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Hardoi News: बाढ़ से बचाव के लिए राम गंगा नदी पर होगा 45 लाख से काम
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हरदोई। राम गंगा नदी की बाढ़ और कटान से बचाव के लिए करीब 45.75 लाख रुपये से काम कराए जाएंगे। काम कराने की जिम्मेदारी बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड कानपुर को मिली है। अधिशासी अभियंता ने निविदा प्रक्रिया शुरू करा दी है।
बरसात के मौसम में कटियारी क्षेत्र में गंगा, राम गंगा और गर्रा नदी का पानी एक हो जाता है। इससे राम गंगा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ़ के साथ ही कटान से बड़ी क्षति होती है। शारदा नहर के माध्यम से काम कराने के साथ ही इस बार शासन ने कानपुर के बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड को काम की जिम्मेदारी सौंपी है। कानपुर के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की तरफ से राम गंगा नदी के बायें तट पर स्थित अरवल गांव व अन्य बाढ़ प्रभावित गांव समूह को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए काम कराए जाएंगे।
शासन ने राम गंगा नदी के बायें तट पर अरवल और अन्य ग्राम समूहों को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए 45.75 लाख रुपये से काम कराने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करा दी है। बताया कि निविदा प्रक्रिया 25 मई तक पूरी करा ली जाएगी।
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यह काम हैं प्रस्तावित
-नदी के बायें तट पर अरवल गांव और अन्य ग्राम समूहों को बाढ़ और कटान से बचाव के लिए हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर के माध्यम से ड्रेजिंग ड्रेसिंग और एक्सकैवेशन का काम।
-अरवल और अन्य ग्राम समूहों को बाढ़ और कटान से बचाव के लिए राम गंगा नदी के बायें तट पर बेस बनाकर सैंड फिलिंग कर जियो ट्यूब की स्थापना।
-राम गंगा नदी के बायें तट पर अरवल और अन्य ग्राम समूहों को बाढ़ और कटान से बचाव के लिए मड पंप हायरिंग आदि के काम कराए जाएंगे।
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अधिक बरसात और बाढ़ से नुकसान भी होता है। लोगों के मकान, फसलें भी प्रभावित होती हैं। संपत्तियों को भी क्षति पहुंचती है। नदी में बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से बाढ़ आती है। बाढ़ और कटान से बचाव के लिए सिंचाई और जल संसाधन विभाग ने कार्ययोजना तैयार की है। अधिशासी अभियंता से कहा गया है कि काम समय से शुरू कराते हुए बरसात से पहले-पहले करा लिए जाएं ताकि लोगों को सुरक्षित किया जा सके। - अनुनय झा, जिलाधिकारी
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बरसात के मौसम में कटियारी क्षेत्र में गंगा, राम गंगा और गर्रा नदी का पानी एक हो जाता है। इससे राम गंगा नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ़ के साथ ही कटान से बड़ी क्षति होती है। शारदा नहर के माध्यम से काम कराने के साथ ही इस बार शासन ने कानपुर के बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड को काम की जिम्मेदारी सौंपी है। कानपुर के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की तरफ से राम गंगा नदी के बायें तट पर स्थित अरवल गांव व अन्य बाढ़ प्रभावित गांव समूह को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए काम कराए जाएंगे।
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शासन ने राम गंगा नदी के बायें तट पर अरवल और अन्य ग्राम समूहों को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए 45.75 लाख रुपये से काम कराने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करा दी है। बताया कि निविदा प्रक्रिया 25 मई तक पूरी करा ली जाएगी।
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यह काम हैं प्रस्तावित
-नदी के बायें तट पर अरवल गांव और अन्य ग्राम समूहों को बाढ़ और कटान से बचाव के लिए हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर के माध्यम से ड्रेजिंग ड्रेसिंग और एक्सकैवेशन का काम।
-अरवल और अन्य ग्राम समूहों को बाढ़ और कटान से बचाव के लिए राम गंगा नदी के बायें तट पर बेस बनाकर सैंड फिलिंग कर जियो ट्यूब की स्थापना।
-राम गंगा नदी के बायें तट पर अरवल और अन्य ग्राम समूहों को बाढ़ और कटान से बचाव के लिए मड पंप हायरिंग आदि के काम कराए जाएंगे।
अधिक बरसात और बाढ़ से नुकसान भी होता है। लोगों के मकान, फसलें भी प्रभावित होती हैं। संपत्तियों को भी क्षति पहुंचती है। नदी में बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से बाढ़ आती है। बाढ़ और कटान से बचाव के लिए सिंचाई और जल संसाधन विभाग ने कार्ययोजना तैयार की है। अधिशासी अभियंता से कहा गया है कि काम समय से शुरू कराते हुए बरसात से पहले-पहले करा लिए जाएं ताकि लोगों को सुरक्षित किया जा सके। - अनुनय झा, जिलाधिकारी