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एसी उड़ा रहा लाखों का राजस्व
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 22 May 2015 12:39 AM IST
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पावर कारपोरेशन ने राजस्व वसूली को बढ़ाने के लिए
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वृहद स्तर पर कई अभियान भी चलाया और कारपोरेशन ने आम उपभोक्ताआें से बकाया
वसूलने को जमकर कार्रवाई भी की, लेकिन सरकारी कार्यालयों और आवासों की
बकाएदारी बिजली विभाग वसूल नहीं कर पाया है, जबकि विद्युत आपूर्ति के एवज
में सरकारी आवासों के लिए आज भी निर्धारित शुल्क ही लागू है, जिसे भी अदा
नहीं किया गया।
इतना ही जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य आला अधिकारियों के निवास के लिए बना ट्रांजिट हॉस्टल पर भी बिजली बिल की लाखों रुपये की बकाएदारी है, जिसे अधिकारियों ने अभी तक जमा नहीं किया और अब तो आवासों में एयरकंडीशन भी चलता है, जिससे बिजली विभाग के राजस्व को तगड़ा नुकसान हो रहा है।
इसके बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी इन लोगों पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी अधिकारियों के लिए शहर में बने ट्रांजिट हॉस्टल में भी एक हजार रुपये निर्धारित शुल्क से बिजली बिलिंग होती है, लेकिन यहां रहने वाले अधिकारियों ने बिजली बिल का निर्धारित शुल्क तो दिया नहीं, बल्कि अपने कमरों में एयर कंडीशन भी लगा रखे हैं।
ऐसे में अब स्थिति यह है कि ट्रांजिट हॉस्टल पर 32 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे विभाग से अभी तक वसूली नहीं की जा सकी है। अपने सरकारी आवास को आरामदायक बनाने में पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता भी पीछे नहीं हैं। जिलाधिकारी आवास के सामने स्थिति पीडब्ल्यूडी एक्सईएन के आवास पर एक एसी के साथ दो कूलर भी लगे हुए हैं, पर वहां भी एक्सईएन से बिजली का बिल निर्धारित शुल्क से ही वसूला जा रहा है, जबकि पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता पर भी 11 लाख रुपये की बिजली बिल की बकाएदारी है।
बिजली बिलिंग में विभाग के कर्मचारियों को भी राहत मिल रही है। कारपोरेशन ने तो विद्युत विभाग के अधिकारियों अधिकारी ौर कर्मचारियों को भी बिजली मीटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जनपद में अभी तक कर्मचारियों और अधिकारियों के आवास पर मीटर नहीं लगे हैं और कर्मचारी भी निर्धारित शुल्क से ही बिजली आपूर्ति का उपभोग कर रहे हैं।
जिले में आला अधिकारियों के आवास और कार्यालयाें पर लाखों रुपये की बकाएदारी है। जिलाधिकारी के आवास और कार्यालय पर 5.91 लाख रुपये की बकाएदारी बिजली विभाग के अभिलेखों में दर्ज है, जबकि पुलिस अधीक्षक कार्यालय व पुलिस कर्मी आवासों पर 29 लाख रुपये की बिजली बिल की बकाएदारी है, लेकिन आला अधिकारियों से विभाग वसूली नहीं कर पा रहा है।
जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एक्सईएन पीडब्लूडी और ट्रांजिट हॉस्टल के अतिरिक्त पुलिस लाइन में स्थित पुलिस कालोनी परिसर भी अभी पूरी तरह से अनमीटर्ड है और वहां भी लोड के अनुसार उपभोक्ताओं से बिजली की बिलिंग कर बकाया वसूला जाता है, जिसमें कई बार उपभोक्ताओं द्वारा अधिक लोड वहन करने पर भी कम बिल देना पड़ता है।
सरकारी आवास और कार्यालय पर लाखों रूपये की बकाएदारी है फिर भी बिजली विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा है जबकि आम उपभोक्ताओं को पांच हजार रूपये के बकाएदारी पर कार्यवाही का दंश झेलना पड़ता है। गौरतलब हो कि हाल में ही चलाए गए अभियान में भी सिर्फ आम घरेलू व कामर्शियल उपभोक्ताओं पर कार्यवाही की गई। जबकि सरकारी बकाएदार और बड़े बकाएदारों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
इतना ही जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य आला अधिकारियों के निवास के लिए बना ट्रांजिट हॉस्टल पर भी बिजली बिल की लाखों रुपये की बकाएदारी है, जिसे अधिकारियों ने अभी तक जमा नहीं किया और अब तो आवासों में एयरकंडीशन भी चलता है, जिससे बिजली विभाग के राजस्व को तगड़ा नुकसान हो रहा है।
इसके बावजूद बिजली विभाग के अधिकारी इन लोगों पर कोई भी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी अधिकारियों के लिए शहर में बने ट्रांजिट हॉस्टल में भी एक हजार रुपये निर्धारित शुल्क से बिजली बिलिंग होती है, लेकिन यहां रहने वाले अधिकारियों ने बिजली बिल का निर्धारित शुल्क तो दिया नहीं, बल्कि अपने कमरों में एयर कंडीशन भी लगा रखे हैं।
ऐसे में अब स्थिति यह है कि ट्रांजिट हॉस्टल पर 32 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे विभाग से अभी तक वसूली नहीं की जा सकी है। अपने सरकारी आवास को आरामदायक बनाने में पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता भी पीछे नहीं हैं। जिलाधिकारी आवास के सामने स्थिति पीडब्ल्यूडी एक्सईएन के आवास पर एक एसी के साथ दो कूलर भी लगे हुए हैं, पर वहां भी एक्सईएन से बिजली का बिल निर्धारित शुल्क से ही वसूला जा रहा है, जबकि पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता पर भी 11 लाख रुपये की बिजली बिल की बकाएदारी है।
बिजली बिलिंग में विभाग के कर्मचारियों को भी राहत मिल रही है। कारपोरेशन ने तो विद्युत विभाग के अधिकारियों अधिकारी ौर कर्मचारियों को भी बिजली मीटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जनपद में अभी तक कर्मचारियों और अधिकारियों के आवास पर मीटर नहीं लगे हैं और कर्मचारी भी निर्धारित शुल्क से ही बिजली आपूर्ति का उपभोग कर रहे हैं।
जिले में आला अधिकारियों के आवास और कार्यालयाें पर लाखों रुपये की बकाएदारी है। जिलाधिकारी के आवास और कार्यालय पर 5.91 लाख रुपये की बकाएदारी बिजली विभाग के अभिलेखों में दर्ज है, जबकि पुलिस अधीक्षक कार्यालय व पुलिस कर्मी आवासों पर 29 लाख रुपये की बिजली बिल की बकाएदारी है, लेकिन आला अधिकारियों से विभाग वसूली नहीं कर पा रहा है।
जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एक्सईएन पीडब्लूडी और ट्रांजिट हॉस्टल के अतिरिक्त पुलिस लाइन में स्थित पुलिस कालोनी परिसर भी अभी पूरी तरह से अनमीटर्ड है और वहां भी लोड के अनुसार उपभोक्ताओं से बिजली की बिलिंग कर बकाया वसूला जाता है, जिसमें कई बार उपभोक्ताओं द्वारा अधिक लोड वहन करने पर भी कम बिल देना पड़ता है।
सरकारी आवास और कार्यालय पर लाखों रूपये की बकाएदारी है फिर भी बिजली विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा है जबकि आम उपभोक्ताओं को पांच हजार रूपये के बकाएदारी पर कार्यवाही का दंश झेलना पड़ता है। गौरतलब हो कि हाल में ही चलाए गए अभियान में भी सिर्फ आम घरेलू व कामर्शियल उपभोक्ताओं पर कार्यवाही की गई। जबकि सरकारी बकाएदार और बड़े बकाएदारों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।