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आधार नंबर करेगा बालिकाओं की ट्रैकिंग
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Sun, 17 Jul 2016 11:56 PM IST
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छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयाें से कक्षा छह से आठ तक का अध्ययन करने के बाद पास आउट हुई बालिकाओं की भी अब ट्रैकिंग की जाएगी। कक्षा छह में प्रवेश के दौरान आधार नंबर को ही उनका प्रवेशांक बनाकर पास आउट होने के बाद न सिर्फ उनका कक्षा नौ में प्रवेश सुनिश्चित कराया जाएगा बल्कि उनका पूरा ब्यौरा वार्डेनों को रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर परियोजना स्तर से भी समय-समय पर जानकारी ली जाती रहेगी।
कस्तूरबा स्कूलों में बालिकाओं को कक्षा छह में प्रवेश दिया जाता है। यहां पर आवासीय सुविधा प्रदान करते हुए उनके पठन पाठन से लेकर रहने व पहनने सहित कई सुविधाएं इन बालिकाओं को प्रदान की जाती है। यही बालिकाएं कक्षा आठ पास होने के बाद कहां जाती हैं इनको लेकर संबंधित कस्तूरबा स्कूल को कम ही जानकारी हो पाती है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कक्षा छह में बालिकाओं को प्रवेश लिया जाए तो उनके आधार नंबर को एसआर नंबर यानी प्रवेशंाक बनाया जाए। कक्षा आठ पास होने के बाद उनका कक्षा नौ में सौ प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही वार्डेन व स्कूल प्रबंधन उन बालिकाओं का पूरा ब्यौरा रखेगा। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक जीएस प्रियदर्शी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही 30 जुलाई तक इस संबंध में आख्या मांगी है। बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने बताया कि शासनादेश प्राप्त हो गए हैं। शासनादेशों का अनुपालन किया जाएगा।
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तो प्रवेश के लिए आवश्यक होगा आधार
भविष्य में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए बालिकाओं को आधार नंबर भी देना होगा। यदि प्रवेश में शासनादेशों का अनुपालन हुआ तो आधार नंबर प्रवेश कराने वाली हर छात्रा के पास होना चाहिए।
बिजनौर के हल्दौर के निदेशक ने दिया उदाहरण
कस्तूरबा गांधी विद्यालय से पास आउट हुई बालिकाओं की ट्रैकिंग के मामले में परियोजना निदेशक ने बिजनौर के हल्दौर के कस्तूरबा स्कूल का उदाहरण बीएसए को दिया है। बीएसए को जारी पत्र में बताया गया कि पास आउट बालिकाओं का रिकार्ड इस स्कूल में बेहतर ढंग से किया गया है। इस विद्यालय के उदाहरण से वार्डेन सीख ले सकती हैं।
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कस्तूरबा स्कूलों में बालिकाओं को कक्षा छह में प्रवेश दिया जाता है। यहां पर आवासीय सुविधा प्रदान करते हुए उनके पठन पाठन से लेकर रहने व पहनने सहित कई सुविधाएं इन बालिकाओं को प्रदान की जाती है। यही बालिकाएं कक्षा आठ पास होने के बाद कहां जाती हैं इनको लेकर संबंधित कस्तूरबा स्कूल को कम ही जानकारी हो पाती है।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कक्षा छह में बालिकाओं को प्रवेश लिया जाए तो उनके आधार नंबर को एसआर नंबर यानी प्रवेशंाक बनाया जाए। कक्षा आठ पास होने के बाद उनका कक्षा नौ में सौ प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही वार्डेन व स्कूल प्रबंधन उन बालिकाओं का पूरा ब्यौरा रखेगा। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक जीएस प्रियदर्शी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही 30 जुलाई तक इस संबंध में आख्या मांगी है। बीएसए मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने बताया कि शासनादेश प्राप्त हो गए हैं। शासनादेशों का अनुपालन किया जाएगा।
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तो प्रवेश के लिए आवश्यक होगा आधार
भविष्य में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए बालिकाओं को आधार नंबर भी देना होगा। यदि प्रवेश में शासनादेशों का अनुपालन हुआ तो आधार नंबर प्रवेश कराने वाली हर छात्रा के पास होना चाहिए।
बिजनौर के हल्दौर के निदेशक ने दिया उदाहरण
कस्तूरबा गांधी विद्यालय से पास आउट हुई बालिकाओं की ट्रैकिंग के मामले में परियोजना निदेशक ने बिजनौर के हल्दौर के कस्तूरबा स्कूल का उदाहरण बीएसए को दिया है। बीएसए को जारी पत्र में बताया गया कि पास आउट बालिकाओं का रिकार्ड इस स्कूल में बेहतर ढंग से किया गया है। इस विद्यालय के उदाहरण से वार्डेन सीख ले सकती हैं।