{"_id":"59259e4d4f1c1be43b536833","slug":"two-doctor-degree-in-verification-was-invalid","type":"story","status":"publish","title_hn":"सत्यापन में दो चिकित्सकों की डिग्री मिली अमान्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्यापन में दो चिकित्सकों की डिग्री मिली अमान्य
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Wed, 24 May 2017 08:40 PM IST
विज्ञापन
चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमान्य डिग्री के आधार पर कुछ चिकित्सक सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण के लिए आवेदन कर, अफसरों को गुमराह कर रहे हैं। इसका खुलासा बुधवार को तीन चिकित्सकों के डिग्री के सत्यापन के बाद आयुर्वेदिक और यूनानी तिब्बती चिकित्सा पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश की रिपोर्ट में हुआ है।
विज्ञापन
इसमें दो चिकित्सक की डिग्री अमान्य मिली है। इनका पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश अनुरागी ने बताया कि बीते दिनों तीन चिकित्सकों ने क्लीनिक के पंजीकरण के लिए सीएमओ कार्यालय में आवेदन किया था,
विज्ञापन
लेकिन उनकी योग्यता को लेकर वह असमंजस में थे। सीएमओ से वार्ता के बाद उन्होंने चिकित्सकों की डिग्री आयुर्वेदिक व यूनानी तिब्बती चिकित्सा पद्धति बोर्ड में जांच के लिए भेजी थी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जांच के बाद सुहेल अख्तर, सगीर हसन, हाशमी अयोग्य पाए गए हैं। यह खुलासा होने पर अब स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने पंजीकृत चिकित्सकों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है।
डॉ. राकेश अनुरागी ने बताया कि गुमराह करने वाले चिकित्सकों पर कार्रवाई की योजना तैयार की जा रही है। भविष्य में सभी डिग्री की जांच कराने के बाद ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इस तरह का फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।