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तालाब एक, पर खुदाई के लिए तीन बार भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Sat, 17 Dec 2016 11:50 PM IST
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टोडरपुर की ग्राम पंचायत जमुरा का निरीक्षण करते मनरेगा लोकपाल रामसागर व अन्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। मनरेगा के अंतर्गत तालाबों की खुदाई और सुंदरीकरण के नाम पर खेल किया गया है। प्रधानों के द्वारा एक तालाब पर अलग-अलग नामों से तीन बार भुगतान कराने का मामला प्रकाश में आया है। मनरेगा लोकपाल ने प्रधान, सक्रेटरी से जमुरा में कराए गए कार्यों के अभिलेख तलब किए हैं। मनरेगा लोकपाल की इस कार्रवाई से प्रधानों व सेक्रेटरी में हड़कंप मच गया है।
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टोडरपुर की ग्राम पंचायत जमुरा में तालाब की खुदाई और सुंदरीकरण के नाम पर हुए खेल की शिकायत गांव के अब्दुल रहमान ने तीन माह पूर्व की थी। शिकायत कर्ता ने बताया कि पूर्व प्रधान रामौतार ने मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी की है। इस मामले की जांच सीडीओ ने मनरेगा लोकपाल को सौंपी। शुक्रवार को मनरेगा लोकपाल रामसागर ने बीडीओ टोडरपुर अनिमेष सक्सेना, एपीओ विनोद सक्सेना व पुलिस कर्मियों के साथ गांव पहुंचकर तालाबों की जांच की। जांच के दौरान जमुरा नाम से एक तालाब के निर्माण को धोबीघाट, जमुरा व जमुरा आदर्श तालाब के नाम से भुगतान कराने का मामला प्रकाश में आया।
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इस पर उन्होंने प्रधान और सेक्रेटरी को तालाब निर्माण पर खर्च हुई धनराशि व गांव में कराए गए समस्त विकास कार्यों के अभिलेख तलब किए है। इसके बाद उन्होंने ईदगाह, धियरा तालाब, चमरइया तालाब की भी जांच की। जिसमें भी गड़बड़ी मिली। उन्होंने गांव में बनवाई गई केसी ड्रेन की जांच की। केसी ड्रेन की 1400 मीटर खुदाई होनी थी, लेकिन इसकी खुदाई मात्र 500 मीटर हुई। ड्रेन खुदाई के लिए मिली धनराशि में गबन किया गया है। मनरेगा उपायुक्त ने बताया कि शिकायत कर्ता की शिकायत सही पाई गई है। तालाब निर्माण और अन्य कार्यों में कितनी अनियमितता व गबन किया गया है। इसकी जानकारी अभिलेखों की जांच के बाद ही पता चलेगा।
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