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बुखार से किशोर और किसान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:45 AM IST
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किसान की इलाज के दौरान मौत
- फोटो : अमर उजाला
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बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को गढ़ और पिलखुआ में बुखार से किशोर और किसान की मौत हो गईं। दोनों क्षेत्रों में इस मौसम में बुखार से मरने वालों की संख 64 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक बुखार की रोकथाम को जागरूकता अभियान तक नहीं चला पाए हैं।
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गढ़ के गांव अठसैनी में आजाद सिंह के 17 वर्षीय बेटे रिंकू को तीन दिन पहले बुखार आया था। परिजन गांव के ही एक निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। जब कोई आराम नहीं मिला तो परिजन उसे गढ़-चौपला के एक निजी चिकित्सक के पास ले आए।
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जहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार तड़के उसकी मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। इससे मुहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है। बता दें कि कि बुखार से गढ़, बहादुरगढ़ और सिंभावली क्षेत्र में अब तक महिला-बच्चों समेत 53 की मौत हो चुकी है। मरीजों की तादाद बढ़कर हजारों में पहुंच गई है।
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पिलखुवा के गांव गांव मुकीमपुर के बुखार से पीड़ित किसान की शुक्रवार सुबह मेरठ के निजी अस्पताल में मौत हो गई। मौत की खबर से गांव में कोहराम मच गया। अब तक पिलखुवा क्षेत्र में बुखार से 11 मौत हो चुकी हैं। 45 वर्षीय किसान जयभगवान को एक सप्ताह पहले बुखार आया था।
नजदीक के निजी चिकित्सक से उपचार कराया। बुधवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन उन्हें मेरठ के निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। किसान के मौत की खबर गांव में फैलते ही कोहराम मच गया।
अब बुखार से हालात बेकाबू हो गए हैं। आलम यह है कि चिकनगुनिया जैसी बीमारी से हर घर में मरीज पड़े हैं। इस पर भी शहर में साफ सफाई और अस्पतालों में बदहाली ने लोगों की समस्या को और बढ़ा दिया है।
इसे देखते हुए कांग्रेस विधायक गजराज सिंह ने डीएम से बुखार की रोकथाम के लिए जरूरी इंतजाम करने की अपील की है। उन्होंने डीएम को लिखे पत्र में कहा है कि हापुड़ में डेंगू, चिकनगुनिया व वायरल का प्रकोप इतना बढ़ चुका है कि हालात बेकाबू हो गए हैं।
बुखार से दर्जनों मौतें हो चुकी हैं और अस्पतालों में मरीजों के लिए सही व्यवस्था नहीं है। यह सब गंदगी के कारण है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की सफाई नहीं हो रही है। जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस समस्या से उबरने के लिए आदेशित किया जाए।
उन्होंने नालों की सफाई, फॉगिंग, कूड़ा निस्तारण और हैंडपंपों की मरम्मत कराने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने अस्पतालों में दवाएं और मरीजों की सही इलाज मिलने की भी व्यवस्था करवाने की मांग की है।
सेवा भारती की ओर से शुक्रवार को ग्राम बछलौता में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बुखार व दर्द से पीड़ित करीब 200 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। सेवा भारती के जिला मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर में देवनंदिनी अस्पताल के चिकित्सक सुधांशु ने मरीजों की जांच की।
इस दौरान लगभग 200 मरीजों को निशुल्क दवाएं दी गईं। इस मौके पर कैलाश शर्मा, वैभव, रामकुमार, राधेश्याम, ग्राम प्रधान शेखपुर राजबीर सिंह, कृ ष्णवीर, ब्रजपाल आदि का सहयोग रहा।
नवनियुक्त एसडीएम ने गंगा आरती में भाग लेकर क्षेत्र में बुखार का प्रकोप थमने और सुख, शांति सहित खुशहाली की कामना की। नवनियुक्त एसडीएम आरएन पांडे ने बृहस्पतिवार देर शाम ब्रजघाट आरती स्थल पर आयोजित विशेष गंगा आरती में भाग लिया।
इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं से गंगा को प्रदूषणमुक्त करने में सहयोग देने की अपील की। इस मौके पर पंडित योगेंद्र पहलवान, विनय मिश्रा, राजकुमार लालू, पंडित अशोक शर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।