कैंडिल की रोशनी और हाथ के पंखे झलकर मरीजों ने गुजारी रात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। जिला अस्पताल में करोड़ों का बजट खर्च होने के बाद भी मरीजों को सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रहीं है। आलम यह है कि बिजली गुल होने पर मरीजों को रात कैंडिल की रोशनी और हाथ से पंखा झलकर गुजारना पड़ रहा है। हैरत की बात तो यह है कि कभी कभार जनरेटर चलते है तो वर्न वार्ड के एसी बंद रखे जाते जिससे यहां भर्ती मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार की रात कुछ ऐसा ही नजारा अस्पताल के वार्डो का देखने को मिला। बिजली गुल होने पर उमस भरी गर्मी में जनरेटर न चलने से मरीज बिलबिला गए। कुछ मरीज वार्ड से बाहर निकल आए तो कुछ के तीमारदार हाथ से पंखा डुलाते रहे।
सोमवार रात लगभग 9:30 बजे अचानक जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इससे वार्डो में घुप्प अंधेरा फैल गया। वार्डों में भर्ती मरीज और उनके साथ मौजूद तीमारदारों ने कुछ समय बिजली आने अथवा इसके बाद जनरेटर चलाए जाने का इंतजार किया। लेकिन आधा घंटा गुजरने के बाद भी न तो बिजली आई और न ही जनरेटर चालू हुआ। मरीजों के तीमारदारों ने मोमबत्ती जलाई।
मरीजों को गर्मी से परेशान होता देख मौजूद तीमारदार हाथ से पंखा डुला रहे थे। करीब एक घंटा का समय गुजर जाने के बाद जनरेटर चालू कराया गया। लेकिन वर्न वार्ड का एसी नहीं चालू हुआ। इसके बाद देर रात दोबारा बिजली गुल हो गई। इस बार भी घंटो बाद ही जनरेटर चालू कराया गया। कई बार बिजली जाने और घंटो बाद जनरेटर चलवाए जाने के कारण मरीज और उनके साथ मौजूद तीमारदारों ने जाग कर गुजारी। सीएमएस आरके मिश्र ने बताया कि जानकारी होने पर जनरेटर चलवा दिया गया था।