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नहीं खुले गढ़ तहसील के कई गेहूं क्रय केंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 02 Apr 2016 10:50 PM IST
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गेहूं
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गढ़ तहसील के कई क्रय केंद्रों पर अभी गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे अगेती किस्म की फसल उगाने वाले किसानों को अपना गेहूं सस्ते रेट में निजी आढ़तों पर बेचना पड़ रहा है। एफसीआई ने भी अभी खरीद केंद्र चालू नहीं कराए है। प्रशासन की बदइंतजामी से किसान परेशान हैं।
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सरकारी स्तर से गढ़ तहसील क्षेत्र में प्रतिवर्ष 14 स्थानों पर क्रय केंद्रों की स्थापना कर गेहूं खरीद की जाती है। यह गेहूं एफसीआई समेत सरकार से जुड़े विभिन्न गोदामों में भेजा जाता है। इस बार अभी तक भी सरकारी क्रय केंद्र चालू नहीं हुए है।
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ऐसे में अगेली फसल वाले किसान अपना गेहूं आढ़तों पर बेहद सस्ते दाम में बेचने को मजबूर है। पिछले वर्ष सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का दाम 1450 रुपये प्रति कुंतल की दर से मिला था, जिसे इस बार शासन ने बढ़ाकर 1525 रुपये प्रति कुंतल किया है।
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निरंजन त्यागी झड़ीना, हाजी उम्मेद अली गढ़, सतबीर चौहान बागड़पुर का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्र न खुलने से किसानों को परेशानी हो रही है।
गढ़-चौपला मंडी में दो, ब्रजघाट, डेहरा कुटी, सिंभावली-उपैड़ा, बक्सर, पलवाड़ा, जखैड़ा रहमतपुर, गोहरा, आलमनगर- नवादा, भद्स्याना, देवली, डेहरा, झड़ीना में क्रय केंद्र खुलने हैं।
एसडीएम शमशाद हुसैन का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में कोई भी धांधली नहीं होने दी जाएगी। जोत-बही लाने वाले किसानों के ही गेहूं की खरीद होगी। कैश पेमेंट की बजाए गेहूं बिक्री का पैसा भी किसानों के बैंक खातों में ही भिजवाया जाएगा। इससे बिचौलियों का कोई भी हस्तक्षेप नहीं होगा
खराब मौसम की वजह से गेहूं का दाना काला पड़ने से नमी आना संभव है। एफसीआई की ओर से खरीद चालू कराने से पहले गेहूं के दाने की गुणवत्ता की जांच कराई जानी है। गेहूं दिल्ली लैब भेजा जाता है, जहां से रिपोर्ट आने के बाद ही गेहूं की सरकारी खरीद और मूल्य निर्धारण तय हो पाता है। - धर्म प्रकाश, सीनियर मार्केटिंग ऑफिसर
मौसम की बेरुखी से गेहूं के दाने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। जिससे फिलहाल एफसीआई ने सरकारी स्तर से खरीद चालू कराने का निर्णय नहीं लिया है। सरकारी क्रय केंद्र स्थापित कराकर उन पर खरीद प्रारंभ कराई जाएगी। - भगत सिंह, तहसीलदार