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बिना बाढ़ आबादी तक पहुंचीं गंगा, दो गांव खतरे में
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चिरंजूपुरवा में कटान वाली जगह इस तरह से लगाए जा रहे बंबू क्रेट।
- फोटो : HARDOI
हरदोई। बिना बाढ़ के गंगा आबादी तक पहुंच गई हैं। कटरी बिछुइया और चिरंजूपुरवा गांव खतरे में है। आसपास के दूसरे गांवों के लोग भी दहशत में हैं। सिंचाई विभाग ने बहाव को मूल धारा में वापस लाने और कटान को रोकने की कवायद शुरू कर दी है।
फर्रुखाबाद से सांडी के ग्राम तेरा पुरसौली के पास जनपद में प्रवेश करने वाली गंगा नदी सांडी व बिलग्राम के ग्राम कटरी बिछुइया, छिबरामऊ होते हुए कन्नौज जाती है। गंगा नदी जनपद में लगभग 60 किलोमीटर सफर तय करती है। जनपद के कटरी इलाके में गंगा की धारा पिछले कई सालों से अपना रुख बदल रही थी। 2015 के बाद नदी की मुख्य धारा का रुख तेजी से बदला है। कटरी बिछुइया के पास दाएं छोर पर टकराने के बाद नदी का रुख 90 प्रतिशत तक मुड़ गया है। इसी से नदी मूल धारा को छोड़कर कटान करती हुई लगभग दो किलोमीटर दूर चिरंजूपुरवा व कटरी बिछुइया तक पहुंच गई है।
धारा चिरंजूपुरवा और कटरी बिछुइया गांव से 10 से 20 मीटर दूर है। मामला गंभीर हुआ तो विधायक आशीष सिंह आशू और सांसद अशोक रावत ने इसे शासन के सामने उठाया। आनन फानन में कटान रोकने व बहाव को मूल धारा में वापस लाने का निर्देश जारी हुआ। इसके बाद सिंचाई विभाग ने नदी के बहाव को मूल धारा में वापस लाने और गांव के किनारे हो रहे कटान को रोकने की कवायद शुरू कर दी। टापू बन चुकी जगह की खुदाई करा उसे बहाव लायक बनाया गया। दूसरी ओर जाने वाले बहाव के मुहाने पर स्क्रीनिंग (तीन लेयर में बांस लगाकर बहाव का रुख मोड़ने का प्रयास) का काम शुरू कराया गया। स्क्रीनिंग का लगभग आधा काम पूरा कर लिया गया है। कुछ दिनों से नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर स्क्रीनिंग का काम रोक दिया गया है।
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इससे इतर विभाग ने 15 दिन पहले कटान वाली जगह चिरंजूपुरवा व ग्राम कटरी बिछुइया के पास बंबू क्रेट (बांस का जाल लगाकर नदी में स्थापित करना) व फ्लड फाइटिंग (जाल में बालू की बोरियां भरकर कटान वाले हिस्से में डाला जा रहा है) का काम शुरू करा दिया गया है। विभाग इसमें काफी हद तक सफल भी होता दिख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। नदी का पूर्ण बहाव मुख्य धारा में परिवर्तित हो जाएगा तो कटान रुक जाएगा।
इतने गांव सीधे तौर पर होंगे प्रभावित
इलाकाईलोगों का कहना है कि नदी के तेज बहाव से मिट्टी का तेजी से कटान हो रहा है। नदी का बहाव कटरी बिछुइया व चिरंजूपुरवा के पास तक पहुंच गया है। इन गांवों के साथ ही कटरी छिबरामऊ, घासीराम पुरवा, मक्कूपुरवा व गुलाबपुरवा भी खतरे की जद में हैं। अगर गंगा का बहाव मूल धारा में परिवर्तित नहीं हुआ तो एक-एक कर इन सभी गांवों का कटान की जद में आना तय है।
1.5 करोड़ का बजट, मनरेगा से कराई जा रही स्क्रीनिंग
नदी की मुख्य धारा के बहाव का रुख बदलने के बाद पुराने बहाव वाला लगभग एक किलोमीटर हिस्सा टापू में परिवर्तित हो चुका था। विभाग की ओर से टापू बन चुके पुरानी धारा के बहाव वाले हिस्से की खुदाई कर गहरा बनाया गया। इसके बाद नई धारा पर बांस की तीन लेयर बना (स्क्रीनिंग कर), बहाव का रुख पुन: पुरानी धारा/रास्ते की ओर से मोड़ा गया। अधिशासी अभियंता अखिलेश गौतम ने बताया कि स्क्रीनिंग का काम मनरेगा योजना के तहत कराया जा रहा है। इसके लिए शासन से 1 करोड़ 15 लाख रुपये का बजट जारी हुआ है।
रोज डाली जा रहीं 20 हजार बोरी बालू
चिरंजूपुरवा व कटरी बिछुइया के पास तक पहुंचा नदी का बहाव तेजी से मिट्टी का कटान कर रहा है। खतरा बढ़ते ही विभाग ने पहले बंबू क्रेट (बांस का जाल) बनाने के साथ युद्ध स्तर पर फ्लड फाइटिंग (कटान वाले हिस्से में जाल में बालू की बोरियां भरकर लगाई जा रहीं) का काम शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कटान काफी तेज हो रहा है। हर रोज लगभग 20 हजार बालू भरी बोरियां कटान वाले हिस्से में डाली जा रही हैं।
24 घंटे चल रहा काम, शिफ्ट में काम कर रही टीमें
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता अखिलेश गौतम ने बताया कि बंबू क्रेट व फ्लड फाइटिंग का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। टीमें शिफ्ट में रात और दिन काम रही हैं। सहायक अभियंता व अवर अभियंता मौके पर कैंप कर लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बंबू क्रेटिंग के लिए भी 35 लाख का बजट
चिरंजूपुरवा व कटरी बिछुइया के पास गंगा नदी के तेज बहाव से हो रहे कटान को रोकने के लिए मनरेगा योजना से कटान वाले हिस्से में बंबू क्रेट लगाए जा रहे हैं। दोनों जगह बंबू क्रेट का काम मनरेगा से कराया जा रहा है। इसके लिए शासन से 35.96 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।
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फर्रुखाबाद से सांडी के ग्राम तेरा पुरसौली के पास जनपद में प्रवेश करने वाली गंगा नदी सांडी व बिलग्राम के ग्राम कटरी बिछुइया, छिबरामऊ होते हुए कन्नौज जाती है। गंगा नदी जनपद में लगभग 60 किलोमीटर सफर तय करती है। जनपद के कटरी इलाके में गंगा की धारा पिछले कई सालों से अपना रुख बदल रही थी। 2015 के बाद नदी की मुख्य धारा का रुख तेजी से बदला है। कटरी बिछुइया के पास दाएं छोर पर टकराने के बाद नदी का रुख 90 प्रतिशत तक मुड़ गया है। इसी से नदी मूल धारा को छोड़कर कटान करती हुई लगभग दो किलोमीटर दूर चिरंजूपुरवा व कटरी बिछुइया तक पहुंच गई है।
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धारा चिरंजूपुरवा और कटरी बिछुइया गांव से 10 से 20 मीटर दूर है। मामला गंभीर हुआ तो विधायक आशीष सिंह आशू और सांसद अशोक रावत ने इसे शासन के सामने उठाया। आनन फानन में कटान रोकने व बहाव को मूल धारा में वापस लाने का निर्देश जारी हुआ। इसके बाद सिंचाई विभाग ने नदी के बहाव को मूल धारा में वापस लाने और गांव के किनारे हो रहे कटान को रोकने की कवायद शुरू कर दी। टापू बन चुकी जगह की खुदाई करा उसे बहाव लायक बनाया गया। दूसरी ओर जाने वाले बहाव के मुहाने पर स्क्रीनिंग (तीन लेयर में बांस लगाकर बहाव का रुख मोड़ने का प्रयास) का काम शुरू कराया गया। स्क्रीनिंग का लगभग आधा काम पूरा कर लिया गया है। कुछ दिनों से नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर स्क्रीनिंग का काम रोक दिया गया है।
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इससे इतर विभाग ने 15 दिन पहले कटान वाली जगह चिरंजूपुरवा व ग्राम कटरी बिछुइया के पास बंबू क्रेट (बांस का जाल लगाकर नदी में स्थापित करना) व फ्लड फाइटिंग (जाल में बालू की बोरियां भरकर कटान वाले हिस्से में डाला जा रहा है) का काम शुरू करा दिया गया है। विभाग इसमें काफी हद तक सफल भी होता दिख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। नदी का पूर्ण बहाव मुख्य धारा में परिवर्तित हो जाएगा तो कटान रुक जाएगा।
इतने गांव सीधे तौर पर होंगे प्रभावित
इलाकाईलोगों का कहना है कि नदी के तेज बहाव से मिट्टी का तेजी से कटान हो रहा है। नदी का बहाव कटरी बिछुइया व चिरंजूपुरवा के पास तक पहुंच गया है। इन गांवों के साथ ही कटरी छिबरामऊ, घासीराम पुरवा, मक्कूपुरवा व गुलाबपुरवा भी खतरे की जद में हैं। अगर गंगा का बहाव मूल धारा में परिवर्तित नहीं हुआ तो एक-एक कर इन सभी गांवों का कटान की जद में आना तय है।
1.5 करोड़ का बजट, मनरेगा से कराई जा रही स्क्रीनिंग
नदी की मुख्य धारा के बहाव का रुख बदलने के बाद पुराने बहाव वाला लगभग एक किलोमीटर हिस्सा टापू में परिवर्तित हो चुका था। विभाग की ओर से टापू बन चुके पुरानी धारा के बहाव वाले हिस्से की खुदाई कर गहरा बनाया गया। इसके बाद नई धारा पर बांस की तीन लेयर बना (स्क्रीनिंग कर), बहाव का रुख पुन: पुरानी धारा/रास्ते की ओर से मोड़ा गया। अधिशासी अभियंता अखिलेश गौतम ने बताया कि स्क्रीनिंग का काम मनरेगा योजना के तहत कराया जा रहा है। इसके लिए शासन से 1 करोड़ 15 लाख रुपये का बजट जारी हुआ है।
रोज डाली जा रहीं 20 हजार बोरी बालू
चिरंजूपुरवा व कटरी बिछुइया के पास तक पहुंचा नदी का बहाव तेजी से मिट्टी का कटान कर रहा है। खतरा बढ़ते ही विभाग ने पहले बंबू क्रेट (बांस का जाल) बनाने के साथ युद्ध स्तर पर फ्लड फाइटिंग (कटान वाले हिस्से में जाल में बालू की बोरियां भरकर लगाई जा रहीं) का काम शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कटान काफी तेज हो रहा है। हर रोज लगभग 20 हजार बालू भरी बोरियां कटान वाले हिस्से में डाली जा रही हैं।
24 घंटे चल रहा काम, शिफ्ट में काम कर रही टीमें
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता अखिलेश गौतम ने बताया कि बंबू क्रेट व फ्लड फाइटिंग का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। टीमें शिफ्ट में रात और दिन काम रही हैं। सहायक अभियंता व अवर अभियंता मौके पर कैंप कर लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
बंबू क्रेटिंग के लिए भी 35 लाख का बजट
चिरंजूपुरवा व कटरी बिछुइया के पास गंगा नदी के तेज बहाव से हो रहे कटान को रोकने के लिए मनरेगा योजना से कटान वाले हिस्से में बंबू क्रेट लगाए जा रहे हैं। दोनों जगह बंबू क्रेट का काम मनरेगा से कराया जा रहा है। इसके लिए शासन से 35.96 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।