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डेढ़ माह से आधार कार्ड बनाने वाली मशीन खराब
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सांडी। डॉकघर में आधार कार्ड बनाने वाली मशीन करीब डेढ़ माह से खराब पड़ी है। हैरतअंगेज पहलू यह है कि मुख्यालय सूचना देने के बाद भी अभी तक मशीन ठीक करने के लिए इंजीनियर साहब नहीं आए। नतीजतन करीब डेढ़ माह से यहां आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने आने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उप डॉकपाल सुरेश प्रजापति ने बताया कि हेडऑफिस सूचना दी गई है। इंजीनियर आने के बाद ही मशीन सही हो सकेगी।
कस्बे मेें स्थित डॉकघर में आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए मशीन लगाकर एक अलग काउंटर भी खोला गया, लेकिन तकनीकी खामी के चलते मशीन लगभग डेढ़ माह से खराब पड़ी है। मशीन खराब होने के बाद हर रोज डॉकघर आने वाले लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है।
सोमवार को बेटी का आधार कार्ड बनवाने के लिए डॉकघर पहुंची श्रीमऊ गांव निवासी निर्मला देवी ने बताया कि उनका गांव 32 किलोमीटर दूर है। वह सिर्फ आधार कार्ड बनवाने आई थीं, लेकिन यहां आने पर पता चला कि मशीन खराब है। डॉकघर में मौजूद विकास, लवकुश व जगदीश ने बताया कि उनका गांव भी 20 किलोमीटर दूर है, वह सोमवार को आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने आए थे, लेकिन काम नहीं हो सका।
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कुछ यही हाल कस्बे के मोहिसन, रामू, बबलू व श्याम का था। बताया कि वह कई बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन डेढ़ माह में अब तक मशीन सही नहीं हो सकी है। इधर डेढ़ माह से मशीन सही न हो पाने के कारण डॉकघर प्रशासन ने भी कार्यालय में इसकी सूचना भी चस्पा भी करा दी है।
उप डॉकपाल सुरेश प्रजापति ने बताया कि तकनीकी खामी के कारण मशीन काम नहीं कर रही है। इसकी सूचना बंगलूरू में सिस्टम मैनेजर कार्यालय को दी जा चुकी है। वहां से इंजीनियर आने के बाद इसे सही कराया जाएगा।
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कस्बे मेें स्थित डॉकघर में आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए मशीन लगाकर एक अलग काउंटर भी खोला गया, लेकिन तकनीकी खामी के चलते मशीन लगभग डेढ़ माह से खराब पड़ी है। मशीन खराब होने के बाद हर रोज डॉकघर आने वाले लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है।
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सोमवार को बेटी का आधार कार्ड बनवाने के लिए डॉकघर पहुंची श्रीमऊ गांव निवासी निर्मला देवी ने बताया कि उनका गांव 32 किलोमीटर दूर है। वह सिर्फ आधार कार्ड बनवाने आई थीं, लेकिन यहां आने पर पता चला कि मशीन खराब है। डॉकघर में मौजूद विकास, लवकुश व जगदीश ने बताया कि उनका गांव भी 20 किलोमीटर दूर है, वह सोमवार को आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने आए थे, लेकिन काम नहीं हो सका।
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कुछ यही हाल कस्बे के मोहिसन, रामू, बबलू व श्याम का था। बताया कि वह कई बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन डेढ़ माह में अब तक मशीन सही नहीं हो सकी है। इधर डेढ़ माह से मशीन सही न हो पाने के कारण डॉकघर प्रशासन ने भी कार्यालय में इसकी सूचना भी चस्पा भी करा दी है।
उप डॉकपाल सुरेश प्रजापति ने बताया कि तकनीकी खामी के कारण मशीन काम नहीं कर रही है। इसकी सूचना बंगलूरू में सिस्टम मैनेजर कार्यालय को दी जा चुकी है। वहां से इंजीनियर आने के बाद इसे सही कराया जाएगा।