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फसलों को मिली आक्सीजन
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Wed, 14 Sep 2016 12:14 AM IST
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बारिश में जाती युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। अगस्त के मध्य से सुस्त पड़े मानसून ने अपने अंतिम पड़ाव में बारिश कर किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। मंगलवार सुबह से लेकर दोपहर तक करीब 21 मिमी बरसात रिकार्ड की गई। बारिश से जहां उमस भरी गर्मी से राहत के साथ मौसम सुहाना हो गया। धान सहित खरीफ की फसलों को बारिश ने आक्सीजन दे दी है।
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मौसम वेधशाला के प्रभारी जयशंकर मिश्रा ने बताया कि मानसून की सुस्ती के चलते अगस्त में भी अपेक्षित बारिश नहीं हुई और सितंबर में भी बारिश को लेकर आशाएं पूरी नहीं हो रही थी। सोमवार की रात से अचानक सुस्त मानसून का मूड बदला और मंगलवार को बारिश देकर फसलों को आक्सीजन दे दी। उन्होंने बताया कि मानसून अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और 30 सितंबर तक मानसूनी बारिश के आसार है।
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उन्होंने बताया कि जून से सितंबर तक का समय मानसूनी माना जाता है। उधर, रिमझिम बारिश के चलते लोगों को जरूरी कार्यों से बाहर निकलने पर छातों आदि का प्रयोग करना पड़ा। मल्लावां प्रतिनिधि के अनुसार, एक माह से बारिश न होने के कारण किसानों की फसलें सूख रही थी। मंगलवार को हुई बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली। बारिश न होने से मक्का व धान की फसलें सूख रही थी।
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किसान पंपसेट मशीनें चलाकर सिंचाई कर रहे थे। अब बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। सांडी प्रतिनिधि के अनुसार बरसात ने किसान भाइयों को राहत पहुंचाई वहीं गर्मी से बेहाल हो रहे जनमानस को तसल्ली मिली। सुरसा प्रतिनिधि के अनुसार झमाझम बारिश से एक तरफ किसानों के चेहरे खिल उठे तो दूसरी तरफ कस्बे में नाली चोक होने से जलभराव से लोग परेशान हुए।
ग्रामीणों ने बताया कि ब्लाक मुख्यालय का गांव होते हुए भी सुरसा में नालियों की सफाई नहीं होती है। कई बार ग्रामीणों ने शिकायत उच्च अधिकारियों से की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। टोडरपुर प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाक में एक माह से बारिश नहीं हुई थी फसल बचाने को किसान इंजन से पानी लगा रहे थे। अब बारिश से किसानों को राहत दी है।