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बागपत के जादू पर 20 साल से सम्मोहित है जिला
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 28 Feb 2016 11:43 PM IST
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हरदोई। एक सदी पुराने नुमाइश मेला में तमाम मनोरंजन के साधन आते हैं, जिसको देखकर लोग अपनी दिनभर की थकान दूर करते हैं। इसी में एक काला जादू का शो भी है। बागपत के इस काले जादू के शो ने जनपद के लोगों को अपने कारनामों से सम्मोहित कर रखा है।
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वह बीस वर्षों से जिले के लोगों का मनोरंजन करती आ रही हैं। जादू का शो जादूगर राजू और उनकी पत्नी शबनम दिखाती थीं अब उनकी पुत्री शमा भी इसमें शामिल हो गई हैं। जादूगर शबनम ने बताया कि दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश के अलावा नेपाल में भी जादू दिखाया।
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शबनम ने बताया कि बदलते समय के साथ अब लोगों की जादू के कारनामों के प्रति रुचि कम हो गई है। जादू की कला को भी अब बचाने की आवश्यकता है।
कुछ वर्षों से सिर्फ एक ही जादू का शो आ रहा है। ऐसे में जादू में रुचि रखने वाले लोग रोमांच को देखने जरूर पहुंचते हैं। जिससे जादू के शो को बेहतर आमदनी भी होती है।
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बंगाल के जादू ने बागपत को दिलाया नाम
हरदोई। जादूगर शमा और उनके माता पिता सूबे के जिले बागपत के निवासी हैं। उनके पिता ने बंगाल से जादू की कला को सीखा था और वह शहरों में जाकर शो करते थे, लेकिन कुछ समय बाद उनकी तबीयत खराब रहने लगी तो इस कला को मां शबनम ने सीखा और अब वह भी जादू की कला का मनोरंजन कर रही हैं।
शो में दिखाए जाते हैं यह कारनामे
कागज जलाकर कबूतर बनाना, रुमाल का रंग बदलना, गले में फंदा डालकर उसे गायब कर देना, गिलास में चावल भरकर बाद में पानी में बदल देना आदि जादू दिखाए जाते हैं।