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क्राप सेविंग मशीन रही आकर्षण का केंद्र
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हरदोई। जिले के बाल वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को जीआईसी में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में अपने मॉडलों को दिखाया। बाल वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए क्राप सेविंग मशीन व फुटपाथ सेंशर जैसे मॉडलों की पर्यवेक्षकों ने भी सराहना की। उत्कृष्ट मॉडलों के चलते 22 बाल वैज्ञानिकों का चयन राज्य स्तर के लिए हो गया है।
इंस्पायर योजना को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय व बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन जो विद्यालय हैं उनसे इंस्पायर योजना को लेकर आवेदन मांगे गए थे। निर्धारित तिथि तक 4400 आवेदन आए थे। इनमें से प्रोजेक्ट के आधार पर 262 बाल वैज्ञानिकों को चयनित किया गया था। इनको मॉडलों के साथ शुक्रवार को जीआईसी में विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। इसमें 179 वैज्ञानिक अपने मॉडलों के साथ पहुंचे। पर्यवेक्षक के रूप में राष्ट्रीय नव प्रवर्तन संस्थान अहमदाबाद से डॉ. सूरज सिंह व शुकन्या बनर्जी को भेजा गया। इन्होंने प्रदर्शनी में शामिल 179 माडलों को बारीकी से देखा। संबंधित छात्र-छात्राओं से प्रश्न पूछकर उनकी तैयारियां जानी। इसमें से 22 बाल वैज्ञानिकों को मॉडलों के आधार पर चयनित किया गया। पर्यवेक्षकों में प्रभावित करने वाले मॉडलों में क्राप सेविंग मशीन, फुटपाथ सेंशर, डिजिटिल डस्टबिन आदि शामिल रहे।
राज्य स्तर प्रदर्शनी को लेकर 22 बाल वैज्ञानिकों को चयनित किया गया है। इसकी घोषणा फिलहाल नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों की मानें तो इस सूची में क्राप सेविंग मशीन निर्मित करने वाले प्रांजल वर्मा, फुटपाथ सेंशर बनाने वाले सूर्यांश मिश्रा, डिजिटल डस्टबिन अविनाश चौधरी, मैकिनल हाउस बनाने वाले अंजली श्रीवास्तव, स्वच्छ भारत का माडल तैयार करने वाले वर्तिका सिंह, मैग्रेटिक क्रेन बनाने वाले अभिनव त्रिपाठी व फायर एलार्म बनाने वाले सोनम गुप्ता भी हो सकते हैं।
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जिलाधिकारी पुलकित खरे ने विज्ञान प्रदर्शनी की शुरुआत करते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प व कुछ करने की लगन से प्रतिभा में निखार आता है। बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से हम सब गौरवान्वित हैं। यही आगे जाकर न सिर्फ जनपद का बल्कि देश का नाम गौरवान्वित करेंगे। डीआईओएस वीके दुबे व बीएसए हेमंत राव ने भी बच्चों को संबोधित किया। निर्णायक मंडल में सुधाकर बाजपेई, अभिराम, विनोद कनौजिया, कौशल आदि शामिल रहे।
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इंस्पायर योजना को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय व बेसिक शिक्षा अधिकारी के अधीन जो विद्यालय हैं उनसे इंस्पायर योजना को लेकर आवेदन मांगे गए थे। निर्धारित तिथि तक 4400 आवेदन आए थे। इनमें से प्रोजेक्ट के आधार पर 262 बाल वैज्ञानिकों को चयनित किया गया था। इनको मॉडलों के साथ शुक्रवार को जीआईसी में विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। इसमें 179 वैज्ञानिक अपने मॉडलों के साथ पहुंचे। पर्यवेक्षक के रूप में राष्ट्रीय नव प्रवर्तन संस्थान अहमदाबाद से डॉ. सूरज सिंह व शुकन्या बनर्जी को भेजा गया। इन्होंने प्रदर्शनी में शामिल 179 माडलों को बारीकी से देखा। संबंधित छात्र-छात्राओं से प्रश्न पूछकर उनकी तैयारियां जानी। इसमें से 22 बाल वैज्ञानिकों को मॉडलों के आधार पर चयनित किया गया। पर्यवेक्षकों में प्रभावित करने वाले मॉडलों में क्राप सेविंग मशीन, फुटपाथ सेंशर, डिजिटिल डस्टबिन आदि शामिल रहे।
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राज्य स्तर प्रदर्शनी को लेकर 22 बाल वैज्ञानिकों को चयनित किया गया है। इसकी घोषणा फिलहाल नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों की मानें तो इस सूची में क्राप सेविंग मशीन निर्मित करने वाले प्रांजल वर्मा, फुटपाथ सेंशर बनाने वाले सूर्यांश मिश्रा, डिजिटल डस्टबिन अविनाश चौधरी, मैकिनल हाउस बनाने वाले अंजली श्रीवास्तव, स्वच्छ भारत का माडल तैयार करने वाले वर्तिका सिंह, मैग्रेटिक क्रेन बनाने वाले अभिनव त्रिपाठी व फायर एलार्म बनाने वाले सोनम गुप्ता भी हो सकते हैं।
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जिलाधिकारी पुलकित खरे ने विज्ञान प्रदर्शनी की शुरुआत करते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प व कुछ करने की लगन से प्रतिभा में निखार आता है। बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से हम सब गौरवान्वित हैं। यही आगे जाकर न सिर्फ जनपद का बल्कि देश का नाम गौरवान्वित करेंगे। डीआईओएस वीके दुबे व बीएसए हेमंत राव ने भी बच्चों को संबोधित किया। निर्णायक मंडल में सुधाकर बाजपेई, अभिराम, विनोद कनौजिया, कौशल आदि शामिल रहे।