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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में जांच के अलग-अलग नियम, छुट्टी में बंद रहती माइक्रोबायोलॉजी लैब
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फोटो- 37- मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी में अवकाश के चलते रखे यूरिन के नमूने। संवाद
हरदोई। जिले के मेडिकल कॉलेज में पैथोलाॅजी में जांच के अलग-अलग नियम चल रहे हैं। एक ओर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पैथोलॉजी में 24 घंटे जांच की सुविधा है तो दूसरी ओर गौराडांडा स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग की पैथोलॉजी रविवार या अन्य अवकाश के दिन बंद रहती है। चूंकि यूरिन, टीबी और कुछ नमूनों की जांचें माइक्रोबायोलॉजी विभाग में होती हैं तो अवकाश के चलते वहां जांच नहीं हो पाती है। ऐसे में मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए भटकना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। बीमारी की पुष्टि के लिए डॉक्टर मरीजों की जांच कराने की सलाह देते हैं। तमाम मरीज को जांच भी लिख दी जाती हैं जो मेडिकल काॅलेज अस्पताल की पैथोलॉजी में न होकर गौराडांडा स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब में होती हैं। इनमें यूरिन, टीबी समेत कुछ अन्य नमूनों की जांच की जाती है।
बता दें कि अवकाश के दिनों में गौराडांडा स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब बंद रहती है। इस वजह से इन नमूनों की जांच नहीं हो पाती। ऐसे में मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है। समय पर रिपोर्ट न मिलने से इलाज भी शुरू नहीं हो पाता। अभी बीते दिन लगातार दो दिन अवकाश होने की वजह से मेडिकल कॉलेज आने वाले तमाम मरीजों की जांच रिपोर्ट नहीं मिल सकी। ऐसे में मरीजों को भटकना पड़ा।
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अवकाश में नमूने भी नहीं लिए जाते
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी अवकाश पर दोपहर 12 बजे तक संचालित रहती है। ऐसे में अस्पताल की पैथोलॉजी में मरीजों के नमूने भी लिए जाते हैं और 24 घंटे जांच भी होती है। वहीं गौराडांड स्थित मेडिकल कॉलेज में चल रहे दूसरे नियमों के अनुसार अवकाश में माइक्रोबायोलॉजी लैब बंद रहती है। ऐसे में अस्पताल की पैथोलॉजी में नमूने तक नहीं लिए जाते। अवकाश के दिन अगर कोई मरीज आता है तो गौराडांडा स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब बंद होने के कारण नमूने लिए बिना ही वापस कर दिया जाता है।
केस-1
दो दिन रखा रहा नमूना फिर हुई जांच
शहर निवासी सुनीता श्रीवास्तव की यूरिन कल्चर की जांच होनी थी। उन्हाेंने अस्पताल की पैथाेलॉजी में यूरिन का नमूना दे दिया लेकिन इस बीच अवकाश पड़ गया। ऐसे में उनकी जांच रिपोर्ट दो दिन बाद मिल सकी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उनका उपचार शुरू हो सका। इस बीच कई बार रिपोर्ट के लिए चक्कर लगाने पड़े।
केस-2-
बिना नमूना दिए मरीज हुए वापस
टीबी के संदिग्ध मरीजों को बीमारी की पुष्टि के लिए भी अब स्पूटम के नमूने माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे जाते हैं। ओदरा पचलाई निवासी शिवम कुमार अपनी जांच कराने सोमवार को पहुंचे थे। चूंकि सोमवार को अवकाश था तो उन्हें मंगलवार को आने के लिए कह कर वापस भेज दिया गया।
मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब अवकाश के दिन बंद रहती है। हालांकि नमूने अस्पताल में हर दिन लिए जाते हैं। स्टाफ की तैनाती कर यहां की पैथोलाॅजी को भी निरंतर चलवाया जाएगा। इसके लिए माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष से बात की जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। बीमारी की पुष्टि के लिए डॉक्टर मरीजों की जांच कराने की सलाह देते हैं। तमाम मरीज को जांच भी लिख दी जाती हैं जो मेडिकल काॅलेज अस्पताल की पैथोलॉजी में न होकर गौराडांडा स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब में होती हैं। इनमें यूरिन, टीबी समेत कुछ अन्य नमूनों की जांच की जाती है।
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बता दें कि अवकाश के दिनों में गौराडांडा स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब बंद रहती है। इस वजह से इन नमूनों की जांच नहीं हो पाती। ऐसे में मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ता है। समय पर रिपोर्ट न मिलने से इलाज भी शुरू नहीं हो पाता। अभी बीते दिन लगातार दो दिन अवकाश होने की वजह से मेडिकल कॉलेज आने वाले तमाम मरीजों की जांच रिपोर्ट नहीं मिल सकी। ऐसे में मरीजों को भटकना पड़ा।
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अवकाश में नमूने भी नहीं लिए जाते
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी अवकाश पर दोपहर 12 बजे तक संचालित रहती है। ऐसे में अस्पताल की पैथोलॉजी में मरीजों के नमूने भी लिए जाते हैं और 24 घंटे जांच भी होती है। वहीं गौराडांड स्थित मेडिकल कॉलेज में चल रहे दूसरे नियमों के अनुसार अवकाश में माइक्रोबायोलॉजी लैब बंद रहती है। ऐसे में अस्पताल की पैथोलॉजी में नमूने तक नहीं लिए जाते। अवकाश के दिन अगर कोई मरीज आता है तो गौराडांडा स्थित माइक्रोबायोलॉजी लैब बंद होने के कारण नमूने लिए बिना ही वापस कर दिया जाता है।
केस-1
दो दिन रखा रहा नमूना फिर हुई जांच
शहर निवासी सुनीता श्रीवास्तव की यूरिन कल्चर की जांच होनी थी। उन्हाेंने अस्पताल की पैथाेलॉजी में यूरिन का नमूना दे दिया लेकिन इस बीच अवकाश पड़ गया। ऐसे में उनकी जांच रिपोर्ट दो दिन बाद मिल सकी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उनका उपचार शुरू हो सका। इस बीच कई बार रिपोर्ट के लिए चक्कर लगाने पड़े।
केस-2-
बिना नमूना दिए मरीज हुए वापस
टीबी के संदिग्ध मरीजों को बीमारी की पुष्टि के लिए भी अब स्पूटम के नमूने माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजे जाते हैं। ओदरा पचलाई निवासी शिवम कुमार अपनी जांच कराने सोमवार को पहुंचे थे। चूंकि सोमवार को अवकाश था तो उन्हें मंगलवार को आने के लिए कह कर वापस भेज दिया गया।
मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब अवकाश के दिन बंद रहती है। हालांकि नमूने अस्पताल में हर दिन लिए जाते हैं। स्टाफ की तैनाती कर यहां की पैथोलाॅजी को भी निरंतर चलवाया जाएगा। इसके लिए माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष से बात की जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य