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Hardoi News: चोरी की बिजली से चलती मिली दोना पत्तल बनाने की फैक्टरी

Mon, 08 Jul 2024 12:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 12:23 AM IST
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Dona pattal manufacturing factory found running on stolen electricity
हरदोई। देहात कोतवाली क्षेत्र के कंथाथेाक में दोना पत्तल बनाने की एक फैक्टरी में बिजली चोरी का मामला पकड़ा गया है।
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शनिवार को सीतापुर, लखनऊ और हरदोई केे अफसरों ने गोपनीय सूचना पर फैक्टरी मेें छापा मारा। यहां मीटर में रिमोट लगाकर बिजली चोरी की जा रही थी। तकरीबन तीन करोड़ रुपये की बिजली चोरी का मामला पकड़ा गया है। फैक्टरी मालिक के खिलाफ बिजली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की टीम को कंथाथोक में संचालित श्याम इंडस्ट्रीज में बिजली चोरी की सूचना मिली थी। इस पर सीतापुर जोन के मुख्य अभियंता के नेतृत्व में विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता, परीक्षण खंड के अधिशासी अभियंता व हरदोई, सीतापुर और लखनऊ विजिलेंस टीम के साथ शनिवार देर शाम छापा मारा गया। छापे के दौरान टीम को बिजली मीटर में रिमोट लगा कर बिजली चोरी होती मिली।
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टीम ने करीब तीन घंटे फैक्टरी में रहकर जांच की और बिजली चोरी की पुष्टि होने पर बिजली थाने में फैक्टरी मालिक हिमांशु के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया। उपखंड अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि फैक्टरी में 200 किलोवाट का बिजली कनेक्शन था। फैक्टरी मालिक की ओर से मीटर को रिमोट से कंट्रोल कर चोरी की जा रही थी। फैक्टरी मालिक पर करीब तीन करोड़ का जुर्माना लगाया जाएगा। बिजली थाने में रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर दी गई हैं। फैक्टरी पर छापे से क्षेत्र में खलबली मच गई।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार बिजली मीटर में तीन सील कंपनी की ओर से लगाई जाती हैं। दो से तीन सील बिजली मीटर लगाने के दौरान परीक्षण विभाग की ओर से लगाई जाती हैं। फैक्टरी में मीटर को रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा था, मगर उसकी सभी सील लगी हुई पाई गई हैं। इससे लग रहा है कि इसके पीछे किसी शातिर किस्म के व्यक्ति का हाथ है और वह शख्स कहीं न कहीं विभाग में भी गहरी पैठ रखता है।
विभागीय अवर अभियंताओं के अनुसार बिजली मीटर में सीटी लगी होती है, जो प्रयोग होने वाले करंट को रिकॉर्ड करती है। उससे पता चलता है कि उपभोक्ता की ओर से कितने घंटे और कितने किलोवॉट का करंट प्रयोग किया गया। उसी के आधार पर बिल जनरेट होता है। मीटर में लगी सीटी से छेड़छाड़ की गई और रिमोट से उसके करंट व समय को कम किया जाता रहा था।

फैक्टरी में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही थी। इसकी विभाग की ओर से व्यापक जांच की जाएगी। इससे जांच में कई राज खुल सकते हैं और इसी प्रकार के बिजली चोरी के मामले और भी पकड़े जा सकते हैं। खास बात यह भी है कि बिजली विभाग के अभियंताओं की ओर से लगातार जांच अभियान चलाया जाता है, लेकिन फिर भी जिम्मेदार इस खेल को नहीं पकड़ सके।
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