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Hardoi News: चार सवारियों की क्षमता वाले ऑटो में चालक सहित बैठे थे 14 लोग
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हरदोई। बिल्हौर कटरा राज्य राजमार्ग पर बुधवार दोपहर को जो ऑटो हादसे का शिकार हुआ, उसकी क्षमता सिर्फ चार सवारी बैठाने की है। बावजूद इसके सीएनजी से चलने वाले ऑटो में चालक सहित 14 लोग सवार थे। 13 सवारियां लेकर ऑटो चालक राज्य राजमार्ग पर फर्राटा भर रहा था और यातायात माह के बावजूद किसी जिम्मेदार की निगाह इस पर नहीं पड़ी। खास बात यह है कि जहां से ऑटो सवारी भरते हैं, वह जगह थाने से बमुश्किल से 500 मीटर दूर है और जहां जाते हैं वहां से भी कोतवाली 300 मीटर दूर है।
रोशनपुर गांव के पास जिस ऑटो के पलटने से 11 लोगों की जान चली गई उसमें चालक सहित चार लोग ही बैठ सकते थे। जबकि हादसे वाले दिन उसमें चालक सहित 14 लोग बैठे हुए थे। यदि इसमें चार लोग ही बैठे होते तो इतने लोगों की जान न जाती। बड़ा सवाल यह है कि एसपी नीरज जादौन की सख्त नसीहत के बावजूद माधौगंज थाना क्षेत्र और बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में क्षमता से अधिक सवारी लेकर ऑटो चालक कैसे फर्राटा भर रहे हैं? इस समय तो यातायात सप्ताह भी मनाया जा रहा है। इस दौरान भी अगर इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है तो आम दिनों में क्या होता होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
बताते हैं कि हादसे का शिकार हुए ऑटो का एक बार ज्यादा सवारी बैठाने पर चालान भी हो चुका है, फिर भी ओवरलोडिंग का सिलसिला रुका नहीं। ऑटो चालक ने इससे कोई सबक नहीं लिया। नतीजा आज 11 लोगों की जान चली गई। ऑटो चालक खुद गंभीर रूप से घायल है। मरने वालों में उसका एक रिश्तेदार भी है।
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माधौगंज थाने से बमुश्किल 500 मीटर दूर स्थित चौराहे से सवारियां ढोने का काम ऑटो चालक करते हैं तो बिलग्राम में कोतवाली से लगभग 300 मीटर दूर यह वाहन सवारी उतारने व बैठाने का काम करते हैं। इसके बावजूद यह ऑटो सवारियों को ठूंस ठूंसकर बैठाते हैं। मजबूरी में लोगों को इन पर किसी तरह सफर करना पड़ता है। पुलिस वाले इस तरफ ध्यान ही नहीं देते हैं। देते भी हो तो शायद ले देकर मामला निपट जाता है। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन का कहना है कि सबकी जिम्मेदारी तय होगी। अभी प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। शवों का पोस्टमार्टम कराना और परिजनों को ढांढस बंधाना है। गलती जिसकी भी होगी वह परिणाम भोगेगा।
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रोशनपुर गांव के पास जिस ऑटो के पलटने से 11 लोगों की जान चली गई उसमें चालक सहित चार लोग ही बैठ सकते थे। जबकि हादसे वाले दिन उसमें चालक सहित 14 लोग बैठे हुए थे। यदि इसमें चार लोग ही बैठे होते तो इतने लोगों की जान न जाती। बड़ा सवाल यह है कि एसपी नीरज जादौन की सख्त नसीहत के बावजूद माधौगंज थाना क्षेत्र और बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में क्षमता से अधिक सवारी लेकर ऑटो चालक कैसे फर्राटा भर रहे हैं? इस समय तो यातायात सप्ताह भी मनाया जा रहा है। इस दौरान भी अगर इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है तो आम दिनों में क्या होता होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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बताते हैं कि हादसे का शिकार हुए ऑटो का एक बार ज्यादा सवारी बैठाने पर चालान भी हो चुका है, फिर भी ओवरलोडिंग का सिलसिला रुका नहीं। ऑटो चालक ने इससे कोई सबक नहीं लिया। नतीजा आज 11 लोगों की जान चली गई। ऑटो चालक खुद गंभीर रूप से घायल है। मरने वालों में उसका एक रिश्तेदार भी है।
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माधौगंज थाने से बमुश्किल 500 मीटर दूर स्थित चौराहे से सवारियां ढोने का काम ऑटो चालक करते हैं तो बिलग्राम में कोतवाली से लगभग 300 मीटर दूर यह वाहन सवारी उतारने व बैठाने का काम करते हैं। इसके बावजूद यह ऑटो सवारियों को ठूंस ठूंसकर बैठाते हैं। मजबूरी में लोगों को इन पर किसी तरह सफर करना पड़ता है। पुलिस वाले इस तरफ ध्यान ही नहीं देते हैं। देते भी हो तो शायद ले देकर मामला निपट जाता है। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन का कहना है कि सबकी जिम्मेदारी तय होगी। अभी प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। शवों का पोस्टमार्टम कराना और परिजनों को ढांढस बंधाना है। गलती जिसकी भी होगी वह परिणाम भोगेगा।