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लोक अदालत में 4,940 वादों का निपटारा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Mon, 23 Feb 2015 12:05 AM IST
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राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत में रविवार को कुल 4940
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वाद निस्तारित कर एक लाख 25 हजार 445 रुपये अर्थदंड जमा कराया गया। वहीं
प्री-लिटिगेशन के तहत कई बैंकों ऋण वसूली से संबंधित 228 वाद निस्तारित कर
23 लाख से ज्यादा की धनराशि मौके पर ही जमा कराई गई।
विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज नरेश जैन ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला जज ने कहा कि लोक अदालतें वादों के निस्तारण का सबसे बेहतर तरीका है, इसमें वादकारी के धन व समय दोनों की बचत होती है। प्री-लिटिगेशन कैंप का संचालन करते हुए आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक बीडी भास्कर ने बैंक के ग्राहकों को लोक अदालत में ऋण वसूली संबंधी वादों के निस्तारण के लाभ बताए।
क्षेत्रीय प्रबंधक वीके श्रीवास्तव ने अपील की कि ऋण वसूली संबंधी वाद समय से निस्तारित कराने से राष्ट्रीय प्रगति में सहयोग होता है। विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सिविल जज श्याम शंकर ने बताया कि राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत में जिला जज की कोर्ट में एमएसीपी के नौ वाद निस्तारित कर पीड़ित पक्षकार को 30,40,000 का मुआवजा दिलाया गया।
एडीजे प्रथम कमला सिंह यादव की कोर्ट में सात, एससी एसटी एक्ट जज लक्ष्मीकांत शुक्ल की कोर्ट में एक, एडीजे पंचम श्रीकांत वर्मा की कोर्ट में पांच, एडीजे तृतीय सूबा सिंह की कोर्ट में नौ, ईसी एक्ट जज विजेंद्र कुमार की कोर्ट में 10, एडीजे चतुर्थ विश्ंभर प्रसाद की कोर्ट में चार, एडीजे द्वितीय अनमोल पाल की कोर्ट में पांच, एडीजे सप्तम राम सागर मिर्धा की कोर्ट में दो, फैमिली जज जगन्नाथ मिश्रा की कोर्ट में 21 वाद निस्तारित हुए।
वहीं सीजीएम विजय आजाद की कोर्ट में 141, सिविल जज श्याम शंकर अदालत में 46, सुदीप जायसवाल की कोर्ट में 53, एसीजेएम द्वितीय राजमणि की कोर्ट में 39। एसीजेएम तृतीय मनोज मिश्रा की कोर्ट में 30, एसीजेएम चतुर्थ राकेश वशिष्ठ की कोर्ट में 42, एसीजेएम पंचम संजय यादव की कोर्ट में 37, एसीजे प्रभानाथ त्रिपाठी की कोर्ट में छह, सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रदीप मिश्रा व कमलकांत श्रीवास्तव की कोर्ट में पांच-पांच, जेएम प्रथम बृजेश कुमार की कोर्ट में 96, एसीजे जूनियर डिवीजन यशपाल की कोर्ट में दो, बाल संवाद कोर्ट में दो वाद निस्तारित किए गए।
तहसील स्तर पर 4135 वाद निस्तारित किए गए। कई बैंकों द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में 228 वाद निस्तारित कर एक करोड़ 37 लाख 21 हजार रुपये की ऋण वसूली के वाद तय किए गए, जिसमें से 23 लाख से अधिक की वसूली की गई। कई कोर्टों द्वारा मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण कर 54 लाख 50 हजार 864 रुपये पीड़ित पक्षकारों को मुआवजे के रूप में दिलाए गए।
लोक अदालत व प्री-लिटिगेशन के दौरान अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद बाजपेयी, महामंत्री कमलेश पांडेय, पूर्व महामंत्री रामवीर शुक्ला, कोर्ट मैनेजर अरविंद श्रीवास्तव, स्टेट बैंक प्रबंधक हरिराम पांडेय, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक पीके सिंह आदि मौजूद थे।
विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज नरेश जैन ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला जज ने कहा कि लोक अदालतें वादों के निस्तारण का सबसे बेहतर तरीका है, इसमें वादकारी के धन व समय दोनों की बचत होती है। प्री-लिटिगेशन कैंप का संचालन करते हुए आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक बीडी भास्कर ने बैंक के ग्राहकों को लोक अदालत में ऋण वसूली संबंधी वादों के निस्तारण के लाभ बताए।
क्षेत्रीय प्रबंधक वीके श्रीवास्तव ने अपील की कि ऋण वसूली संबंधी वाद समय से निस्तारित कराने से राष्ट्रीय प्रगति में सहयोग होता है। विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सिविल जज श्याम शंकर ने बताया कि राष्ट्रीय मासिक लोक अदालत में जिला जज की कोर्ट में एमएसीपी के नौ वाद निस्तारित कर पीड़ित पक्षकार को 30,40,000 का मुआवजा दिलाया गया।
एडीजे प्रथम कमला सिंह यादव की कोर्ट में सात, एससी एसटी एक्ट जज लक्ष्मीकांत शुक्ल की कोर्ट में एक, एडीजे पंचम श्रीकांत वर्मा की कोर्ट में पांच, एडीजे तृतीय सूबा सिंह की कोर्ट में नौ, ईसी एक्ट जज विजेंद्र कुमार की कोर्ट में 10, एडीजे चतुर्थ विश्ंभर प्रसाद की कोर्ट में चार, एडीजे द्वितीय अनमोल पाल की कोर्ट में पांच, एडीजे सप्तम राम सागर मिर्धा की कोर्ट में दो, फैमिली जज जगन्नाथ मिश्रा की कोर्ट में 21 वाद निस्तारित हुए।
वहीं सीजीएम विजय आजाद की कोर्ट में 141, सिविल जज श्याम शंकर अदालत में 46, सुदीप जायसवाल की कोर्ट में 53, एसीजेएम द्वितीय राजमणि की कोर्ट में 39। एसीजेएम तृतीय मनोज मिश्रा की कोर्ट में 30, एसीजेएम चतुर्थ राकेश वशिष्ठ की कोर्ट में 42, एसीजेएम पंचम संजय यादव की कोर्ट में 37, एसीजे प्रभानाथ त्रिपाठी की कोर्ट में छह, सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रदीप मिश्रा व कमलकांत श्रीवास्तव की कोर्ट में पांच-पांच, जेएम प्रथम बृजेश कुमार की कोर्ट में 96, एसीजे जूनियर डिवीजन यशपाल की कोर्ट में दो, बाल संवाद कोर्ट में दो वाद निस्तारित किए गए।
तहसील स्तर पर 4135 वाद निस्तारित किए गए। कई बैंकों द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में 228 वाद निस्तारित कर एक करोड़ 37 लाख 21 हजार रुपये की ऋण वसूली के वाद तय किए गए, जिसमें से 23 लाख से अधिक की वसूली की गई। कई कोर्टों द्वारा मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण कर 54 लाख 50 हजार 864 रुपये पीड़ित पक्षकारों को मुआवजे के रूप में दिलाए गए।
लोक अदालत व प्री-लिटिगेशन के दौरान अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद बाजपेयी, महामंत्री कमलेश पांडेय, पूर्व महामंत्री रामवीर शुक्ला, कोर्ट मैनेजर अरविंद श्रीवास्तव, स्टेट बैंक प्रबंधक हरिराम पांडेय, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक पीके सिंह आदि मौजूद थे।