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आस्था का केंद्र है सुनासी नाथ शिवालय
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Sun, 24 Jul 2016 11:49 PM IST
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मंदिर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मल्लावां। पौराणिक सुनासी नाथ शिवालय हरदोई सहित कई जिलों के श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र है। औरंगजेब के आक्रमण का शिकार ये शिवालय अब फिर भव्य रूप ले चुका है। सावन में यहां लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन को पहुंचते हैं। बम-बम के जयकारे लगाते कांवरियों की कतारें इस शिवालय की आस्था की कहानी बयां करती है। इस बार सावन के पहले सोमवार की भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था पूरी कर ली है।
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मल्लावां से चार किमी दूर स्थित सुनासी नाथ शिवालय है। मान्यता है कि इस शिवलिंग की स्थापना देवराज इंद्र ने की थी। सोलहवीं शताब्दी में इस शिवालय पर मुगल बादशाह औरंगजेब ने आक्रमण कर लूटपाट कर शिवालय को नष्ट करने का प्रयास किया था। शिवालय नष्ट करने में असफल होने पर उसने शिवलिंग को आरे से चीरने का फरमान दिया। शिवलिंग से पहले दूध फिर खून की धारा निकली। इसके बावजूद मुगल सैनिक नहीं रुके तो बरैया और ततैया ने हमला बोल दिया। इससे मुगल फौज को भागना पड़ा था। अब यह शिवालय फिर भव्य रूप ले चुका है।
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शिवालय का पुनर्निर्माण मल्लावां के मोहल्ला भगवंतनगर निवासी मिश्रा परिवार की यशोदा देवी ने कराया था। संगमरमर से सजे शिवालय परिसर में कई अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित कराई गई हैं। हाईमास्ट लाइट में रात में मंदिर की छटा देखते ही बनती है। सावन में हरदोई के अलावा कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी सहित कई जिलों से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। कांवरिये भी गंगा से जल लाकर बाबा सुनासी नाथ का अभिषेक करते हैं। ऐसी मान्यता है कि बाबा के दर्शन से सबकी मनोकामना पूरी होती है।
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मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सत्य नारायण सेठ और उद्योग व्यापार संगठन के नीलेश गुप्ता ने बताया कि सावन में महिला श्रद्धालु रात में पहुंच जाती हैं। यहीं पर विश्राम कर प्रात:काल पूजा करती हैं। ऐसे में अराजकतत्व हावी रहते हैं। इससे शिवालय पर रात में भी पुलिसकर्मी लगाने की मांग एसपी से की गई है। कोतवाल सुजीत दुबे ने बताया कि सावन में भीड़ को देखते हुए मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं।