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जिले में 39532 बच्चे अतिकुपोषित

Sat, 23 Apr 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई Updated Sat, 23 Apr 2016 11:38 PM IST
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39532 Children in the district Atikuposhit
अस्पताल में भर्ती मरीज। - फोटो : अमर उजाला

हरदोई। तमाम कवायद के बाद भी कुपोषण दूर नहीं हो रहा है। शासन ने बाल विकास विभाग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभियान चलाकर शून्य से पांच वर्ष के बच्चों का वजन कराया। इसमें जिले में 39532 बच्चे अतिकुपोषित चिंह्ति किए गए। अतिकुपोषित बच्चों का इलाज करने के लिए जिला स्तर पर सिर्फ एक ही पोषण पुनर्वास केंद्र हैं, जहां एक समय में सिर्फ 10 बच्चे भर्ती हो सकते हैं, लेकिन वह भी अक्सर खाली रहता है।

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हालांकि तत्कालीन जिलाधिकारी रमेश मिश्रा ने बिलग्राम और संडीला में भी पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक केंद्र शुरू नहीं कराए जा सके। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि इस तरह कैसे तंदुरुस्त होंगे अतिकुपोषित बच्चे।
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शासन के निर्देश पर बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराने का कैलेंडर तैयार हुआ। चूंकि जनपद के एक मात्र पोषण पुनर्वास केंद्र पर सिर्फ 10 बच्चे ही भर्ती हो सकते हैं, ऐसे में 39532 अतिकुपोषितों का इलाज करने का एक वर्षीय कैलेंडर तैयार किया गया। वहीं, आरोप है कि पोषण पुनर्वास केंद्र पर बच्चों को भर्ती करने में भी लापरवाही की जाती है। पोषण पुनर्वास 10 बेडों का केंद्र हैं लेकिन वह भी पूरा नहीं भरा रहता। बाल विकास विभाग के कैलेंडर के अनुसार वर्तमान में टड़ियावां विकास खंड के बच्चे भर्ती हैं लेकिन विकास खंड से सिर्फ सात बच्चे ही भर्ती कराए गए।
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ब्लाकवार अतिकुपोषित बच्चों की संख्या
बेहंदर में 1329, शाहाबाद में 2412, भरखनी में 2605, सांडी में 2499, हरियावां में 2033, कछौना में 1434, टड़ियावां में 1686, संडीला में 2617, सुरसा में 1943, माधौगंज में 1792, मल्लावां में1530, टोडरपुर में 1860,  पिहानी में 2543,  बिलग्राम में 2724, बावन में 2746,  हरपालपुर में 1345, भरावन में 1847, कोथावां में 1995, शहर में 1109 और अहिरोरी में 1483 बच्चे अतिकुपोषित हैं।


कैलेंडर के अनुसार ही बच्चों को भर्ती कराने के निर्देश दिए गए हैं अगर किसी विकास खंड से बच्चों को भर्ती कराने में लापरवाही की जाती है तो संबंधित पर कार्रवाई होगी। जबकि नवीन पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित करना स्वास्थ्य विभाग का काम है।
प्रकाश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी   

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