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झंडा मेले की शोभायात्रा निकली
Hardoi
Updated Wed, 18 Sep 2013 05:37 AM IST
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संडीला। महावीर झंडे मेले की शोभायात्रा धूमधाम से बाजे गाजे के साथ निकली। शोभायात्रा में लगभग 50 से ज्यादा गांवों से आने वाले झंडे शामिल हुए और तीन दर्जन देवी देवताओं की झाकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरी शोभायात्रा के दौरान पुलिस की चौकसी रही ।शोभा यात्रा का शुभारंभ भगवान महावीर के मंदिर पर पूजा अर्चना के बाद हुआ।
मुख्य झंडे को मंदिरों पर ले जाकर पूजा कराने के बाद इमलिहाबाग चौराहे पर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले झंडे शामिल हुए। मंगलवार की सुबह आठ बजे से ही महावीर मंदिर पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। मंदिर पर मुख्य झंडे की पूजा के बाद यज्ञ करके शोभा यात्रा की शुरुआत की गई। शोभायात्रा और रामडोल सबसे पहले नगर के मुरारेश्वर मंदिर पहुंची, वहां पर मुख्य झंडे और रामडोल की आरती की गई। इसके बाद मुख्य झंडा पुलिस चौकी होते हुए रानी शिवाला पहुंचा, यहां से पुरानी गल्ला मंडी में कुछ देर ठहरने के बाद शोभायात्रा हनुमान मंदिर पर पहुंची, जहां मुख्य झंडे की पूजा और आरती की गई।
इसके बाद मुख्य झंडा इमलिहाबाग पहुंचा, यहां पर मुख्य झंडे और रामडोल को रोक दिया गया। यहीं से आधा सैकड़ा गांवों से आने वाले झंडे एकत्रित होकर शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा में शामिल झांकियों को देखने को सड़क किनारे काफी भीड़ जमा थी। पूरे नगर में जगह-जगह पंडाल लगाकर भंडारे का आयोजन किया गया। शोभायात्रा का समापन महावीर मंदिर पर हुआ। पूरे नगर में जगह-जगह तोरणद्वार बनाए गए थे। किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने को भारी पुलिस बल तैनात रहा है। सीओ सुखराम भारती और कोतवाल परशुराम सिंह एवं कस्बा इंचार्ज राजेश सिंह पूरे नगर में भ्रमण करते रहे।
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रात में शोभा यात्रा के समापन के बाद रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन किया गया। शोभा यात्रा में स्काउट गाइडों ने सुबह से ही पुलिस के साथ ही मोर्चा संभाल रखा था। रामडोल के साथ सैकड़ों स्काउट गाइड व्यवस्था को संभाल रहे थे। उधर, झंडे मेले के दिन संडीला को बसाने वाले शल्लीय महाराज की मूर्ति को पूरी श्रद्धा के साथ पूजा गया। डाक बंगले के पास बने शल्लीय महाराज पार्क में काफी भीड़ जमा रही। यहां पर लोगों ने भजन कीर्तन करने के बाद प्रसाद आदि का वितरण भी किया।
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मुख्य झंडे को मंदिरों पर ले जाकर पूजा कराने के बाद इमलिहाबाग चौराहे पर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले झंडे शामिल हुए। मंगलवार की सुबह आठ बजे से ही महावीर मंदिर पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। मंदिर पर मुख्य झंडे की पूजा के बाद यज्ञ करके शोभा यात्रा की शुरुआत की गई। शोभायात्रा और रामडोल सबसे पहले नगर के मुरारेश्वर मंदिर पहुंची, वहां पर मुख्य झंडे और रामडोल की आरती की गई। इसके बाद मुख्य झंडा पुलिस चौकी होते हुए रानी शिवाला पहुंचा, यहां से पुरानी गल्ला मंडी में कुछ देर ठहरने के बाद शोभायात्रा हनुमान मंदिर पर पहुंची, जहां मुख्य झंडे की पूजा और आरती की गई।
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इसके बाद मुख्य झंडा इमलिहाबाग पहुंचा, यहां पर मुख्य झंडे और रामडोल को रोक दिया गया। यहीं से आधा सैकड़ा गांवों से आने वाले झंडे एकत्रित होकर शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा में शामिल झांकियों को देखने को सड़क किनारे काफी भीड़ जमा थी। पूरे नगर में जगह-जगह पंडाल लगाकर भंडारे का आयोजन किया गया। शोभायात्रा का समापन महावीर मंदिर पर हुआ। पूरे नगर में जगह-जगह तोरणद्वार बनाए गए थे। किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने को भारी पुलिस बल तैनात रहा है। सीओ सुखराम भारती और कोतवाल परशुराम सिंह एवं कस्बा इंचार्ज राजेश सिंह पूरे नगर में भ्रमण करते रहे।
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रात में शोभा यात्रा के समापन के बाद रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन किया गया। शोभा यात्रा में स्काउट गाइडों ने सुबह से ही पुलिस के साथ ही मोर्चा संभाल रखा था। रामडोल के साथ सैकड़ों स्काउट गाइड व्यवस्था को संभाल रहे थे। उधर, झंडे मेले के दिन संडीला को बसाने वाले शल्लीय महाराज की मूर्ति को पूरी श्रद्धा के साथ पूजा गया। डाक बंगले के पास बने शल्लीय महाराज पार्क में काफी भीड़ जमा रही। यहां पर लोगों ने भजन कीर्तन करने के बाद प्रसाद आदि का वितरण भी किया।