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ताजियों का जुलूस निकला

Wed, 12 Oct 2016 09:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Wed, 12 Oct 2016 09:00 PM IST
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The procession turned Tajion.
मातमी जत्थों ने सीनाजनी कर शहीदे कर्बला को याद किया - फोटो : अमर उजाला

कर्बला के शहीदों की याद से जुड़ा मोहर्रम समूचे क्षेत्र में मनाया गया। ताजियों के जुलूस में तलवारबाजी और आग के हैरतअंगेज करतब दिखाए गए, जबकि मातमी जत्थों ने सीनाजनी कर खूब लहू बहाया।

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नगर स्थित प्राचीन दरगाह शरीफ से मोहर्रम के उपलक्ष्य में बुधवार को निकाले गए ताजियों के जुलूस का डॉ.लताफत, बुंदू नादिर और असलम राइन ने फीता काटकर शुभारंभ किया। जिसमें नोहा-मर्सियों के बीच लोगों ने लहूलुहान होकर शहीदे कर्बला की याद में मातम किया।
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जुलूस में शामिल अखाड़ों में खिलाड़ियों ने तलवार, पटाबाजी, वेट लिफ्टिंग, बिन्नौट सहित आग के गोले से निकलने और दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलने जैसे हैरतअंगेज करतब दिखाए। मीरा रेती में संपन्न हुए जूलूस के बाद ताजियों को कर्बला में दफनाया गया।
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कमेटी अध्यक्ष निजाम ठेकेदार, सरपरस्त सहादत चौधरी और सनव्वर खां ने अखाड़ों के उस्ताद-खलीफ नन्हे शेख, अकबर राइन, लईक खां, निजामुद्दीन, लाल खां, इमामुद्दीन, इकराम राइन, हाजी शाहिद, मुखिया इदरीस को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया।

इसके उपरांत सलामी की परंपरागत रस्म के ताजियों को महमाई रोड स्थित कर्बला में ले जाकर सुपुर्दे खाक करने की रस्म भी अदा की गई। डॉ.लताफत हुसैन, इनाम ठेकेदार, डॉ.शमशाद, फारूख चौधरी, शरीफ अंसारी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

रझैटी में इमामबाड़ा दरगाहे हुसैनी से मुहर्रम का जुलूस शुरू हुआ, जो कदीमी रास्ते और चारों इमामबाड़ों से होकर कसरे पंजतन में पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल मातमी जत्थों ने सलमान हैदर, नीसम, नाजिम, ताहिर,

शाहिद द्वारा पढ़े गए नोहों के बीच चाकू, तलवार और जंजीरों से सीनाजनी कर शहीदे कर्बला की याद में खून बहाया। विभिन्न प्रकार से सजाए गए ताजियों को कर्बला में ले जाकर सुपुर्दे खाक किया गया।

मौलाना फिरोज हैदर जौनपुरी ने शहीदे कर्बला का वाकया सुनाया। कमेटी अध्यक्ष मौलाना नासिर हुसैन, हसन हैदरी, सलमान हैदर,  मौला अली हैदर अजमेरी, प्रधान छोटे खां समेत हजारों अकीदतमंद मौजूद रहे।

वहीं बक्सर में इमामबाड़े से प्रारंभ हुआ ताजियों का जुलूस मुख्य मार्गों से होकर पुराने पैठ मैदान में पहुंचा।  वहां तलवार और पटाबाजी के करतब दिखाए गए।

इसके बाद नेशनल हाईवे समेत विभिन्न मार्गों से होकर ताजियों का जुलूस कर्बला में पहुंचकर सम्पन्न हो गया। कमेटी अध्यक्ष अफसार अंसारी, नासिर, अल्ताफ, नसीम, अबरार, सलीम, फारूख, फकीरा, शफीक समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा लुहारी में ताजियों के जुलूस में सैकड़ों की भीड़ जुटी। जिसमें अकीदतमंदों ने पटा, तलवारबाजी, बिन्नौट के करतब दिखाने के साथ ही आग के अंगारों पर नंगे पैर चलमे के हैरत अंगेज करतब दिखाए।

महमूद अंसारी, इंतजार, वाहिद, जाहिद अंसारी के नेतृत्व में मातमी जत्थों ने सीनाजनी कर शहीदे कर्बला को याद किया।

कर्बला के शहीदों की याद में कस्बे के मुख्य मार्गों से निकाले गए ताजिए देखने के लिए  स्थानीय लोगों की  भीड़  उमड़ पड़ी। ताजिए का जुलूस मदरसा धौलाना के पास तकिया से शुरू हुआ। इसमें पटा, तलवारबाजी  के हैरतअंगेज करतब कारनामे मुख्य  आकर्षण रहे।

शनिवार को मुहर्रम के उपलक्ष्य में  परंपरागत रास्तों से होकर ताजिए पुराना थाना , बडा बाजार,  पैठ चबूतरा पर पहुंचे और देर शाम मामा भांजे की दरगाह के समीप दफनाए गए । इस दौरान वाहिद  सलमानी, आसमोहम्द , अबरार अंसारी,

इदरीस मलिक, शकील कस्सार , आरिफ कस्सार,   रहीसुद्दीन  बंगाली,समेत  अन्य लोग मौजूद रहे । इस दौरान सुरक्षा के लिए  थानाध्यक्ष संजीव  शुक्ला , उपनिरीक्षक डीके सिंह फोर्स के साथ तैनात रहे।   ...

मोहर्रम 1438 हिजरी बरोज बुद्ध योमे आशूरा को  इमामबाड़ा लियाकत अली किला कोहना में मजलिस को खिताब फरमाते हुये मौलाना सैय्यद अली जैदी ने फरमाया- शहादते इमाम ए हुसैन इस्लाम की बका है।

आज ही के दिन सन 61 हिजरी 10 मोहर्रम को अपने असहाब, अकरबा व अपने छोटे-छोटे बच्चों को भी इस्लाम पर कुर्बान कर दिया था। हजरत इमाम हुसैन ने अपना सर दे दिया, मगर यजीद जो इस्लाम का दुश्मन था,

उसकी बेअत ना की और हालते नमाज में यजीद की फौज ने इमामे हुसैन नवासा ए रसूल का सर कलम कर दिया। मजलिस के बाद जुलजना ताबूते इमाम हुसैन व अलम का जुलूस इमाम बारगाह लियाकत से

अंजुमनी हुसैनी व तमाम सौगवाराने इमामे हुसैन नोहाखानी व मातम करते हुए धुनों का चौक से विकार हुसैन का ताजिया जुलूस में शामिल हुआ। इसके बाद काली मस्जिद पर जंजीर का खूनी मातम हुआ।

नोहेखवान मौहम्मद अली नकवी अतहर अब्बास उर्फ बबलू जरगाम हैदर ने की। जुलूस इमामबाड़ा मोहसिन अली किला कोहना में समाप्त हुआ। जुलूस का संचालन शिया मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष राशिद हुसैन व सैकेट्री हसीन रिजवी ने किया।


मोहल्ला कोटला सादात में सैयद मौ. अली जैदी के गरीबखाने पर नजरे मौला का अहतमाम हुआ। इसके बाद शामे गरीबा की मजलिस मौलाना अली जव्वाद ने इमामबाड़ा मोहसिन अली में खिताब फरमाया।

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