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जिले में बुखार से मचा हाहाकार, तीन की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 06 Sep 2016 08:39 PM IST
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मच्छर
- फोटो : Desk
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जनपद में ज्यादातर गांव-शहर बुखार से तप रहे हैं। बीमारों में वायरल के साथ ही मलेरिया और चिकनगुनिया के मिश्रित लक्षण मिल रहे हैं। बुखार से लगातार हो रही मौतों के चलते लोगों में भय व्याप्त है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर बीमारों का उपचार करने की बजाय बीमारी को झुठलाने में लगे हैं।
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लगातार हो रही मौतों के बावजूद अफसर लापरवाह बनें हैं। ऐसे में अप्रशिक्षित चिकित्सक चांदी काट रहे हैं। मंगलवार को बुखार से बछलौता, वैट और चितौड़ा में तीन मौतें हुई। हापुड़ क्षेत्र के गांव बछलौता निवासी 80 वर्षीय शेर सिंह कई दिन से बुखार से पीड़ित थे।
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सरकारी उपचार न मिलने के कारण उनका उपचार झोलाछाप चिकित्सक से कराया जा रहा था। मंगलवार को शेर सिंह ने दम तोड़ दिया। उनका भाई हरपाल भी बुखार की चपेट में है। सरकारी चिकित्सकों की अनदेखी से वह भी गांव के चिकित्सकों से इलाज करा रहा है।
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उसको घर के छप्पर में ही ग्लूकोज चढ़ाई जा रही थी। सिंभावली के गांव वैट निवासी 65 वर्षीय किसान लताफत को दो दिन पहले बुखार आया था, परिजनों ने उन्हें निजी चिकित्सक से दवा दिलाई। परंतु कोई भी आराम मिल सका। उपचार के दौरान मंगलवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
वहीं गढ़ क्षेत्र के गांव चित्तौड़ा निवासी प्रकाश की 12 वर्षीय पुत्री स्वाति को एक सप्ताह पूर्व बुखार आया था। उसे गढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान स्वाति की सोमवार सुबह मौत हो गई।
ग्राम प्रधान योगेश कुमार का आरोप है कि अस्पताल में किशोरी की मौत के बाद सरकारी एंबुलेंस के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ा। ज्यादातर घरों में बुखार से पीड़ित हैं। वहीं गांव नली हुसैनपुर में तो बुखार से ग्रामीणों का ओर भी बुरा हाल है।
प्रत्येक घर में कोई न कोई मरीज बुखार से पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही का आलम यह है कि ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद भी गांव में कोई कैंप आदि नहीं लगाया जा रहा है।
गढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में इन मरीजों को डेंगू निगेटिव दर्शाया गया है। चिकन गुनिया का भी सरकारी रिकॉर्ड में कोई उल्लेख अभी तक नहीं मिल सका है। जबकि क्षेत्र में दर्जनों लोग चिकन गुनिया से जूझ रहे हैं।
डीएम के गोद लिए गांव ट्याला में बुखार के जबरदस्त प्रकोप के चलते स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर मरीजों के स्वास्थ्य जांच के बाद दवाएं वितरित की।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एके सिंह का कहना है कि विभिन्न गांवों में कैंप लगाकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करायी जा रही है। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है।