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आठ सौ प्रसूताओं और 209 आशा की प्रोत्साहन राशि अटकी
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हरदोई। संडीला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीन तैनात 200 आशाओं को मानदेय और जननी सुरक्षा योजना की 800 लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पा रही है। सीएचसी की एडमिन आईडी के काम न करने (डिसेबल) होने के कारण चार माह से सीएचसी के सभी भुगतान अटके पड़े हैं।
जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को 1400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। प्रत्येक लाभार्थी को प्रसव के अधिकतम एक माह के अंदर यह राशि उसके बैंक खाते में हस्तांतरित करने का प्रावधान है। इसी तरह प्रत्येक प्रसव पर संबंधित आशा को 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
पिछले चार माह से संडीला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही इस सीएचसी के अधीन आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर हुए प्रसव के लाभार्थियों को जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभान्वित नहीं किया जा सका है। न तो प्रसूताओं को लाभ मिला है और न ही उन्हें लेकर सीएचसी पहुुंचने वाली आशा को। इससे इतर संडीला सीएचसी क्षेत्र में तैनात 209 आशा को पिछले चार माह से मानदेय भी नहीं मिला है।
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अधीक्षक बोले, तकनीकी समस्या, हम खुद परेशान
प्रसूताओं और आशा को प्रोत्साहन राशि का भुगतान पिछले चार माह से न किए जाने पर संडीला सीएचसी के अधीक्षक डॉ. शरद वैश्य ने बताया कि तकनीकी समस्या के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि वह खुद इस समस्या से परेशान हैं और सीएमओ को अवगत करा चुके हैं। सीएमओ ने भी शासन स्तर पर इसे लेकर पत्र भेजे हैं, लेकिन समस्या दूर नहीं हो पा रही। डॉ. शरद का कहना है कि बजट का अभाव नहीं है, लेकिन तकनीकी खामी दूर होने तक कोई भुगतान नहीं हो सकता।
यह है तकनीकी समस्या
जननी सुरक्षा योजना समेत अन्य योजनाओं के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि/बजट भेजने की व्यवस्था केंद्रीकृत है। पूर्व में पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत भुगतान भेजा जाता था। चार माह पहले व्यवस्था में बदलाव हुआ और भुगतान की व्यवस्था एफएएमएस (फाइनेंशियल एकाउंट मैनेजमेंट सिस्टम) से कर दी गई। इसी दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एडमिन आईडी डिसेबल हो गई। आईडी डिसेबल होने के कारण अब भुगतान हो ही नहीं पा रहे। आईडी इनेबिल शासन स्तर से होगी, जहां यहां से भेजे जाने वाले पत्र सिर्फ फाइलों में ही बंद होकर रह जाते हैं, होता कुछ नहीं।
संडीला सीएचसी के यह कार्य भी रुके
सीएचसी में अनटाइड फंड के तहत कराए जाने वाले कार्यों का भुगतान अटका है। इतना ही नहीं सफाई व्यवस्था, रोगी कल्याण निधि आदि के भुगतान भी संडीला में नहीं हो पा रहे हैं। टीकाकरण अभियान के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों के साथ ही सुपरवाइजर के लिए उपलब्ध वाहनों का भी ईंधन से लेकर किराये तक का भुगतान चार माह से अटका हुआ है।
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जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को 1400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। प्रत्येक लाभार्थी को प्रसव के अधिकतम एक माह के अंदर यह राशि उसके बैंक खाते में हस्तांतरित करने का प्रावधान है। इसी तरह प्रत्येक प्रसव पर संबंधित आशा को 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
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पिछले चार माह से संडीला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही इस सीएचसी के अधीन आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों पर हुए प्रसव के लाभार्थियों को जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभान्वित नहीं किया जा सका है। न तो प्रसूताओं को लाभ मिला है और न ही उन्हें लेकर सीएचसी पहुुंचने वाली आशा को। इससे इतर संडीला सीएचसी क्षेत्र में तैनात 209 आशा को पिछले चार माह से मानदेय भी नहीं मिला है।
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अधीक्षक बोले, तकनीकी समस्या, हम खुद परेशान
प्रसूताओं और आशा को प्रोत्साहन राशि का भुगतान पिछले चार माह से न किए जाने पर संडीला सीएचसी के अधीक्षक डॉ. शरद वैश्य ने बताया कि तकनीकी समस्या के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि वह खुद इस समस्या से परेशान हैं और सीएमओ को अवगत करा चुके हैं। सीएमओ ने भी शासन स्तर पर इसे लेकर पत्र भेजे हैं, लेकिन समस्या दूर नहीं हो पा रही। डॉ. शरद का कहना है कि बजट का अभाव नहीं है, लेकिन तकनीकी खामी दूर होने तक कोई भुगतान नहीं हो सकता।
यह है तकनीकी समस्या
जननी सुरक्षा योजना समेत अन्य योजनाओं के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि/बजट भेजने की व्यवस्था केंद्रीकृत है। पूर्व में पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के तहत भुगतान भेजा जाता था। चार माह पहले व्यवस्था में बदलाव हुआ और भुगतान की व्यवस्था एफएएमएस (फाइनेंशियल एकाउंट मैनेजमेंट सिस्टम) से कर दी गई। इसी दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एडमिन आईडी डिसेबल हो गई। आईडी डिसेबल होने के कारण अब भुगतान हो ही नहीं पा रहे। आईडी इनेबिल शासन स्तर से होगी, जहां यहां से भेजे जाने वाले पत्र सिर्फ फाइलों में ही बंद होकर रह जाते हैं, होता कुछ नहीं।
संडीला सीएचसी के यह कार्य भी रुके
सीएचसी में अनटाइड फंड के तहत कराए जाने वाले कार्यों का भुगतान अटका है। इतना ही नहीं सफाई व्यवस्था, रोगी कल्याण निधि आदि के भुगतान भी संडीला में नहीं हो पा रहे हैं। टीकाकरण अभियान के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों के साथ ही सुपरवाइजर के लिए उपलब्ध वाहनों का भी ईंधन से लेकर किराये तक का भुगतान चार माह से अटका हुआ है।