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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की सदस्यों ने जांचा गंगा का पानी
अमर उजाला, हापुड़
Updated Fri, 22 Jan 2016 10:00 PM IST
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इंग्लैंड से आए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सदस्यों ने ब्रजघाट गंगा के निरीक्षण किया। उन्होंने डॉल्फिन के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियान की जानकारी लोगों दी और उससे जुड़ने की अपील भी की।
बता दें कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ भारतीय उपमहाद्वीप समेत विश्व के कई देशों में मानवमित्र डॉल्फिन के संरक्षण को लेकर अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य डॉल्फिन से जुड़ीं नदियों समेत सभी जलाश्यों को प्रदूषण मुक्त करना है।
इंग्लैंड में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के लिए काम कर रहे लेडी प्राइम, लेडी लिंडन और लेडी रोजर का तीन सदस्य प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ब्रजघाट पहुंचा। कई स्थानों पर गंगा जल को लेकर गुणवत्ता परखी।
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गंगा से जुड़े कई स्थानों पर डॉल्फिन की उपस्थिति का नजारा भी देखा। लेडी प्राइम ने कहा कि बिजनौर से वाया ब्रजघाट होकर बुलंदशहर के नरौरा तक पांच सालों की अवधि में डॉल्फिन की संख्या 56 से घटकर 22 रह जाना बेहद चिंताजनक है।
लेडी रोजर ने कहा कि गंगा में गिर रहे दूषित पानी पर सख्ती से साथ रोक नहीं लगी तो फिर डॉल्फिन का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
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बता दें कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ भारतीय उपमहाद्वीप समेत विश्व के कई देशों में मानवमित्र डॉल्फिन के संरक्षण को लेकर अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य डॉल्फिन से जुड़ीं नदियों समेत सभी जलाश्यों को प्रदूषण मुक्त करना है।
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इंग्लैंड में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के लिए काम कर रहे लेडी प्राइम, लेडी लिंडन और लेडी रोजर का तीन सदस्य प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ब्रजघाट पहुंचा। कई स्थानों पर गंगा जल को लेकर गुणवत्ता परखी।
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गंगा से जुड़े कई स्थानों पर डॉल्फिन की उपस्थिति का नजारा भी देखा। लेडी प्राइम ने कहा कि बिजनौर से वाया ब्रजघाट होकर बुलंदशहर के नरौरा तक पांच सालों की अवधि में डॉल्फिन की संख्या 56 से घटकर 22 रह जाना बेहद चिंताजनक है।
लेडी रोजर ने कहा कि गंगा में गिर रहे दूषित पानी पर सख्ती से साथ रोक नहीं लगी तो फिर डॉल्फिन का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।