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1000 परिषदीय विद्यालयों के हैंडपंप खराब

Sun, 26 Jun 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई Updated Sun, 26 Jun 2016 11:39 PM IST
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1000 council schools damaged hand pumps
हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला

हरदोई। जिले करीब 1000 परिषदीय स्कूलों के हैंडपंप खराब पड़े हैं। इसमें 957 स्कूलों की सूची बीएसए ने जलनिगम को भेजी थी लेकिन उसने बजट न होने के कारण ठीक कराने से मना कर दिया है। अगले सप्ताह से स्कूल खुलने हैं, ऐसे में बच्चों और स्टाफ को पानी के लिए परेशान होना पड़ेगा। एमडीएम के लिए भी दूर से पानी लाना पड़ेगा।

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जिले में कुल 3860 परिषदीय विद्यालय हैं। 957 स्कूलों में लगे हैंडपंप कई महीने से खराब हैं। इसके अलावा 50 से अधिक की मौखिक सूचना बीआरसी और बीएसए कार्यालय को दी जा चुकी है। इसमें 515 हैंडपंप रीबोर होने हैं जबकि 414 की मरम्मत होनी है। स्कूल के प्रधान और प्रभारी शिक्षकों ने खराब हैंडपंपों की सूची स्कूल बंद होने के पहले ही बीएसए कार्यालय भेज दी थी।
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बीएसए डा. मसीहुज्जुमा ने बताया कि शिक्षकों ने संबंधित गांव के प्रधानों से हैंडपंपों की मरम्मत कराने के लिए कहा लेकिन वह मरम्मत नहीं करवा रहे हैं। रीबोर लायक हैंडपंपों की सूची जलनिगम भेज दी गई थी। जल निगम के एक्सईएन ने बजट न होने के कारण रीबोर कराने से मना कर दिया है। बीएसए ने अब सर्व शिक्षा अभियान निदेशालय को पत्र भेजा है।
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पानी के लिए परेशान होंगे बच्चे
पहली जुलाई से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। हैंडपंप खराब होने से करीब एक चौथाई स्कूलों के बच्चे पानी के लिए परेशान होंगे। एमडीएम बनाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। कई स्कूलों के आसपास तो हैंडपंप लगे ही नहीं है। ऐसे में पानी काफी दूर से ढोकर लाना पड़ेगा।

14 स्कूलों में नहीं लगे हैं हैंडपंप
14 स्कूल ऐसे हैं जिनमें हैंडपंपों के पाइप तक गायब हो गए हैं। बीएसए ने बताया कि कई वर्ष पहले इन स्कूलों में हैंडपंप लगाए गए थे। कहीं गांव की राजनीतिक लड़ाई और कहीं अराजकतत्वों की वजह से हैंडपंपों का नामोनिशाम मिट गया है। इन 14 स्कूलों में बच्चे और स्टाफ पानी के संकट से लंबे समय से जूझ रहे हैं।


क्या है नियम
गांवों के परिषदीय स्कूलों में लगे हैंडपंपों में खराबी आने पर मरम्मत की जिम्मेदारी प्रधान की होती है जबकि रीबोर जल निगम कराता है।

वर्जन
अगर संबंधित गांव का हैंडपंप कार्ययोजना में शामिल होगा तो प्रधान उसकी मरम्मत करवा सकते हैं। अगर कार्ययोजना में शामिल होने के बावजूद मरम्मत नहीं कराई जा रही है तो संबंधित गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी से जवाब तलब किया जाएगा। - सभाजीत पांडेय, डीपीआरओ, हरदोई

वर्जन
हमारे पास हैंडपंप रीबोर कराने के लिए बजट नहीं है। बजट आते ही स्कूलों के हैंडपंप रीबोर करा दिए जाएंगे। - एपी यादव, एक्सईएन जल निगम

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