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107 साल बाद भी आंखों को सुकून दे रहा हाशमी का सुरमा
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:35 PM IST
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सुरमा की खूबियों को बताते दुकान मालिक कमाल अहमद।
- फोटो : amarujala
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हरदोई। एक सदी पुराने नुमाइश मेला की तरह ही यहां लगने वाली सुरमे की दुकान भी पुरानी है। जिले में चार उत्पादों को लेकर दुकान शुरू करने वाले हाशमी परिवार अब 26 उत्पाद बेच रहा है। जिसमें आंखों को सुकून देने वाले सुरमे के अतिरिक्त ममीरा, तेल, चूरन, मंजन और तमाम तरह के उत्पाद शामिल हैं।
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सुरमे के लिए बरेली तो वैसे ही प्रसिद्ध है, ऐसे में जिले के लोगों को अपने घर में ही बरेली के सुरमे सहित अन्य उत्पादों का प्रयोग करने का मौका मिल रहा है। व्यापारी कमाल अहमद ने बताया कि आंखों की रोशनी को बरकरार रखने के लिए 24 घंटे में एक बार सुरमे को जरूर लगाना चाहिए।
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कहा कि आंखों की रोशनी तो बनी रहती है बीमारियां भी दूर रहती हैं। सौ वर्ष पहले उनके पिता ने सुरमे का कारोबार शुरू किया था। जिसके बाद से वह लगातार नुमाइश मेला में आते रहे और उनके जाने के बाद अब वह भी हर साल नुमाइश मेला में दुकान लगाते हैं।
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सुरमे के लगातार प्रयोग से चश्मा लगाने वालों को भी फायदा होता है। बताया कि सुरमे में तमाम प्रकार की जड़ी-बूटी होती है जो आंखों को तरावट देने के साथ ही बीमारियाें से दूर रखती है। उन्होंने बताया कि उनके सुरमे से कई लोगों को फायदा हुआ है।