{"_id":"5752efae4f1c1b802f10a14a","slug":"the-sun-eye-buoy","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूरज ने तरेरी आंख, आसमान से बरसी आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूरज ने तरेरी आंख, आसमान से बरसी आग
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 04 Jun 2016 08:42 PM IST
विज्ञापन
पारा 44 पर पहुंचने से उमस भरी गर्मी से बेहाल रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
मौसम की बेरहमी कम होने का नाम नहीं ले रही है। भीषण गर्मी व उमस से सभी बेहाल हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान 44 व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह सूरज ने आंख तरेरी तो 9 बजते-बजते ऐसा लगने लगा, जैसे आसमान से आग बरस रही है।
विज्ञापन
चिलचिलाती धूप व उमस भरी भीषण गर्मी ने लोगों को घरों में कैद रहने को विवश कर दिया। दोपहर में प्रमुख बाजारों व सड़कों पर हर ओर सन्नाटा छाया रहा। गर्मी से बेहाल लोग अब यही प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द मानसून आए और मेघ जमकर बरसे, जिससे राहत मिल सके।
विज्ञापन
शनिवार को दिन निकलते ही सूरज की किरणों ने आग बरसानी शुरू कर दी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, चिलचिलाती धूप व उमस भरी भीषण गर्मी से लोग व्याकुल हो उठे। घर से लेकर बाहर तक कहीं चैन नहीं मिल रहा था।
विज्ञापन
कूलर व पंखे की हवा से भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही थी। धूप के तेवर देख ज्यादातर लोगों ने घरों में कैद रहना ही मुनासिब समझा। मजबूरी में घर से निकलने वाले चेहरा गमछा या रुमाल से ढके दिए। हाल यह था कि कुछ दूर भी पैदल चलना दूभर हो रहा था।
दोपहिया वाहन चालक पसीन से तरबतर किसी तरह अपने गंतव्य की ओर भागते दिखे। दोपहर के समय शहर के बाजारों और मुख्य मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा। चौराहों पर बसों की इंतजार में खड़े लोगों का हाल बेहाल रहा।
इसके बाद शाम को ही बाजारों में चहल पहल दिखी। वहीं, भीषण गर्मी में बिजली की आंख मिचौली ने भी लोगों को खूब रुलाया। कटौती के कारण कुछ देर भी बिना बिजली के लोग रह नहीं पा रहे थे।
उधर, किसान पीजी कालेज सिंभावली के पूर्व प्राचार्य डॉ अब्बास अली का कहना है कि तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पार करने के पीछे ग्लोबल वार्मिंग मुख्य कारण है। उनका कहना है कि बारिश कम होने से तालाबों का पानी सूखने,
पेड़ पौधों के सूखने से भी तापमान बढ़ रहा है। इसी के साथ ओजोन पर्त में छेद होने से पृथ्वी पर सूर्य की किरणों के सीधे पड़ने से भी तापमान बढ़ रहा है जो बेहद खतरनाक है। उनका मानना है कि अगर जून में बारिश नहीं हुई तो यह तापमान और बढ़ सकता है। हालांकि उम्मीद है कि जून के दूसरे तीसरे सप्ताह में बारिश होगी।