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गेहूं की आवक कम होने से क्रय केंद्र-आढ़तों पर सन्नाटा
अमर उजाला, हापुड़
Updated Sun, 23 Apr 2017 11:41 PM IST
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में गेहूं की कटाई और गहाई तेज होने के बावजूद मंडी में अधिकांश आढ़तों पर सन्नाटा पसरा है। वहीं, सरकारी क्रय केंद्र भी खरीद के लक्ष्य से काफी पीछे हैं। जबकि मंडी समिति के कर्मचारी किसानों को आढ़तों पर जाने से रोककर सरकारी क्रय केंद्रों पर जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उधर, दो फ्लोर मिलों के दलाल आसानी से अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं।
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सूत्रों के अनुसार हापुड़ जिले में कुल 26 गेहूं खरीद केंद्र खुले हैं जिन्हें खरीद का लक्ष्य 23 हजार मैट्रिक टन दिया गया था लेकिन अब तक केवल 1050 मैट्रिक टन गेहू ही खरीदा जा सका है। जबकि नवीन मंडी में अधिकांश आढ़तियों के यहां भी सन्नाटा पसरा है। वहीं, दो फ्लोर मिलों में गेहूं आसानी से उपलब्ध हो रहा है।
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हालांकि मंडी समिति के सचिव हर दयाल यादव फ्लोर मिल मालिकों का बचाव करते हुए कहते हैं कि यह लोग गंगा पार इलाकों से या फिर बुलंदशहर जिले से गेहूं खरीद रहे हैं। हालांकि इन फ्लोर मिलों के गेहूं खरीद के कागजात पर पूछताछ करने पर उनके पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।
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बल्कि उनका कहना था कि इतनी मात्रा में बिना कागजात गेहूं लाना संभव नहीं है। साथ ही कहा कि सूचनाएं मिल रही हैं कि पिछले साल जनवरी फरवरी माह में गेहूं काफी महंगा हो गया था। इसलिए कई किसान गेहूं का स्टाक कर रहे हैं।
हालांकि व्यापारियों की माने तो अधिकांश गेहूं नंबर दो में ही आ रहा है। इनकी मंडी समिति के कर्मचारियों से मिलीभगत है। हालांकि मंडी समिति ने इन फ्लोर मिलों को आने वाला गेहूं कभी पकड़ा ही नहीं है। इसके चलते इन दावों को बल मिल रहा है।