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पहले पुरस्कार राशि दी, अब उपभोग मांग छुड़ाए जा रहे पसीने
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विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत साल 2015-16 में चयनित पिहानी ब्लॉक के विद्यालय से अब तक राशि खर्च का ब्योरा मांगा जा रहा है। प्रधानाध्यापक का कहना है कि वह पहले ही तीन बार जिले के शिक्षा विभाग को उपभोग प्रमाण पत्र भेज चुक हैं लेकिन शासन तक अब तक नहीं पहुंचा।
तीन दिन पहले ही शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र बहादुर सिंह ने जिले के शिक्षा विभाग को एक बार फिर अनुस्मारक पत्र भेजा है, जिसमें विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत शिक्षा सत्र 2015-16 में उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में जिले के जिस विद्यालय का चयन किया गया था उसको मिली एक लाख 20 हजार की राशि राशि का उपभोग प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है।
जिसे जिले के शिक्षा विभाग ने अब तक उपलब्ध नहीं कराया है। उस सत्र में पिहानी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कुरसंडा का चयन किया था। जिसमें प्रधानाध्यापक आशीष कुमार सिंह ने पुरस्कार मिलने के पहले और बाद भी उत्कृष्ट कार्य कराए।
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निदेशक स्तर से अनुस्मारक पत्र जारी होने के बाद पत्र बीएसए से बीईओ को पहुंचा और वहां से फिर से संबंधित प्रधानाध्यापक को मिला। उन्होंने पहले ही तीन बार उपभोग प्रमाण पत्र और कराए गए कार्यों की सूची शिक्षा विभाग को दी, लेकिन वो अभी तक शासन को नहीं मिली।
प्रधानाध्यापक का कहना है कि पुरस्कार एक बार मिला जो जिले के लिए गौरव बना लेकिन लगातार उनसे उपभोग प्रमाण पत्र शासन स्तर से मांगा जाना उनके लिए सर दर्द बन गया है।
उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार राशि से स्कूल में उन्होंने भोजनालय व एक अतिरिक्त शौचालय का निर्माण तो करवाया ही इसके अलावा स्कूल में क्यारियां, गमले, टीचिंग मैटेरियल , फर्नीचर आदि बहुत कुछ नया करने का प्रयास किया जिसकी पूरी सूची उपभोग प्रमाण के साथ तीन बार दे चुके हैं।
इस संबंध में बीएसए हेमंत राव ने बताया कि शासन स्तर पर उपभोग प्रमाण पत्र कहां से अप्राप्त है इस संबंध में वह देखेंगे और जानकारी शासन को भी भेजेंगे।
वर्ष 15-16 की बात करें तो उस दौरान उस ब्लॉक में तैनात बीईओ मनोज बोस ने अपनी मेहनत के बल पर शिक्षकों के अंदर विद्यालयों में परिवर्तन लाने की अलख जगा दी थी जिसके बाद का ही आलम रहा कि प्रधानाध्यापक आशीष कुमार सिंह के संकल्प ने प्राइमरी विद्यालय कुरसंडा को प्रदेश स्तर तक गौरवान्वित कर दिया।
पुरस्कार राशि का अब तक मांग रहे ब्योरा
साल 2015-16 में विद्यालय पुरस्कार योजना में चयनित था पिहानी ब्लॉक का विद्यालय
प्रधानाध्यापक पहले ही तीन बार शिक्षा विभाग को दे चुके उपभोग प्रमाण पत्र, फिर भी शासन तक नहीं पहुंचा
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तीन दिन पहले ही शिक्षा निदेशक डॉ. सर्वेंद्र बहादुर सिंह ने जिले के शिक्षा विभाग को एक बार फिर अनुस्मारक पत्र भेजा है, जिसमें विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत शिक्षा सत्र 2015-16 में उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में जिले के जिस विद्यालय का चयन किया गया था उसको मिली एक लाख 20 हजार की राशि राशि का उपभोग प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है।
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जिसे जिले के शिक्षा विभाग ने अब तक उपलब्ध नहीं कराया है। उस सत्र में पिहानी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कुरसंडा का चयन किया था। जिसमें प्रधानाध्यापक आशीष कुमार सिंह ने पुरस्कार मिलने के पहले और बाद भी उत्कृष्ट कार्य कराए।
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निदेशक स्तर से अनुस्मारक पत्र जारी होने के बाद पत्र बीएसए से बीईओ को पहुंचा और वहां से फिर से संबंधित प्रधानाध्यापक को मिला। उन्होंने पहले ही तीन बार उपभोग प्रमाण पत्र और कराए गए कार्यों की सूची शिक्षा विभाग को दी, लेकिन वो अभी तक शासन को नहीं मिली।
प्रधानाध्यापक का कहना है कि पुरस्कार एक बार मिला जो जिले के लिए गौरव बना लेकिन लगातार उनसे उपभोग प्रमाण पत्र शासन स्तर से मांगा जाना उनके लिए सर दर्द बन गया है।
उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार राशि से स्कूल में उन्होंने भोजनालय व एक अतिरिक्त शौचालय का निर्माण तो करवाया ही इसके अलावा स्कूल में क्यारियां, गमले, टीचिंग मैटेरियल , फर्नीचर आदि बहुत कुछ नया करने का प्रयास किया जिसकी पूरी सूची उपभोग प्रमाण के साथ तीन बार दे चुके हैं।
इस संबंध में बीएसए हेमंत राव ने बताया कि शासन स्तर पर उपभोग प्रमाण पत्र कहां से अप्राप्त है इस संबंध में वह देखेंगे और जानकारी शासन को भी भेजेंगे।
वर्ष 15-16 की बात करें तो उस दौरान उस ब्लॉक में तैनात बीईओ मनोज बोस ने अपनी मेहनत के बल पर शिक्षकों के अंदर विद्यालयों में परिवर्तन लाने की अलख जगा दी थी जिसके बाद का ही आलम रहा कि प्रधानाध्यापक आशीष कुमार सिंह के संकल्प ने प्राइमरी विद्यालय कुरसंडा को प्रदेश स्तर तक गौरवान्वित कर दिया।
पुरस्कार राशि का अब तक मांग रहे ब्योरा
साल 2015-16 में विद्यालय पुरस्कार योजना में चयनित था पिहानी ब्लॉक का विद्यालय
प्रधानाध्यापक पहले ही तीन बार शिक्षा विभाग को दे चुके उपभोग प्रमाण पत्र, फिर भी शासन तक नहीं पहुंचा