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वझीलपुर में गंदगी, श्यामपुर गांव में दबंगों ने बनाई चौपाल

Thu, 25 Aug 2016 08:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Thu, 25 Aug 2016 08:21 PM IST
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Shyampur village built by Dbangon Choupal.
लाखों की लागत से बने गांवों के स्वास्थ्य उपकेंद्र बीमार - फोटो : अमर उजाला

लाखों की लागत से ग्रामीणों के इलाज के लिए बनाए गए वझीलपुर व श्यामपुर गांव के स्वास्थ्य उपकेंद्र अब गंदगी और दबंगों के कब्जे के चलते ‘बीमार’ हैं। तहसील से महज सात किमी की दूरी पर बसे इन गांवों के ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी लापरवाह स्वास्थ्य अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नही है।

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दरअसल, वझीलपुर गांव की आबादी करीब आठ हजार है जबकि श्यामपुर (शाहबुद्दीनगर) गांव की आबादी भी करीब आठ हजार के आसपास है। दोनों गांवों के लोगों की सेहत बिगड़ने पर शहर की दौड़ लगाने से बचाने के लिए सरकार ने लाखों रुपये की लागत से यहां स्वास्थ्य उपकेंद्र बनवाया था।
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इन केंद्रों पर एएनएम को भी तैनात किया गया था लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह स्वास्थ्य उपकेंद्र अब गंदगी और दबंगों के कब्जे की चौपाल बन कर रह गया है। गांव निवासी संजीव त्यागी, ज्ञानेंद्र त्यागी, नरेंद्र सहवाग ने बताया कि हापुड़ से गांव की दूरी महज सात किलोमीटर है।
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गांव में बना स्वास्थ्य उपकेंद्र काफी सालों से बंद पड़ा है। दो माह से अब एएनएम भी नहीं आ रही है, जिसके कारण गांव के लोगों को अब हापुड़ जाना पड़ रहा है। इसी तरह, श्यामपुर के स्वास्थ्य उपकेंद्र पर दबंगों ने कब्जा कर चौपाल बना लिया है।

साथ ही अपना घरेलू सामान लकड़ी, उपले आदि रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अलावा प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

सीएमओ डॉ. एके सिंह का कहना है कि हर वर्ष ग्राम प्रधान और एएनएम के खाते में संयुक्त रूप से 10 हजार रुपये भेजे जाते हैं। इसके बाद भी यदि स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर गंदगी का आलम है तो इसकी जांच कराई जाएगी।


वहीं ग्राम प्रधान गंगाराम फौजी का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। करीब दो माह से एएनएम बीमार हैं। उनके आने पर ही रुपये मिलने के बारे में जानकारी मिल सकेगी। यदि पैसा मिलता है तो स्वास्थ्य उपकेंद्र की साफ-सफाई करा दी जाएगी।

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