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काउंटर से सड़क तक लगी लोगों की कतार

Thu, 10 Nov 2016 10:33 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Thu, 10 Nov 2016 10:33 PM IST
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The line of people started up road from counter.
500 और 1000 के नोट एक्सचेंज करने के लिए आपस में जूझते रहे ग्राहक - फोटो : अमर उजाला

500 और 1000 रुपये के नोट को एक्सचेंज करने और खातों में जमा करने के लिए जिले के बैंकों के बाहर सुबह आठ बजे से ही लोग लाइन में लगने लगे। 10 बजे बैंक खुलने पर व्यवस्था बनाने के लिए पुलिसकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

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अधिक भीड़ के चलते ग्राहकों की कतार सड़क किनारे लगवा दी गई। करेंसी चेंज कराने के लिए ग्राहक आपस में जूझते नजर आए। वहीं, ज्यादातर बैंकों ने 10, 20, 50 और 100 रुपये की करेंसी लोगों को दिए।
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हापुड़ में सुबह 10.30 बजे बुलंदशहर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक और ओरियंटल बैंक पर ग्राहकों की भारी भीड़ जमा थी। बैंक के अंदर जाने के लिए ग्राहकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही थी।
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गढ़ रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक में सुबह 8 बजे से ही ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंक में पांच अतिरिक्त काउंटर बनाकर ग्राहकों को राहत दिलाने का प्रयास किया गया। गांव उपैड़ा स्थित इंडियन बैंक में स्टाफ की कमी के चलते

ग्रामीणों को करेंसी एक्सचेंज कराने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गांव निवासी बलवंत सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बैंक के बाहर नारेबाजी भी की। वहीं, यूनाईटेड बैंक ऑफ इंडिया व आईडीबीआई बैंक में दोपहर तक नई करेंसी नहीं पहुंचने के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

वहीं, जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि ग्राहकों की अधिक भीड़ के चलते कुछ स्थनों पर समस्या हुई थी। सभी बैंकों में करेंसी एक्सचेंज के व्यापक इंतजाम थे।

वहीं, गढ़ और पिलखुवा में भी 500 और 1000 का नोट बंदलने के लिए बृहस्पतिवार सुबह सभी बैंकों के बाहर लंबी लाइन लगी रही। भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार ने बताया कि बैंकों में रुपये जमा करने की पूरी व्यवस्था की गई थी।

रुपये पैसे जमा कर वापस देने के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए थे। एक ग्राहक बैंक में चार हजार रुपये बदल सकता है।

500 और 1000 रुपये के नोटों के एक्सचेंज के लिए बृहस्पतिवार को खुले जिलेभर के बैंक शाम चार बजे तक ही जवाब दे गए। अधिकांश बैंकों में कैश खत्म हो गया। ऐसे में ग्राहक और कर्मचारियों के बीच काफी नोकझोंक भी हुई।

बुलंदशहर रोड स्थित सिंडीकेट बैंक का शटर ग्राहकों ने बाहर से डाल दिया। वहीं, डाकघर में व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस को हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा।

जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि ग्राहकों की अधिक भीड़ के चलते बैंकों में कैश खत्म हो गया था। शाम तक ग्राहकों को करेंसी एक्सचेंज सुविधा का लाभ दिया गया।

बुलंदशहर रोड स्थित सिंडीकेट बैंक की शाखा में एक दूल्हा अपनी शादी का कार्ड लेकर पैसा लेने पहुंचा, लेकिन तब तक कैश खत्म हो चुका था। दूल्हे का कहना था कि 11 को उसकी शादी है, लेकिन पैसे नहीं होने के कारण उसे परेशानी हो रही है। कैश नहीं होने के कारण बैंक कर्मचारी उसकी मदद नहीं कर पाए।

हापुड़ (ब्यूरो)। 500 और 1000 रुपये के नोटों की बदली के लिए बुलंदशहर रोड स्थित प्रधान डाकघर में पहुंचे ग्राहकों को अफसरों की अनदेखी से बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा।

दर्जनों तिब्बतियन नागरिकों को डाकघर के बाहर बैठकर अव्यवस्थाओं से परेशान होना पड़ा। सिर्फ एक काउंटर पर ही करेंसी एक्सचेंज की सुविधा दी गई थी। इसके विरोध में ग्राहकों ने काफी हंगामा भी किया।

शाम को भीड़ अधिक होने पर अव्यवस्था बढ़ने लगी, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। पोस्ट मास्टर एसएन गुप्ता का कहना है कि ग्राहकों की भीड़ के चलते यह परेशानी बनी। व्यवस्था बनाने के कड़े इंतजाम किए गए थे। ग्राहकों को करेंसी एक्सचेंज की अच्छी सुविधा दी गई थी।

भारतीय स्टेट बैंक में नोट बदलने के लिए ग्राहकों की भीड़ उमड़ी हुई थी। शाम पांच बजे भीड़ ज्यादा होने के कारण कर्मियों ने बैंक के गेट को बंद कर लिया। इससे कतार में खड़े ग्राहक आग बबूला हो गए।

ग्राहकों ने बैंक के बाहर नारेबाजी करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। हालांकि हंगामे के बाद बैंक कर्मियों ने गेट खोल दिया। भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक सुशील कुमार ने बताया कि नोट बदलने के लिए तीन चार अतिरिक्त काउंटर बनाए गए थे।

सुबह से ग्राहकों की भीड़ ज्यादा थी। देर शाम तक कार्य करना था। कुछ देर के लिए गेट बंद कर भीड़ को काबू करने का प्रयास किया गया था।

हंगामा करने वालों में अखिलेश मित्तल, सुशील कुमार, राहुल, विजय कुमार, अर्चित, संजीव, जितेंद्र, राजीव, रामबीर, देवेंद्र, मनोज, जोगेंद्र, सलमान, महेंद्र, राहुल, मनीष शामिल रहे।

वहीं, गढ़मुक्तेश्वर में सिंडिकेट बैंक दोपहर तक बंद रहने से गुस्साए उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। लोगों ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पंडित लक्ष्मी शर्मा के नेतृत्व में उपभोक्ताओं ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

आरोप है कि  शाखा प्रबंधक ने 12 बजे के बाद लेन-देन शुरू किया, जिसके चलते कई उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। हंगामा करने वालों में वीरवती, सुमित्रा, राजवीर, अशोक कुमार, शैलेष, ब्रहम सिंह,

सचिन, कौशिंद्र समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे। शाखा प्रबंधक अजहर अख्तर ने बताया कि सुबह कैश की व्यवस्था नहीं होने के चलते देर से लेन देन शुरू हुई, उपभोक्ताओं को दिक्कत नहीं होने दी गई।

विद्युत निगम के काउंटर पर उपभोक्ता शुक्रवार रात 12 बजे तक पुराने से बिजली का बिल जमा कर सकेंगे। पुराने नोट नहीं लेने के चलते एक ही दिन में विद्युत निगम को 37 लाख रुपये का फटका लगा है। बुधवार को काउंटरों पर पुराने नोट नहीं लेने के चलते निगम में महज 3 लाख रुपये की वसूली हुई थी।

अधीक्षण अभियंता बीपी मौर्या ने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे से बिल काउंटर खुल जाएंगे। रात 12 बजे तक काउंटरों पर ग्राहक बिल जमा कर सकेंगे। 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट काउंटरों पर जमा हो सकेंगे।

कुछ दिन पहले तक बाजारों में 10 के सिक्के के चलन को लेकर काफी हाय तौबा मची थी। नकली होने की संभावना के कारण सिक्के को कोई लेने को तैयार नहीं था। अब हालात पूरी तरह से उलट हैं, छोटे नोटों के साथ 10 के सिक्के को भी हाथों हाथ लिया जा रहा है।

दुकानदार रमेश सैनी ने बताया कि 500 और 1000 के नोट बंद होने के चलते 10 के सिक्के की डिमांड तेजी से बढ़ी है।  

कांग्रेस पर्यवेक्षक नगेंद्र कुमार विकल ने कहा कि 500 और 1000 रुपये के नोटों का प्रचलन बंद करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा तो सही है, लेकिन तरीका गलत है। इससे आम जनता बुरी तरह परेशान है।

उन्होंने राहुल संदेश यात्रा के सफल समापन पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई भी दी। शिवपुरी में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अचानक लिए गए इस निर्णय ने देश में आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।

काला धन और नकली करेंसी पर लगाम लगाने के लिए सरकार की मंशा तो सही है, लेकिन तरीका गलत है। उन्होंने कहा कि नई करेंसी लागू करने में कई हजार करोड़ रुपया खर्च किया है। इतनी धनराशि को खर्च करके बॉर्डर सील किए जा सकते थे।

जिलाध्यक्ष अयाजुद्दीन ने कहा कि इस निर्णय से आम आदमी बेहाल है। इस दौरान नगर अध्यक्ष दिनेश शर्मा, मनोज शर्मा, वीसी त्यागी, संजीव त्यागी, सैंसर पाल मौजूद रहे।

500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के चलते ब्रजघाट श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करने आए लोगों को भी पेरशानी का सामना करना पड़ा। टाल संचालकों ने पुराने नोट नहीं लिए।

हालांकि, सरकार ने 11 नवंबर की रात 12 बजे तक श्मशान घाट पर पुराने नोट लेने के आदेश दिए थे। बुधवार रात को दिल्ली के मयूर विहार निवासी जगत राम और गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र निवासी शेरसिंह का दाह संस्कार करने परिजन ब्रजघाट आए थे।

परिजन श्मशान घाट के पास लकड़ियों के टाल में लकड़ी खरीदने पहुंचे, पेमेंट में हजार और पांच सौ के नोट लेने से टाल संचालक ने मना कर दिया। करीब दो घंटे तक टाल संचालक और परिजनों में नोकझोंक होती रही।


सारी कवायद विफल होने पर दाह संस्कार करने आए लोगों ने हापुड़ और अमरोहा में रहने वाले अपने रिश्तेदारों को मोबाइल से सूचना देकर बुलाया। दिवंगत जगतराम के भाई हरपाल और शेरसिंह के बेटे बब्लू ने बताया कि हजार और पांच सौ के नोटों का चलन बंद होने से दाह संस्कार करना भी चुनौती बन रही है।

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