपलब्धि स्तर का आंकलन करना है। इसके आधार पर भविष्य में स्कूलों और शिक्षकों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक नीतियां और कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।