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बंदर कूदने से गिरे छज्जे के मलबे में दबकर चचेरी बहनों की मौत
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:16 PM IST
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हरदोई। अरवल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ललुआपुर नरौथा में बंदर के कूदने से घर का छज्जा गिर गया। हादसे में घर के बाहर खेल रहीं चार चचेरी बहनें मलबे में दब गईं। दो बहनों की मौत हो गई जबकि दो को फर्रुखाबाद में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
ग्राम ललुआपुर नरौथा में तेजपाल परिवार के साथ रहते हैं। उनके भाई गिरींदपाल, शिशुपाल और कृष्णपाल के मकान भी पड़ोस में ही हैं। सोमवार देर शाम तेजपाल की पुत्री मुस्कान (8), गिरींद की पुत्री दिव्यांशी (8) शिशुपाल की पुत्री नैंसी (10) और कृष्णपाल की पुत्री नेहा (6) घर के बाहर खेल रही थीं। खेलते-खेलते चारों बहनें तेजपाल के घर के बाहर दरवाजे पर खड़ी हो गईं। इसी दौरान बंदर दरवाजे के ऊपर बने छज्जे पर कूदा। इतने में ही छज्जा ढह गया और चारों बहनें मलबे में दब गईं। चीख सुनकर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुुंचे। मलबा हटाकर चारों को निकाला गया, लेकिन तब तक मुस्कान ने दम तोड़ दिया।
दिव्यांशी, नैंसी और नेहा गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन तीनों को लेकर हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में दिव्यांशी की भी सांसें थम गईं। नैंसी और नेहा को चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन दोनों को लेकर फर्रुखाबाद के प्राइवेट अस्पताल ले गए। मुस्कान और दिव्यांशी के शवों का पोस्टमार्टम मंगलवार को कराया गया। दोनों गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन की छात्रा थीं।
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ग्राम ललुआपुर नरौथा में तेजपाल परिवार के साथ रहते हैं। उनके भाई गिरींदपाल, शिशुपाल और कृष्णपाल के मकान भी पड़ोस में ही हैं। सोमवार देर शाम तेजपाल की पुत्री मुस्कान (8), गिरींद की पुत्री दिव्यांशी (8) शिशुपाल की पुत्री नैंसी (10) और कृष्णपाल की पुत्री नेहा (6) घर के बाहर खेल रही थीं। खेलते-खेलते चारों बहनें तेजपाल के घर के बाहर दरवाजे पर खड़ी हो गईं। इसी दौरान बंदर दरवाजे के ऊपर बने छज्जे पर कूदा। इतने में ही छज्जा ढह गया और चारों बहनें मलबे में दब गईं। चीख सुनकर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुुंचे। मलबा हटाकर चारों को निकाला गया, लेकिन तब तक मुस्कान ने दम तोड़ दिया।
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दिव्यांशी, नैंसी और नेहा गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन तीनों को लेकर हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में दिव्यांशी की भी सांसें थम गईं। नैंसी और नेहा को चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन दोनों को लेकर फर्रुखाबाद के प्राइवेट अस्पताल ले गए। मुस्कान और दिव्यांशी के शवों का पोस्टमार्टम मंगलवार को कराया गया। दोनों गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन की छात्रा थीं।
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