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Hapur News: बच्चों को कभी न भूलने वाला गम दे गया रंगों का पर्व
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गढ़मुक्तेश्वर। शुक्रवार को दिन भर रंगों के पर्व को उल्लास रहा, लेकिन शाम के समय अस्त होने की ओर जा रहा सूर्य नगर के मोहल्ला घोसियान निवासी नवीन गुप्ता के 15 वर्ष के बेटे दिव्यम, नौ वर्ष के बेटे माधव के जीवन में उम्र भर के लिए अंधेरा कर गया। दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठने से रंगों का पर्व जिंदगी भर न भूलने वाला गम दे गया। माता-पिता के शव को देख दोनों भाई अपने आपको रोने से नहीं रोक पा रहे थे। वहीं, आसपास के घरों में चूल्हे नहीं जले, हर किसी के आंखों में आंसू थे।
मोहल्ला निवासी नवीन गुप्ता स्टांप विक्रेता थे। उनके परिवार में पत्नी कविता के अलावा दो बेटे दिव्यम, माधव हैं। नवीन की गीजर से निकली गैस से मौत हो गई, बचाव में आई उनकी पत्नी भी मौत की नींद सो गई। हादसे की जानकारी नगर में आग की तरह फैल गई। मौके पर हजारों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। नवीन के दोनों बच्चे अपने माता- पिता के चेहरे को निहार रहे थे, उनके चेहरे पर लगा रंग बदरंग नजर आ रहा था। माता-पिता की मौत के बाद होली की सारी खुशियां मातम में बदल गईं। हंसी-खुशी पड़ोस के बच्चों और अन्य लोगों के साथ होली खेलकर घर पहुंचे दोनों बच्चों के लिए घटना ह्दयविदारक है। दुल्हेंडी की शाम जाते-जाते उनके जीवन की खुशियों को अपने साथ ले गई। संभवत: दोनों बच्चे इस हादसे को जीवन भर नहीं भूल पाएंगे। शुक्रवार की देर शाम दंपती की अर्थी घर से उठीं, तो वहां मौजूद सभी की आंख नम थी।
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मोहल्ला निवासी नवीन गुप्ता स्टांप विक्रेता थे। उनके परिवार में पत्नी कविता के अलावा दो बेटे दिव्यम, माधव हैं। नवीन की गीजर से निकली गैस से मौत हो गई, बचाव में आई उनकी पत्नी भी मौत की नींद सो गई। हादसे की जानकारी नगर में आग की तरह फैल गई। मौके पर हजारों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। नवीन के दोनों बच्चे अपने माता- पिता के चेहरे को निहार रहे थे, उनके चेहरे पर लगा रंग बदरंग नजर आ रहा था। माता-पिता की मौत के बाद होली की सारी खुशियां मातम में बदल गईं। हंसी-खुशी पड़ोस के बच्चों और अन्य लोगों के साथ होली खेलकर घर पहुंचे दोनों बच्चों के लिए घटना ह्दयविदारक है। दुल्हेंडी की शाम जाते-जाते उनके जीवन की खुशियों को अपने साथ ले गई। संभवत: दोनों बच्चे इस हादसे को जीवन भर नहीं भूल पाएंगे। शुक्रवार की देर शाम दंपती की अर्थी घर से उठीं, तो वहां मौजूद सभी की आंख नम थी।
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