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धान बेचना आज, एक माह बाद के मिल रहे टोकन
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क्रय केंद्र पर धान बेंचने के लिए मंडी में टोकन कटाने को लाइन में लगे किसान। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। जिले में धान खरीद भले ही रफ्तार पकड़ चुकी हो, लेकिन किसानों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। उन्हें पंजीकरण/सत्यापन तो कभी मानकों के नाम पर परेशानी झेलनी पड़ी और अब धान बेचने के लिए लंबी तारीखें मिल रही हैं। शनिवार को मंडी में टोकन पाने के लिए लाइन में सैकड़ों किसान खड़े नजर आए। उन्होंने बताया कि उन्हें 15 दिसंबर तक के टोकन मिल रहे हैं। धान को एक माह तक रोकना हर किसान के लिए संभव नहीं है।
खाद्य एवं विपणन विभाग के मुताबिक जिले में शुक्रवार शाम तक 92 क्रय केंद्रों पर पांच हजार से अधिक किसानों से चार लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है। अफसरों का दावा है कि सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है, लेकिन तस्वीर दावों से इतर है। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को खासा पसीना बहाना पड़ रहा है। पहले तो किसानों को पंजीकरण व सत्यापन कराने के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है। सत्यापन होने के बाद उपज के सैंपल का पास होना भी जरूरी है।
इन दोनों मुसीबतों से उबरे किसान जब सीधे मंडी के केंद्रों पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें टोकन कटाने के लिए कहा जा रहा है। शनिवार सुबह मंडी जब तक खुलती, टोकन के लिए 200 किसान लाइन में लग गए। दिन चढ़ने के साथ ही लाइन भी बढ़ती गई। किसानों की भीड़ जुटने की जानकारी मिलने के बाद मंडी सचिव बबलू लाल व डिप्टी आरएमओ अनुराग पांडेय ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और किसानों को नियमानुसार टोकन जारी किए जाने का आदेश दिया।
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वर्जन
मंडी सचिव बबलू लाल ने बताया कि एक केंद्र के लिए एक दिन में तीन से चार टोकन काटे जा रहे हैं। शनिवार को भीड़ रही। किसानों को 15 दिसंबर तक के टोकन दिए जा चुके हैं। बताया कि टोकन से इतर भी केंद्र पर सीधे आने वाले किसानों की तौल कराई जा रही है।
एजेंसी केंद्र धान खरीद किसान
1. आरएफसी 30 16466 2030
2. पीसीएफ 22 8369 1027
3. पीसीयू 25 11169 1392
4. मंडी 6 2880 364
5. यूपीएसएस 5 1156 179
6. एफसीआई 3 869 130
नोट: खरीद की मात्रा मीट्रिक टन में है।
किसानों ने बताई समस्या
मंडी में टोकन लेने के लिए लाइन में लगे लोनार के ग्राम बकोरा निवासी नरेश चंद्र ने बताया कि केंद्र पर सीधे खरीद नहीं किए जाने की बात बताई गई है। कर्मियों के कहने पर टोकन कटाने आए हैं, लेकिन यहां आने पर पता चला कि टोकन कई दिन आगे के मिल रहे हैं। इतने दिन इंतजार करना मुश्किल है।
बेहटागोकुल के ग्राम पटकापुर निवासी किसान गुरदीप सिंह ने बताया कि टोकन के लिए सुबह से लाइन में लगे हैं। जानकारी मिली है कि टोकन कई दिन आगे के मिल रहे हैं। बताया कि धान को इतने दिन तक सहेजकर रखना काफी मुश्किल है। टोकन मिलने पर आगे की रणनीति तय करेंगे।
लोनार के ग्राम फाटकपुरवा निवासी रामदास ने बताया कि केंद्रों पर जमकर मनमानी चल रही है। किसानों को टोकन कटाने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। टोकन कटाने के लिए लाइन में लगे हैं, पता नहीं किस डेट का टोकन मिलेगा। बताया कि टोकन मिल भी गया तो जरूरी नहीं कि धान केंद्र पर बिक ही जाए।
सहजनपुर गांव निवासी अरुणेश कुमार ने बताया कि किसानों के लिए क्रय केंद्र पर धान बेचना काफी मुश्किल है। पहले पंजीकरण, इसके बाद उपज का सत्यापन फिर टोकन और इसके बाद केंद्र पर उपज की गुणवत्ता की जांच। इन सबके बाद ही कहीं केंद्र पर धान बिकने की नौबत आती है। किसान करे तो क्या करे।
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खाद्य एवं विपणन विभाग के मुताबिक जिले में शुक्रवार शाम तक 92 क्रय केंद्रों पर पांच हजार से अधिक किसानों से चार लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है। अफसरों का दावा है कि सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है, लेकिन तस्वीर दावों से इतर है। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को खासा पसीना बहाना पड़ रहा है। पहले तो किसानों को पंजीकरण व सत्यापन कराने के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है। सत्यापन होने के बाद उपज के सैंपल का पास होना भी जरूरी है।
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इन दोनों मुसीबतों से उबरे किसान जब सीधे मंडी के केंद्रों पर पहुंच रहे हैं तो उन्हें टोकन कटाने के लिए कहा जा रहा है। शनिवार सुबह मंडी जब तक खुलती, टोकन के लिए 200 किसान लाइन में लग गए। दिन चढ़ने के साथ ही लाइन भी बढ़ती गई। किसानों की भीड़ जुटने की जानकारी मिलने के बाद मंडी सचिव बबलू लाल व डिप्टी आरएमओ अनुराग पांडेय ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और किसानों को नियमानुसार टोकन जारी किए जाने का आदेश दिया।
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वर्जन
मंडी सचिव बबलू लाल ने बताया कि एक केंद्र के लिए एक दिन में तीन से चार टोकन काटे जा रहे हैं। शनिवार को भीड़ रही। किसानों को 15 दिसंबर तक के टोकन दिए जा चुके हैं। बताया कि टोकन से इतर भी केंद्र पर सीधे आने वाले किसानों की तौल कराई जा रही है।
एजेंसी केंद्र धान खरीद किसान
1. आरएफसी 30 16466 2030
2. पीसीएफ 22 8369 1027
3. पीसीयू 25 11169 1392
4. मंडी 6 2880 364
5. यूपीएसएस 5 1156 179
6. एफसीआई 3 869 130
नोट: खरीद की मात्रा मीट्रिक टन में है।
किसानों ने बताई समस्या
मंडी में टोकन लेने के लिए लाइन में लगे लोनार के ग्राम बकोरा निवासी नरेश चंद्र ने बताया कि केंद्र पर सीधे खरीद नहीं किए जाने की बात बताई गई है। कर्मियों के कहने पर टोकन कटाने आए हैं, लेकिन यहां आने पर पता चला कि टोकन कई दिन आगे के मिल रहे हैं। इतने दिन इंतजार करना मुश्किल है।
बेहटागोकुल के ग्राम पटकापुर निवासी किसान गुरदीप सिंह ने बताया कि टोकन के लिए सुबह से लाइन में लगे हैं। जानकारी मिली है कि टोकन कई दिन आगे के मिल रहे हैं। बताया कि धान को इतने दिन तक सहेजकर रखना काफी मुश्किल है। टोकन मिलने पर आगे की रणनीति तय करेंगे।
लोनार के ग्राम फाटकपुरवा निवासी रामदास ने बताया कि केंद्रों पर जमकर मनमानी चल रही है। किसानों को टोकन कटाने के नाम पर परेशान किया जा रहा है। टोकन कटाने के लिए लाइन में लगे हैं, पता नहीं किस डेट का टोकन मिलेगा। बताया कि टोकन मिल भी गया तो जरूरी नहीं कि धान केंद्र पर बिक ही जाए।
सहजनपुर गांव निवासी अरुणेश कुमार ने बताया कि किसानों के लिए क्रय केंद्र पर धान बेचना काफी मुश्किल है। पहले पंजीकरण, इसके बाद उपज का सत्यापन फिर टोकन और इसके बाद केंद्र पर उपज की गुणवत्ता की जांच। इन सबके बाद ही कहीं केंद्र पर धान बिकने की नौबत आती है। किसान करे तो क्या करे।