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Hapur News: छेड़छाड़ से आहत किशोरी की आत्महत्या मामले में लापरवाही पड़ी भारी; थानेदार और चौकी प्रभारी निलंबित
Thu, 23 Oct 2025 07:29 PM IST
राहुल तिवारी
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Published by: राहुल तिवारी
Updated Thu, 23 Oct 2025 07:29 PM IST
सार
हापुड़ में छेड़छाड़ से आहत किशोरी ने आत्महत्या का प्रयास किया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। लापरवाही पर थाना देहात प्रभारी विजय कुमार गुप्ता और चौकी प्रभारी जसवंत सिंह निलंबित किए गए। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने कार्रवाई की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद।
विस्तार
हापुड़ जिले के थाना देहात क्षेत्र में एक गांव की किशोरी ने छेड़छाड़ से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उसे मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में थाना देहात प्रभारी विजय कुमार गुप्ता और साइलो द्वितीय चौकी प्रभारी जसवंत सिंह को निलंबित किया गया है। दोनों पर लापरवाही बरतने का आरोप है। उन्होंने न तो तुरंत कार्रवाई की और न ही उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई की है।
चार दिन बाद रिपोर्ट दर्ज
एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि तीन अक्तूबर को डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई थी कि एक गांव में किशोरी ने फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जिसे परिजन अस्पताल लेकर गए हैं। सूचना पर साईलो द्वितीय चौकी प्रभारी जसवंत सिंह अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन चौकी प्रभारी व थाना प्रभारी द्वारा घटना के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित नहीं किया गया था। इसके अलावा मामले में तहरीर लेकर रिपोर्ट तो दर्ज की गई, लेकिन इसमें चार दिन का विलंब हुआ और साथ ही पुलिस की छवि भी धूमिल हुई।
घुर में घुसकर छेड़छाड़ को दिया अंजाम
मृतका किशोरी की मां ने आरोप लगाए थे कि उनके पड़ोस में रहने वाला इंद्रपाल मेरठ रोड स्थित दीवान इंटर कॉलेज में हेड क्लर्क है। अक्सर उनके घर दूध लेने आता था। तीन अक्तूबर की सुबह वह अपने बड़ी पुत्री के साथ पशुओं का चारा लेने जंगल में गई थी। उनकी छोटी पुत्री घर पर अकेली थी। इसी बीच आरोपी इंद्रपाल पुत्री को अकेली देखकर जबरन उनके घर में घुस आया। आरोपी ने उनकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ की। इसी दिन उनकी पुत्री ने छेड़छाड़ से आहत होकर पंखे से लटककर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। उन्होंने अपनी पुत्री को मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था।
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इलाज के दौरान किशोरी की मौत
इसके बाद सात अक्तूबर को उन्होंने आरोपी के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। लेकिन 17 अक्तूबर को आरोपी जेल से जमानत पर रिहा हो गया। जबकि 20 सितंबर को मेरठ के एक अस्पताल में उनकी पुत्री की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। लेकिन पुलिस ने मृतका की मौत के बाद इस मामले में किसी प्रकार की अन्य कार्रवाई नहीं की।
मात्र छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज होना पड़ा महंगा
मृतका की मां ने बताया कि उनकी पुत्री पांच बहन व दो भाईयों में पांचवें नंबर की और हाईस्कूल पास थी। कक्षा 11 में प्राईवेट दाखिला लेने की तैयारी कर रही थी। आरोपी इंद्रपाल नगर के इंटर कॉलेज हेडक्लर्क हाेने के कारण उसने उनकी पुत्री का आधारकार्ड अपने पास रख रखा था। आरोपी उनकी पुत्री को अपने किसी कॉलेज में प्राईवेट दाखिला दिलाने की बात उनसे करता था। आरोपी की नजर उनकी पुत्री पर काफी दिनों से थी। लेकिन उसकी हरकत के बाद पीड़िता आत्महत्या करने को मजबूर हो गई।
पुलिस कार्रवाई में जुटी
पुलिस की लापरवाही यह रही कि पीड़िता की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की और वह जेल से रिहा होकर बाहर घूम रहा था और पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए उन्हें धमका रहा था। सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि आरोपी इंद्रपाल को किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्जकर गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को जेल भेजा जा रहा है।
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चार दिन बाद रिपोर्ट दर्ज
एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि तीन अक्तूबर को डायल 112 पर सूचना प्राप्त हुई थी कि एक गांव में किशोरी ने फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। जिसे परिजन अस्पताल लेकर गए हैं। सूचना पर साईलो द्वितीय चौकी प्रभारी जसवंत सिंह अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन चौकी प्रभारी व थाना प्रभारी द्वारा घटना के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित नहीं किया गया था। इसके अलावा मामले में तहरीर लेकर रिपोर्ट तो दर्ज की गई, लेकिन इसमें चार दिन का विलंब हुआ और साथ ही पुलिस की छवि भी धूमिल हुई।
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घुर में घुसकर छेड़छाड़ को दिया अंजाम
मृतका किशोरी की मां ने आरोप लगाए थे कि उनके पड़ोस में रहने वाला इंद्रपाल मेरठ रोड स्थित दीवान इंटर कॉलेज में हेड क्लर्क है। अक्सर उनके घर दूध लेने आता था। तीन अक्तूबर की सुबह वह अपने बड़ी पुत्री के साथ पशुओं का चारा लेने जंगल में गई थी। उनकी छोटी पुत्री घर पर अकेली थी। इसी बीच आरोपी इंद्रपाल पुत्री को अकेली देखकर जबरन उनके घर में घुस आया। आरोपी ने उनकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ की। इसी दिन उनकी पुत्री ने छेड़छाड़ से आहत होकर पंखे से लटककर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। उन्होंने अपनी पुत्री को मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था।
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इलाज के दौरान किशोरी की मौत
इसके बाद सात अक्तूबर को उन्होंने आरोपी के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। लेकिन 17 अक्तूबर को आरोपी जेल से जमानत पर रिहा हो गया। जबकि 20 सितंबर को मेरठ के एक अस्पताल में उनकी पुत्री की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। लेकिन पुलिस ने मृतका की मौत के बाद इस मामले में किसी प्रकार की अन्य कार्रवाई नहीं की।
मात्र छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज होना पड़ा महंगा
मृतका की मां ने बताया कि उनकी पुत्री पांच बहन व दो भाईयों में पांचवें नंबर की और हाईस्कूल पास थी। कक्षा 11 में प्राईवेट दाखिला लेने की तैयारी कर रही थी। आरोपी इंद्रपाल नगर के इंटर कॉलेज हेडक्लर्क हाेने के कारण उसने उनकी पुत्री का आधारकार्ड अपने पास रख रखा था। आरोपी उनकी पुत्री को अपने किसी कॉलेज में प्राईवेट दाखिला दिलाने की बात उनसे करता था। आरोपी की नजर उनकी पुत्री पर काफी दिनों से थी। लेकिन उसकी हरकत के बाद पीड़िता आत्महत्या करने को मजबूर हो गई।
पुलिस कार्रवाई में जुटी
पुलिस की लापरवाही यह रही कि पीड़िता की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की और वह जेल से रिहा होकर बाहर घूम रहा था और पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए उन्हें धमका रहा था। सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि आरोपी इंद्रपाल को किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्जकर गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को जेल भेजा जा रहा है।