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स्लाटर हाउस के विरोध में प्रदर्शन
Hardoi
Updated Fri, 25 Oct 2013 05:41 AM IST
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संडीला। औद्योगिक क्षेत्र में मुंबई की एक कंपनी द्वारा स्लाटर हाउस की स्थापना के विरोध में पशु एवं पर्यावरण बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में इमलियाबाग चौराहे से बस स्टैंड तक जुलूस निकालकर स्टैंड चौराहे पर प्रदर्शन किया गया तथा गवर्नर को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया गया।
गुरुवार को मोर्चा की अगुवाई में इमलियाबाग चौराहे पर भारी संख्या में एकत्रित हुए जयदीप मिश्रा रामजी दोसर के नेतृत्व में कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिसमें स्लाटर हाउस के विरोध में नारे लिखे हुए थे। कार्यक र्ता इमलियाबाग से साढ़े 12 बजे नारेबाजी करते बस स्टैंड पर पहुंचे और प्रदर्शन करने के बाद गवर्नर को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। ज्ञापन में कहा गया कि 25एकड जमीन पर स्लाटर बनने से यहां प्रतिदिन 30 हजार छोटे बडे़ जानवरों व पशु पक्षियों का वध किया जाएगा, जो आसपास मीलों तक का वातावरण प्रदूषित करेगा और दुर्गंध के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा।
इससे दुधारू पशुओं में कमी आएगी और लोग दूध के लिए तरसने लगेंगे। यही नहीं औद्योगिक क्षेत्र में लगे करीब एक दर्जन कारखाने जिनमें राइस मिल, आटा मिल, दूध डेरी, बेकरी आदि में काम करने वाले मजदूरों का जीना हराम हो जाएगा। गांव में पशुओें की चोरी बढ़ जाएगी और बडे़ पशुओं के साथ गौकशी भी होगी। यही नहीं लोगों ंकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने से शांति व अमन चैन बनाये रखने की समस्या भी पैदा होगी। औद्योगिक क्षेत्र की मिट्टी व पानी दोनों ही दूषित होंगे। स्लाटर हाउसस की स्थापना से क्षेत्र के लोगों में जबरदस्त रोष है।
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जुलूस में पशु एवं पर्यावरण बचाव मोर्चा के पदाधिकारी हरि ओम गुप्ता, पंकज, देवेंद्र प्रताप सिंह, अंशु मिश्रा, विनय, नारायण आदि शामिल थे। इसके अलावा नगर के कई सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी मोर्चे को समर्थन दिया और सभी समुदाय के लोग इस बूचड़ खाने का विरोध कर रहे हैं।
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गुरुवार को मोर्चा की अगुवाई में इमलियाबाग चौराहे पर भारी संख्या में एकत्रित हुए जयदीप मिश्रा रामजी दोसर के नेतृत्व में कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिसमें स्लाटर हाउस के विरोध में नारे लिखे हुए थे। कार्यक र्ता इमलियाबाग से साढ़े 12 बजे नारेबाजी करते बस स्टैंड पर पहुंचे और प्रदर्शन करने के बाद गवर्नर को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। ज्ञापन में कहा गया कि 25एकड जमीन पर स्लाटर बनने से यहां प्रतिदिन 30 हजार छोटे बडे़ जानवरों व पशु पक्षियों का वध किया जाएगा, जो आसपास मीलों तक का वातावरण प्रदूषित करेगा और दुर्गंध के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा।
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इससे दुधारू पशुओं में कमी आएगी और लोग दूध के लिए तरसने लगेंगे। यही नहीं औद्योगिक क्षेत्र में लगे करीब एक दर्जन कारखाने जिनमें राइस मिल, आटा मिल, दूध डेरी, बेकरी आदि में काम करने वाले मजदूरों का जीना हराम हो जाएगा। गांव में पशुओें की चोरी बढ़ जाएगी और बडे़ पशुओं के साथ गौकशी भी होगी। यही नहीं लोगों ंकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने से शांति व अमन चैन बनाये रखने की समस्या भी पैदा होगी। औद्योगिक क्षेत्र की मिट्टी व पानी दोनों ही दूषित होंगे। स्लाटर हाउसस की स्थापना से क्षेत्र के लोगों में जबरदस्त रोष है।
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जुलूस में पशु एवं पर्यावरण बचाव मोर्चा के पदाधिकारी हरि ओम गुप्ता, पंकज, देवेंद्र प्रताप सिंह, अंशु मिश्रा, विनय, नारायण आदि शामिल थे। इसके अलावा नगर के कई सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी मोर्चे को समर्थन दिया और सभी समुदाय के लोग इस बूचड़ खाने का विरोध कर रहे हैं।