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Hapur News: या हुसैन की सदाओं के बीच निकला अलम का जुलूस
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हापुड़। मोहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को शहर के सिकंदरगेट स्थित इमाम बारगाह सैयद जमाल हुसैन में मजलिस का आयोजन किया गया। इसमें करबला के वाक्य का मार्मिक बयान सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद अकीदतमंदों ने पारंपरिक ढंग से अलम का जुलूस निकाला। पूरे मार्ग पर या हुसैन और या अब्बास की सदाएं गूंजती रहीं। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर शहीद-ए-करबला को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
मजलिस में करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। मजलिस में मौलाना सैयद हरदम अली जारचवी ने खिताब फरमाते हुए कहा कि इमाम हुसैन ने अपने नाना के दीन को बचाने के लिए मदीने से हिजरत करके करबला को आबाद किया। एक पैगाम यह भी दिया कि जब भी कोई यजीद बनकर दीन को मिटाने की कोशिश करेगा तब तक परवरदिगार किसी ना किसी को हुसैन बनाकर भेजेगा। करबला का पैगाम इंसानियत, सब्र और सच्चाई के रास्ते पर डटे रहने की सीख देता है। मजलिस के दौरान शोक और अकीदत का माहौल बना रहा।
मजलिस के बाद जुलूस की शक्ल में अलम बरामद किए गए, जिसमें अंजुमन हुसैनी ने सीनाजनी व नौहा खानी कर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया। जुलूस इमाम बारगाह जमाल अली शाह से होते हुए भंडा पट्टी, काजीवाड़ा, किला कोना, कोटला सादात, गढ़ गेट पुलिस चौकी, नबी करीम, मेरठ गेट पुलिस, खिड़की बाजार, पुराना बाजार से होते हुए वापस सिकंदर गेट पहुंचकर समाप्त हुआ।
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शिया मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष राशिद हुसैनी ने संचालन किया और तहसीन हुसैन रिजवी, जरगाम हैदर व अथर अब्बास रिजवी ने नोहे पढे।
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मजलिस में करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। मजलिस में मौलाना सैयद हरदम अली जारचवी ने खिताब फरमाते हुए कहा कि इमाम हुसैन ने अपने नाना के दीन को बचाने के लिए मदीने से हिजरत करके करबला को आबाद किया। एक पैगाम यह भी दिया कि जब भी कोई यजीद बनकर दीन को मिटाने की कोशिश करेगा तब तक परवरदिगार किसी ना किसी को हुसैन बनाकर भेजेगा। करबला का पैगाम इंसानियत, सब्र और सच्चाई के रास्ते पर डटे रहने की सीख देता है। मजलिस के दौरान शोक और अकीदत का माहौल बना रहा।
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मजलिस के बाद जुलूस की शक्ल में अलम बरामद किए गए, जिसमें अंजुमन हुसैनी ने सीनाजनी व नौहा खानी कर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया। जुलूस इमाम बारगाह जमाल अली शाह से होते हुए भंडा पट्टी, काजीवाड़ा, किला कोना, कोटला सादात, गढ़ गेट पुलिस चौकी, नबी करीम, मेरठ गेट पुलिस, खिड़की बाजार, पुराना बाजार से होते हुए वापस सिकंदर गेट पहुंचकर समाप्त हुआ।
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शिया मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष राशिद हुसैनी ने संचालन किया और तहसीन हुसैन रिजवी, जरगाम हैदर व अथर अब्बास रिजवी ने नोहे पढे।