फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   12000 account holders worried about ruppes

12 हजार खातेदार हुए बर्बाद, मालिकों ने की मौज

Fri, 07 Aug 2020 11:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2020 11:03 PM IST
विज्ञापन
12000 account holders worried about ruppes
हरदोई। अर्बन कोआपरेटिव बैंक में खातेदारों के खातों से हड़पे गए चार करोड़ रुपये से अधिक के मामले में ईओडब्ल्यू की तरफ से चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद खलबली मच गई है। दरअसल लगभग 12 हजार खाताधारकों के लगभग आठ करोड़ सात लाख रुपये बैंक में फंसे हैं। बैंक का लाइसेंस आरबीआई पहले ही निरस्त कर चुका है।
विज्ञापन

शहर मे अर्बन कोआपरेटिव बैंक खोलने के लिए पंजीकरण छह जून 1995 को कराया गया था। देखते ही देखते बैंक के कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली, लेकिन जिस तेजी से बैंक का उदय हुआ उसकी दो गुना तेजी से बैंक का पतन भी हो गया। 22 अगस्त 2017 यानी महज 22 वर्ष में ही भारतीय रिजर्व बैंक ने अर्बन कोआपरेटिव बैंक का लाइसेंस निरस्त कर दिया।
विज्ञापन

इसके बाद अपर जिला सहकारी अधिकारी (बैंकिंग) को परिसमापक बनाया गया। परिसमापक ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर बैंक में खोले गए खातों और किए गए लेनदेन का सत्यापन कराने की रिपोर्ट सहायक निबंधक सहकारिता को सौंपी, तो फिर ब्योरा जुटाया जाने लगा। जब ब्योरा खंगाला गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। फिलहाल बैंक के अध्यक्ष रहे दिनेश पाल सिंह, उनके पुत्र और बैंक के सचिव अनिल कुमार सिंह, दूसरे पुत्र शशांक सिंह और बैंक के तत्कालीन प्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध ईओ डब्ल्यू ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

14 खातों से किया चार करोड़ से अधिक का गबन
परिसमापक की रिपोर्ट के मुताबिक अर्बन कोआपरेटिव बैंक के महज 14 खातों से ही बड़ा खेल कर दिया गया। बैंक के अध्यक्ष दिनेश पाल सिंह, उनके पुत्र और बैंक के सचिव अनिल कुमार सिंह, दूसरे पुत्र शशांक सिंह और बैंक के तत्कालीन प्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने कुल चार करोड़ 22 लाख 9,190 रुपये का गबन किया है। सहकारिता से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि उक्त चार लोगों के अलावा सतीश कुमार सिंह, उदय प्रताप सिंह, उनकी पत्नी अनीता सिंह, अर्बन कोआपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष नन्हेंलाल यादव, सुधाकर सिंह, जगदीश सिंह, शत्रुघभन सिंह, शिवमंगल सिंह, विजय पाल सिंह आदि के बैंक खातों और विड्राल का इस्तेमाल किया गया।
11738 खातेदारों के तीन करोड़ फंसे
अर्बन कोआपरेटिव बैंक में पिता-पुत्र समेत चार लोगों के खेल में 11,738 खातेदारों की जमापूंजी पर ग्रहण लग गया। सहकारी बैंक में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 11,738 खातेदार ऐसे हैं जिनके खातों में एक लाख रुपये तक की रकम जमा थी। कुल दो करोड़ 93 लाख रुपये इन 11,738 खातों में जमा थे। गबन होने के बाद जब बैंक बंद हुई तो 11,738 खातेदारों के रुपये भी फंस गए।

137 खातेदारों के पांच करोड़ 14 लाख अटके
वहीं सहकारी बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक अर्बन कोआपरेटिव बैंक में 137 खातेदार ऐसे हैं जिनके बैंक खातों में एक लाख रुपये से अधिक फंसे हैं। इन 137 खातों में पांच करोड़ 14 लाख रुपये जमा थे। बैंक बंद हो जाने के बाद से खातेदार परेशान हैं और फिलहाल इनकी समस्या का निस्तारण जल्द होने की कोई उम्मीद भी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed