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गैंगरेप के बाद की गई थी छात्रा की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Tue, 10 Jan 2017 11:24 PM IST
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रेप और हत्या
- फोटो : प्रतीकात्मक
संडीला। कोतवाली क्षेत्र के जबर गांव बाग में मिला शव लखनऊ पिपरी कुराखर गांव की छात्रा का था। सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या गला दबाकर हत्या कर दी गई फिर शव को तेजाब डालकर जलाया गया था। हत्या शव मिलने के 4-5 दिन पहले होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। शव की शिनाख्त छात्रा की मां ने की है। मां ने गांव के एक युवक के खिलाफ बेटी को ले जाने की शिकायत दी थी लेकिन पुलिस गुमशुदगी में रिपोर्ट दर्ज की थी।
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संडीला कोतवाली क्षेत्र के जबर गांव बाग में आम के बाग में 16 वर्षीय लड़की का शव मिल था। किशोरी के गले में अधजला दुपट्टा लिपटा था और गर्दन से घुटने तक के कपड़े जले थे। लड़की सफेद जूते और सफेद मोजे पहने थी। उसके ठोढ़ी पर घाव था और मुंह से खून निकल रहा था। शव को एसिड से जलाया गया था। लखनऊ जिले थाना माल क्षेत्र की निवासी मां ने सोमवार रात संडीला थाने पहुंचे।
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फोटो से उसने मृत छात्रा की पहचान अपनी बेटी (19) के रूप में की। मंगलवार को उसने मोर्चरी में भी शव की शिनाख्त की। मां ने बताया कि उसकी तीन बेटियों और दो बेटों में वह सबसे बड़ी थी। वह माल कसबे के आदर्श सत्येंद्र महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। 4 जनवरी को सुबह 9 बजे कॉलेज के लिए गई थी लेकिन देर शाम तक नहीं लौटी।
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खोजबीन के बाद भी उसका पता न लगने पर उसने 5 जनवरी को सुबह माल थाने में तहरीर दी थी। उसमे गांव के इशाक के खिलाफ बेटी को बहलाफु सलाकर ले जाने की तहरीर दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी। छह जनवरी की शाम संडीला क्षेत्र के जबर गांव में छात्रा की लाश मिली। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें सामूहिक दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई है। मृतका के शरीर पर चोटों के निशान भी मिले हैं। हत्या के बाद शव को एसिड से जलाया गया था। एसपी हरदोई राजीव मल्होत्रा ने बताया कि पुलिस ने हत्या व साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज किया गया है।
रो रही मां ने कहा कि छात्रा के कॉलेज से न लौटने पर 5 जनवरी को थाने गई। गांव के ही इशाक पर अपहरण का अंदेशा जताते हुए कार्रवाई की मांग की लेकिन पुलिस ने टरका दिया। पुलिस उसकी शिकायत को गंभीरता से लेकर हरकत में आती तो उसकी बेटी की जान बच सकती थी। एसओ माल मुस्तकीम अहमद ने सफाई दी कि छात्रा की मां ने सोमवार को तहरीर दी थी। परिजनों का आरोप है कि रविवार को दूसरी तहरीर लिखवाकर गुमशुदगी लिखी थी।
दलित छात्रा की हत्या पर रो रहे माता-पिता ने बताया कि इशाक काफी दिनों से उनकी बेटी के पीछे पड़ा था। घर में पत्नी के होने के बावजूद उसने छात्रा पर शादी का दबाव बना रहा था। उसने तीन जनवरी को घर जाकर माता-पिता को धमकी दी थी कि किसी और से शादी होने पर वह छात्रा और उसके पति को मार डालेगा।
छात्रा को अगवा करके हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही की भनक लगने पर डीआईजी रेंज प्रवीण कुमार ने एसओ माल को फटकार लगाई। एसएसपी को कातिलों की जल्द गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इस पर एएसपी ग्रामीण प्रताप गोपेंद्र यादव, सीओ मलिहाबाद व क्राइम ब्रांच की टीम को लेकर मंगलवार देरशाम माल थाने पहुंचे। पुलिस ने इशाक की मां व पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इसके अलावा चार अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।