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नर्सरी के छात्र का स्कूल से अपहरण, खेत में मिला

Sat, 22 Oct 2016 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Sat, 22 Oct 2016 12:10 AM IST
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Nursery school student abducted from the farm found
बच्चे को गोद में लिए बैठे बाबा श्रीनाथ। - फोटो : अमर उजाला

हरदोई। शहर के निजी स्कूल से शुक्रवार दोपहर एक युवक नर्सरी के बच्चे को बाइक से उठा ले गया। बच्चे के घर न पहुंचने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसी बीच तीन बाद अपहरणकर्ता का फोन बच्चे के बाबा के मोबाइल पर आया। करीब तीन बजे शहर से आठ किलोमीटर दूर स्थित भूराटीकुर के प्रधान ने गन्ने के खेत में हाथ-पैर बंधा बच्चा पड़ा होने की सूचना दी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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शहर के मोहल्ला अशराफ टोला निवासी अंकुर मेहरोत्रा का बेटा अर्णव (4) शहर के एमजी रोड स्थित तारा एकेडमी में नर्सरी सेक्सन सी का छात्र है। वह प्राइवेट रिक्शा से स्कूल आता जाता है। कभी कभार परिजन उसे स्कूल से ले आते थे। शुक्रवार को भी अर्णव रिक्शा से स्कूल गया था। परीक्षा होने के कारण सुबह 11:30 बजे छुट्टी हो गई थी। करीब 12 बजे रिक्शा चालक विक्रम स्कूल अन्य बच्चों को लेकर अशरफ टोला पहुंचा तो परिजनों में अर्णव के बारे में पूछताछ की।
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अर्णव के स्कूल में न होने की जानकारी पर परिजनों मेें खलबली मच गई। इस पर अंकुर मेहरोत्रा और उनके पिता श्रीनाथ स्कूल पहुंचे। स्कूल संचालक अतुल अग्रवाल ने आया से जानकारी ली। आया ने बताया कि करीब 24 साल का युवक अर्णव को साथ ले गया था। काली शर्ट और नीली पैंट पहनकर आए युवक ने खुद को अर्णव का रिश्तेदार बताया था। श्रीनाथ और अंकुर ने शहर क ोतवाली जाकर बच्चे के अपहरण की सूचना दी।
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इसी बीच अर्णव के बाबा के मोबाइल पर तीन बार अपहरणकर्ता का फोन आया। चर्चा है कि अपहरणकर्ता ने एक लाख रुपये फिरौती मांगी। करीब तीन बजे भूराटीकुर गांव के प्रधान अभिषेक वाजपेयी ने एक बच्चा गन्ने के खेत में पड़ा होने की सूचना दी। इस पर एएसपी पूर्वी बीसी दुबे, सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान, कोतवाल परशुराम सिंह और बच्चे के परिजन भूराटीकुर गांव पहुंचे। पुलिस ने बच्चे से जानकारी लेकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। एएसपी का कहना है कि अपहरणकर्ताओं की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें दबोच लिया जाएगा।

भोली सी सूरत वाला अर्णव तेज दिमाग, निडर और बिंदास है। वह बिना किसी डर के अनजान युवक के साथ चला गया। युवक के डांटने पर वह घबराया नहीं बल्कि जैसे तैसे पैर खोलकर खेत के बाहर निकल गया। उसने अपना मुंह भी खोल लिया था। खेत के बाहर आने पर ही उसे ग्रामीण ने देखा और खबर पुलिस तक पहुंची। शाम को घर में भी अर्णव के चेहरे पर डर को कोई भाव नहीं था, वह रोज की तरह उछलकूद मचा रहा था।

शहर के मोहल्ला अशराफ टोला निवासी अंकुर मेहरोत्रा की ससुराल फर्रुखाबाद में है। बाबा श्रीकांत इलाहाबाद बैंक में मैनेजर थे। अंकुर का बेटा अर्णव पिछले साल फर्रुखाबाद में पढ़ चुका है। इस साल ही उसका एडमीशन तारा एकेडमी में कराया गया था। मासूम अर्णव बिंदास और तेज दिमाग है। शाम को उसके चेहरे पर डर का जरा भी भाव नहीं था। शाम करीब सवा आठ बजे घर में उछल कूद रहा था। अर्णव ने बताया कि स्कूल से उसे एक भइया बाइक में बिठाकर ले गए थे।

गन्ने के खेत में ले जाकर अंकल ने उसे डांटा और हाथ, पैर व मुंह बांध कर डाल दिया। इसके बाद भइया वहां से चले गए। खेत में ले जाते समय उसके चेहरे पर गन्ने की पत्तियों की खरोंच भी लग गई थी। अर्णव ने बताया उसने पैर हिलाकर बंधन ढीले कर खुद को बंधन मुक्त कर लिया। इसके बाद खेत के किनारे आ गया। इसी बीच एक अंकल वहां आ गए। वह उसे दूसरे अंकल के पास ले गए  फिर दोनों अंकल मुझे गांव में ले गए।

वहां पुलिस अंकल और बाबा व पापा मिल गए। दरअसल अर्णव जिस दूसरे अंकल की बात कर रहा है वह में कनापुरवा गांव निवासी भानू है। वह खेतों पर जानवर चराने गया था। बच्चे को गन्ने के खेत के किनारे पड़ा देखकर भानू ने पास मौजूद भूराटीकुर ग्राम प्रधान अभिषेक वाजपेयी के घर काम करने वाले द्वारिका को बताया। द्वारिका ने फोन पर प्रधान को सूचना दी और दोनों बच्चे को लेकर गांव पहुंचे। इसके बाद प्रधान ने पुलिस को सूचना दी। पिता अंकुर की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

अर्णव के अपहरण के बाद उसके बाबा के मोबाइल पर अपहरणकर्ता का तीन बार फोन आया था। नेटवर्क में दिक्कत के कारण बात नहीं हो पाई। अर्णव के फेंकने के बाद अपहरणकर्ता बिंदास होकर निकल गया। बरामदगी के बाद शाम 5 बजे के बाद अपहरणकर्ता का फोन फिर बाबा के मोबाइल पर आया। अपहरणकर्ता ने श्रीकांत से कहा कि अगर बच्चे को सलामत चाहते तो रुपये दे जाओ और मेने मोबाइल पर 502 रुपये का रीचार्ज करवा दो। इसके बाद फोन कट गया। अपहरणकर्ता को इस बात की जरा भी भनक नहीं थी कि बच्चे की बरामदगी हो गई है।

शहर से करीब आठ किलोमीटर आबाद भूराटीकुर गांव जिले के चर्चित गांवों में शुमार है। इस गांव में जाने के लिए अनजान आदमी हिम्मत नहीं जुटा पाता है। फिर अपहरणकर्ता ने बच्चे को लेकर भूराटीकुर की तरफ जाने की हिम्मत कैसे जुटा ली। अपहरणकर्ता की भूराटीकुर या आसपास के गांव के किसी न किसी से पहचान जरूर होगी। इस समय खेती किसानी का काम भी चल रहा है। ऐसे में अनजान आदमी किसी अनजान बच्चे को लेकर अनजान खेत में कैसे जाएगा


जबकि जहां बच्चा मिला वह शहर से महज आठ किलोमीटर ही दूर है। हालांकि पुलिस ने अपहरणकर्ता को ट्रेस कर लिया है, सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि पुलिस के हाथ अपहरणकर्ता के गिरेबान तक पहुंच भी गए हैं लेकिन वह फिलहाल कुछ बोल नहीं रही है। एएसपी बीसी दुबे ने इस मामले में बड़े इत्मीनान से बस इतना ही कहा कल सबकुछ बता देंगे। बगैर पहचान के छात्र को अज्ञात युवक के साथ भेजने के मामले में कोतवाल ने स्कूल संचालक को नोटिस जारी किया है। स्कूल संचालक से स्कू ल की सुरक्षा व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी मांगी गई है।

 

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