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अवैध शस्त्र फैक्ट्री के खुलासे की जांच सीबीसीआईडी से कराने का आदेश

Sun, 02 Jun 2019 10:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 10:48 PM IST
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अवैध शस्त्र फैक्ट्री के खुलासे की जांच सीबीसीआईडी से कराने का आदेश
हरदोई। डेढ़ माह पहले अवैध शस्त्र फैक्टरी के संचालन के बिलग्राम पुलिस द्वारा किए गए खुलासे पर जिला जज ने सवालिया निशान लगा दिया है। जिला जज ने मामले में आरोपी की जमानत मंजूर कर सीबीसीआईडी से निष्पक्ष जांच कराने का आदेश दिया है। बिलग्राम कोतवाली पुलिस की भूमिका की जांच भी सीबीसीआईडी से कराने को कहा है।
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बिलग्राम के कोतवाल अमरजीत सिंह ने 14 अप्रैल को एसपी आलोक प्रियदर्शी को सूचना दी थी कि ग्राम जरैला के निकट नदी के पुल के पास अवैध शस्त्र फैक्टरी पकड़ी गई है। यहां से शस्त्र और उपकरण बरामद हुए हैं। इस मामले में महेश पुत्र रुकुम लाल निवासी पुन्नापरवा मजरा कटरी बिलुही कोतवाली बिलग्राम को गिरफ्तार किया था। बताया था कि महेश का साथी सर्वेश कुमार पुत्र बिंदा फरार हो गया। पुलिस ने महेश को जेल भेज दिया था। अब अचानक यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। महेश की जमानत मंजूर कर जिला जज एसएएच रिजवी ने पूरे मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने के आदेश जारी किए हैं। बिलग्राम कोतवाली पुलिस की पूरी भूमिका की जांच भी सीबीसीआईडी से कराने के निर्देश एसपी आलोक प्रियदर्शी को दिए हैं। इससे पुलिस विभाग में खलबली मची है।
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तो हत्याकांड में गवाही रोकने को रची पुलिस ने साजिश
महेश पुत्र रुकुमलाल की जमानत अर्जी पर हुई सुनवाई में पुलिस की साजिश सामने आ गई। दरअसल 3 दिसंबर 2012 को महेश के भाई रामकिशोर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कटरी बिलुहई के तत्कालीन प्रधान और मौजूदा प्रधान के पति श्रीपाल के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज हुआ था। हत्या के मामले में गवाही न्यायालय में चल रही है। प्रधान के पति के विरुद्ध 15 अप्रैल 2019 को जिरह होनी थी और इस मामले में मुख्य गवाह महेश ही है। प्रधान ने महेश पर गवाही न देने के लिए दबाव भी डाला था। सूत्रों के अनुसार महेश के न मानने पर बिलग्राम के कोतवाल अमरजीत सिंह के साथ सांठ गांठ की गई और पुलिस ने महेश को अवैध शस्त्र फैक्टरी संचालित करने के मामले में आरोपी बनाकर 14 अप्रैल को ही जेल भेज दिया। ऐसे में वह 15 को न्यायालय में भी पेश नहीं हो सका।
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जहां खुला मैदान वहां बताए पेड़ और झाड़
पूरे खुलासे पर भी सवाल उठे हैं। पुलिस ने फैक्टरी बरामद होने के स्थान से महेश के साथी सर्वेश कुमार के पेड़ और झाड़ की आड़ में भाग जाने का उल्लेख अपनी चार्जशीट में किया था। अब पता चला कि जिस स्थान से गिरफ्तारी दिखाई गई वहां दूर दूर तक सिर्फ बालू और खुला मैदान है।
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