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जहां मिली जगह, वहीं डाला कूड़ा
Hardoi
Updated Wed, 23 Oct 2013 05:40 AM IST
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हरदोई। शहर की सड़कों पर जहां मन चाहा कूड़ा कचरा लोगों द्वारा डाल दिया जाता है, जिससे यह सड़कों के किनारे पड़े पड़े सड़ता रहता है। बारिश होने पर तो इससे उठने वाली सड़ांध पूरा माहौल खराब कर देती है। पालिका द्वारा कूड़ा उठवाने को नियमित व्यवस्था की गई, पर अवकाश के दिनों में कूड़ा नहीं उठ पाता।
पिछले एक साल से कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए चर्चा तो हो रही, पर इसके लिए भूमि की व्यवस्था करने को लेकर सक्रियता नहीं दिखाई जा रही, जिससे योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। शहर के आस पास कहीं कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने को भूमि तलाश की जा रही है। जानकारों का मानना है कि भूमि का प्रबंध तभी हो सकता है जब शासन की ओर से आस पास के गांवों से ग्राम समाज की भूमि को मुहैया कराने की पहल की जाए। जिसमें विनियमित क्षेत्र के तहत करीब 40 गांव ऐसे हैं, जो कि शहर से 10 से 15 किमी के दायरे में आते हैं।
इन गांवों की परती भूमि या फिर अन्य प्रकार की खाली पड़ी भूमि के बारे में सर्च हो, तो शायद भूमि का प्रबंध हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि अगर कूड़ा निस्तारण ग्रह बन जाता है, तो काफी हद तो लोगों को समस्या से निजात मिल सकती है। उधर, पालिका के प्रभारी ईओ तथा एसडीएम डा. अशोक शुक्ला ने कहा कि पालिका के पास अपनी जमीन न होने से कूड़ा निस्तारण योजना का अभी तक क्रियान्वयन नहीं हो सका है। भूमि का प्रबंध करने को कार्रवाई की जा रही है। सड़कों के किनारे कूड़ा न एकत्र हो इसके लिए 200 सीमेंटेड कूड़ा दान मोहल्लों में लगवाने की व्यवस्था की जा रही है।
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पिछले एक साल से कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए चर्चा तो हो रही, पर इसके लिए भूमि की व्यवस्था करने को लेकर सक्रियता नहीं दिखाई जा रही, जिससे योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। शहर के आस पास कहीं कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने को भूमि तलाश की जा रही है। जानकारों का मानना है कि भूमि का प्रबंध तभी हो सकता है जब शासन की ओर से आस पास के गांवों से ग्राम समाज की भूमि को मुहैया कराने की पहल की जाए। जिसमें विनियमित क्षेत्र के तहत करीब 40 गांव ऐसे हैं, जो कि शहर से 10 से 15 किमी के दायरे में आते हैं।
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इन गांवों की परती भूमि या फिर अन्य प्रकार की खाली पड़ी भूमि के बारे में सर्च हो, तो शायद भूमि का प्रबंध हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि अगर कूड़ा निस्तारण ग्रह बन जाता है, तो काफी हद तो लोगों को समस्या से निजात मिल सकती है। उधर, पालिका के प्रभारी ईओ तथा एसडीएम डा. अशोक शुक्ला ने कहा कि पालिका के पास अपनी जमीन न होने से कूड़ा निस्तारण योजना का अभी तक क्रियान्वयन नहीं हो सका है। भूमि का प्रबंध करने को कार्रवाई की जा रही है। सड़कों के किनारे कूड़ा न एकत्र हो इसके लिए 200 सीमेंटेड कूड़ा दान मोहल्लों में लगवाने की व्यवस्था की जा रही है।
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